LIVE मंगलवार, 16 जून 2026
Advertisement Vastu Guruji
छत्तीसगढ़

छत्तीसगढ़ से गुजरने वाली 77 ट्रेनें रद्द: 7 से 19 जून तक यात्री परेशान

भारतीय रेलवे ने 7 जून से 19 जून तक छत्तीसगढ़ से होकर गुजरने वाली कुल 77 ट्रेनों को रद्द करने की घोषणा की है, जबकि 6 अन्य ट्रेनों को आंशिक रूप से निरस्त (शॉर्ट-टर्मिनेट) किया गया है। यह फैसला रेलवे ट्रैक के रख-रखाव और आधारभूत संरचना के उन्नयन कार्यों के कारण लिया गया है, जिसका सीधा असर छत्तीसगढ़ सहित 7 राज्यों के लाखों यात्रियों पर पड़ेगा। इस बड़े पैमाने पर ट्रेन रद्द होने से गर्मियों की छुट्टियों में यात्रा कर रहे या करने की योजना बना रहे यात्रियों को भारी असुविधा का सामना करना पड़ेगा, जिससे उनकी यात्रा योजनाएं अस्त-व्यस्त हो सकती हैं।

यात्रियों पर बड़ा असर

रेलवे द्वारा लिए गए इस फैसले से छत्तीसगढ़ के अलावा ओडिशा, महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, बिहार और पश्चिम बंगाल जैसे राज्यों के यात्री भी प्रभावित होंगे। ये ट्रेनें अक्सर लंबी दूरी की होती हैं और इनमें दैनिक यात्रियों के साथ-साथ छुट्टियों में घर जाने वाले या पर्यटन स्थलों की ओर बढ़ रहे लोग भी शामिल होते हैं। 13 दिनों की इस अवधि में इतनी बड़ी संख्या में ट्रेनों का रद्द होना यात्रियों के लिए एक बड़ी चुनौती है, क्योंकि उन्हें अब वैकल्पिक यात्रा विकल्पों जैसे बसों या निजी वाहनों की तलाश करनी होगी, जिससे किराया और यात्रा का समय दोनों बढ़ सकते हैं। कई यात्रियों ने पहले ही इन तारीखों के लिए अपनी टिकटें बुक करा ली होंगी, जिन्हें अब रद्द या पुनर्निर्धारित करना पड़ेगा। यह स्थिति ऐसे समय में आई है जब गर्मी की छुट्टियों के कारण ट्रेनों में भीड़ पहले से ही अधिक रहती है, जिससे वैकल्पिक साधनों पर भी दबाव बढ़ेगा।

रद्द और आंशिक रद्द ट्रेनों की सूची

images

रेलवे ने रद्द की गई 77 ट्रेनों और आंशिक रूप से निरस्त की गई 6 ट्रेनों की विस्तृत सूची जारी की है। यात्रियों को सलाह दी गई है कि वे अपनी यात्रा शुरू करने से पहले रेलवे की आधिकारिक वेबसाइट, NTES ऐप या हेल्पलाइन नंबर 139 पर अपनी ट्रेन की वर्तमान स्थिति की जांच अवश्य कर लें। आंशिक रूप से निरस्त ट्रेनों का अर्थ है कि वे अपने निर्धारित गंतव्य तक नहीं जाएंगी, बल्कि बीच में ही अपनी यात्रा समाप्त कर देंगी या किसी अन्य स्टेशन से अपनी यात्रा शुरू करेंगी। उदाहरण के लिए, यदि कोई ट्रेन दुर्ग से हावड़ा जाती है और उसे आंशिक रूप से निरस्त किया जाता है, तो हो सकता है कि वह केवल रायपुर तक ही जाए या बिलासपुर से शुरू हो। यह विशेष रूप से उन यात्रियों के लिए भ्रम पैदा कर सकता है जो बीच के स्टेशनों से चढ़ने या उतरने वाले होते हैं, और उन्हें अपनी आगे की यात्रा के लिए नए सिरे से योजना बनानी पड़ सकती है। इस अवधि के दौरान, रेलवे ने संबंधित स्टेशनों पर अतिरिक्त कर्मचारियों को तैनात करने की योजना बनाई है ताकि यात्रियों को सही जानकारी मिल सके और उन्हें होने वाली परेशानी को कम किया जा सके।

रेलवे का स्पष्टीकरण और वैकल्पिक व्यवस्था

रेलवे अधिकारियों ने बताया है कि यह कदम यात्रियों की सुरक्षा और रेल परिचालन की दक्षता में सुधार के लिए आवश्यक है। ट्रैक के रख-रखाव, सिग्नल प्रणाली के उन्नयन और पुलों के निर्माण जैसे कार्य निर्बाध रेल यातायात के लिए महत्वपूर्ण होते हैं। इन कार्यों के पूरा होने के बाद, ट्रेनें अधिक सुरक्षित और समय पर चल पाएंगी। हालांकि, तत्काल प्रभाव से यात्रियों को होने वाली असुविधा को कम करने के लिए रेलवे ने कुछ प्रयास किए हैं। जिन यात्रियों ने अपनी टिकटें ऑनलाइन बुक की थीं, उन्हें स्वतः ही पूरा रिफंड मिल जाएगा। काउंटर से टिकट खरीदने वाले यात्रियों को रिफंड के लिए संबंधित रेलवे काउंटर पर संपर्क करना होगा। हालांकि, इस बड़े पैमाने पर रद्द होने के कारण, यात्रियों के लिए तत्काल वैकल्पिक ट्रेनें ढूंढना मुश्किल होगा। रेलवे अक्सर ऐसे मामलों में कुछ विशेष ट्रेनें चलाने पर विचार करता है, लेकिन इस बार इसकी जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है, जिससे यात्रियों को स्वयं ही समाधान खोजना होगा।

विज्ञापन
Advertisement

आगे क्या

यात्रियों को सलाह दी जाती है कि वे अपनी यात्रा योजनाओं को अंतिम रूप देने से पहले रेलवे की नवीनतम घोषणाओं पर ध्यान दें। यह सुनिश्चित करें कि आप अपनी यात्रा की तारीखों के लिए अपनी ट्रेन की स्थिति की दोबारा जांच करें। यदि संभव हो, तो अपनी यात्रा को पुनर्निर्धारित करने या यात्रा के लिए अन्य साधनों पर विचार करें। रेलवे द्वारा किए जा रहे ये कार्य भविष्य में बेहतर और सुरक्षित रेल सेवा प्रदान करने के लिए महत्वपूर्ण हैं, लेकिन वर्तमान में इनसे यात्रियों को काफी धैर्य और समझदारी से काम लेना होगा। उम्मीद है कि इन 13 दिनों के बाद, रेलवे सेवाएं सामान्य और अधिक सुचारु रूप से चलेंगी, जिससे यात्रियों को एक बेहतर अनुभव मिलेगा। यह स्थिति भारतीय रेलवे के बुनियादी ढांचे के आधुनिकीकरण की चल रही प्रक्रिया का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य देश भर में रेल नेटवर्क को मजबूत करना और यात्रियों को विश्व स्तरीय सुविधाएं प्रदान करना है।

Dipti Das
लेखक / Author

दीप्ति दास दबंग आवाज़ की संवाददाता हैं, जो विभिन्न विषयों पर सटीक और संतुलित रिपोर्टिंग के लिए जानी जाती हैं।