मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ संस्कार, नैतिक मूल्य और चरित्र निर्माण विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए आवश्यक हैं।
रायपुर, 16 जून 2026। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा है कि शिक्षा का उद्देश्य केवल विद्यार्थियों को ज्ञान प्रदान करना नहीं, बल्कि उनमें नैतिक मूल्यों, भारतीय संस्कृति और संस्कारों का विकास करना भी है। उन्होंने कहा कि नई पीढ़ी को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ संस्कारयुक्त वातावरण उपलब्ध कराना राज्य सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि वर्तमान समय में शिक्षा और संस्कार दोनों का संतुलन आवश्यक है। विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए शैक्षणिक उत्कृष्टता के साथ-साथ चरित्र निर्माण, अनुशासन, राष्ट्रभक्ति और सामाजिक जिम्मेदारियों का बोध भी जरूरी है। उन्होंने कहा कि विद्यालय ऐसे केंद्र हैं जहां बच्चों के भविष्य की नींव रखी जाती है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार शिक्षा व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। आधुनिक सुविधाओं से युक्त विद्यालय, डिजिटल शिक्षा, स्मार्ट क्लास, विज्ञान एवं कंप्यूटर प्रयोगशालाओं का विस्तार किया जा रहा है ताकि विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध हो सके।
उन्होंने अभिभावकों और शिक्षकों की भूमिका को महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि बच्चों के व्यक्तित्व निर्माण में परिवार और विद्यालय दोनों की समान जिम्मेदारी होती है। यदि शिक्षा के साथ संस्कारों का समावेश किया जाए तो समाज को जिम्मेदार, जागरूक और राष्ट्रहित में कार्य करने वाले नागरिक मिलेंगे।
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने विद्यार्थियों से मन लगाकर अध्ययन करने, अनुशासन का पालन करने तथा अपने माता-पिता एवं शिक्षकों का सम्मान करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि युवा पीढ़ी ही देश और प्रदेश के उज्ज्वल भविष्य की आधारशिला है।
कार्यक्रम में उपस्थित शिक्षकों, अभिभावकों एवं विद्यार्थियों ने मुख्यमंत्री के विचारों का स्वागत किया और शिक्षा के साथ संस्कारों के महत्व पर सहमति व्यक्त की। कार्यक्रम का समापन राष्ट्र निर्माण में शिक्षा की भूमिका पर सकारात्मक संदेश के साथ हुआ।




