छत्तीसगढ़ में “एक पेड़ मां के नाम 2.0” पौधारोपण लक्ष्य पूरा। वनमंत्री केदार कश्यप ने कहा—यह अभियान पर्यावरण संरक्षण और सामाजिक चेतना का प्रतीक है।
रायपुर। छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा चलाए जा रहे महत्वाकांक्षी अभियान “एक पेड़ मां के नाम 2.0” ने अपने पौधारोपण लक्ष्य को पूरा कर लिया है। वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री श्री केदार कश्यप ने इस उपलब्धि की जानकारी देते हुए कहा कि यह कार्यक्रम न केवल पर्यावरण संरक्षण बल्कि सामाजिक चेतना से भी जुड़ा हुआ है।
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अभियान का उद्देश्य
“एक पेड़ मां के नाम” अभियान की शुरुआत इस भाव के साथ की गई थी कि प्रत्येक नागरिक अपनी मां के नाम से एक पौधा लगाए और उसका संरक्षण करे। सरकार ने इस अभियान को और व्यापक स्वरूप देते हुए 2.0 संस्करण शुरू किया, जिसका लक्ष्य था कि पूरे प्रदेश में बड़े पैमाने पर पौधारोपण कर हरियाली को बढ़ावा दिया जाए।
पौधारोपण का लक्ष्य पूरा
वनमंत्री श्री केदार कश्यप ने बताया कि इस वर्ष निर्धारित पौधारोपण का लक्ष्य पूरी तरह हासिल कर लिया गया है। लाखों पौधों को प्रदेश के अलग-अलग जिलों में लगाया गया है। खास बात यह है कि यह कार्यक्रम केवल सरकारी स्तर तक सीमित नहीं रहा, बल्कि इसमें स्कूल, कॉलेज, पंचायतें, सामाजिक संगठन और आम लोग भी बड़ी संख्या में शामिल हुए।
पर्यावरण संरक्षण में बड़ा कदम
विशेषज्ञों का मानना है कि छत्तीसगढ़ जैसे खनिज और औद्योगिक गतिविधियों वाले राज्य में हरियाली का संरक्षण बेहद जरूरी है। इस अभियान से न केवल ऑक्सीजन की मात्रा बढ़ेगी, बल्कि प्रदूषण नियंत्रण और जलवायु परिवर्तन से निपटने में भी मदद मिलेगी।
सामाजिक जुड़ाव
कार्यक्रम का सबसे महत्वपूर्ण पहलू यह रहा कि लोगों ने इसे भावनात्मक रूप से अपनाया। अपनी मां के नाम से पौधा लगाने की परंपरा ने अभियान को सामाजिक आंदोलन का रूप दे दिया। हजारों परिवारों ने अपने प्रियजनों की स्मृति में भी पौधे लगाए।
सरकार की योजना
वन विभाग अब इस अभियान के अगले चरण पर काम कर रहा है। केवल पौधारोपण ही नहीं, बल्कि लगाए गए पौधों की सुरक्षा और संवर्धन पर भी जोर दिया जाएगा। इसके लिए वन समितियों और स्थानीय निकायों को जिम्मेदारी दी गई है।
जनभागीदारी की मिसाल
वनमंत्री ने कहा कि इस तरह के अभियानों में जनता की भागीदारी ही सफलता की कुंजी है। छत्तीसगढ़ की जनता ने जिस उत्साह के साथ इस कार्यक्रम में हिस्सा लिया है, वह आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा बनेगा।
भविष्य की तैयारी
सरकार का लक्ष्य है कि आने वाले वर्षों में “एक पेड़ मां के नाम” को स्थायी आंदोलन का स्वरूप दिया जाए। इसके साथ ही, प्रदेश को ग्रीन स्टेट बनाने की दिशा में कदम बढ़ाए जा रहे हैं।










