छत्तीसगढ़ में 9 से 23 अप्रैल तक 8वां पोषण पखवाड़ा मनाया जाएगा, जिसका उद्देश्य कुपोषण के खिलाफ जागरूकता और जनभागीदारी बढ़ाना है।
रायपुर। छत्तीसगढ़ में 9 अप्रैल से 23 अप्रैल तक 8वां पोषण पखवाड़ा मनाया जाएगा। इस अभियान का उद्देश्य कुपोषण के खिलाफ जागरूकता बढ़ाना और समाज के सभी वर्गों को इस जन-आंदोलन से जोड़ना है। पोषण पखवाड़ा के दौरान राज्यभर में विभिन्न जागरूकता कार्यक्रम और गतिविधियां आयोजित की जाएंगी।
महिला एवं बाल विकास विभाग के सहयोग से आयोजित इस अभियान के तहत आंगनबाड़ी केंद्रों, स्कूलों और समुदाय स्तर पर लोगों को संतुलित आहार और पोषण के महत्व के बारे में जानकारी दी जाएगी। इसके साथ ही गर्भवती महिलाओं, धात्री माताओं और बच्चों के स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
कुपोषण के खिलाफ जन-जागरूकता
पोषण पखवाड़ा का मुख्य उद्देश्य कुपोषण की समस्या के प्रति लोगों को जागरूक करना और उन्हें स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित करना है। इस दौरान विभिन्न कार्यक्रमों के माध्यम से लोगों को पौष्टिक आहार, स्वच्छता और स्वास्थ्य संबंधी जानकारी दी जाएगी।
अधिकारियों के अनुसार कुपोषण को दूर करने के लिए समाज के सभी वर्गों की भागीदारी जरूरी है। इसलिए इस अभियान को जन-आंदोलन के रूप में आगे बढ़ाने का प्रयास किया जा रहा है।
आंगनबाड़ी केंद्रों में विशेष गतिविधियां
पोषण पखवाड़ा के दौरान राज्य के आंगनबाड़ी केंद्रों में कई विशेष गतिविधियां आयोजित की जाएंगी। इनमें पोषण से संबंधित जागरूकता कार्यक्रम, स्वास्थ्य जांच, पोषण आहार प्रदर्शन और परामर्श शिविर शामिल होंगे।
आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और स्वास्थ्य कर्मी घर-घर जाकर लोगों को पौष्टिक आहार और बच्चों के स्वास्थ्य के बारे में जानकारी देंगे।
गर्भवती महिलाओं और बच्चों पर विशेष ध्यान
इस अभियान में गर्भवती महिलाओं, नवजात शिशुओं और छोटे बच्चों के स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। उन्हें संतुलित आहार, नियमित स्वास्थ्य जांच और टीकाकरण के महत्व के बारे में बताया जाएगा।
विशेषज्ञों का कहना है कि शुरुआती उम्र में सही पोषण मिलने से बच्चों के शारीरिक और मानसिक विकास पर सकारात्मक प्रभाव पड़ता है।
जनभागीदारी से मिलेगा अभियान को बल
अधिकारियों का कहना है कि पोषण पखवाड़ा को सफल बनाने के लिए विभिन्न विभागों, सामाजिक संगठनों और समुदाय की भागीदारी सुनिश्चित की जा रही है। इससे कुपोषण के खिलाफ जागरूकता अभियान को व्यापक स्तर पर फैलाने में मदद मिलेगी।
लोगों को यह संदेश दिया जाएगा कि स्वस्थ समाज के निर्माण के लिए पोषण और स्वास्थ्य के प्रति जागरूक होना बेहद जरूरी है।
स्वस्थ भविष्य की दिशा में पहल
विशेषज्ञों का मानना है कि पोषण पखवाड़ा जैसे अभियान कुपोषण की समस्या को कम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। इससे लोगों को सही जानकारी मिलती है और वे स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित होते हैं।
इस प्रकार छत्तीसगढ़ में आयोजित होने वाला 8वां पोषण पखवाड़ा कुपोषण के खिलाफ जन-आंदोलन को और मजबूत बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।




