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एयर इंडिया एक्सप्रेस: मस्कट में उड़ान के दौरान रनवे पर हादसा, विमान खड़ा

मस्कट से कन्नूर के लिए उड़ान भरने वाली एयर इंडिया एक्सप्रेस की एक बोइंग 737-800 विमान 15 मई, 2026 को ओमान हवाई अड्डे पर टेकऑफ के दौरान एक गंभीर दुर्घटना का शिकार हो गया, जिससे रनवे की एज लाइटें क्षतिग्रस्त हो गईं। इस घटना के बाद विमान को तत्काल खड़ा कर दिया गया है और ओमान के विमान दुर्घटना जांच निकाय ने इसे एक दुर्घटना करार देते हुए विस्तृत जांच शुरू कर दी है। यह विमान पिछले नौ दिनों से मस्कट में ही फंसा हुआ है, जिससे उड़ान सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।

घटना का विस्तृत विवरण

यह घटना 15 मई, 2026 को उस समय हुई जब एयर इंडिया एक्सप्रेस का विमान उड़ान भरने की तैयारी कर रहा था। प्रारंभिक रिपोर्टों के अनुसार, टेकऑफ के दौरान विमान गलती से रनवे की मुख्य पट्टी के बजाय रनवे एज लाइटों को ही रनवे मानकर उनके साथ संरेखित (align) हो गया। इसी प्रक्रिया में विमान ने इन लाइटों को भारी नुकसान पहुंचाया। चालक दल को कॉकपिट में एक जोरदार “बड़ी धमाके” की आवाज सुनाई दी और तुरंत अलर्ट मिला, जिसके बाद उन्होंने टेकऑफ को रद्द करने का निर्णय लिया। इस टक्कर के परिणामस्वरूप विमान में हाइड्रोलिक रिसाव (hydraulic leak) हो गया और एक टायर भी फट गया। यह एक गंभीर सुरक्षा चूक मानी जाती है, क्योंकि रनवे एज लाइटें विमान को रनवे की चौड़ाई और सीमा का संकेत देती हैं, न कि उड़ान भरने वाली सतह का। ऐसी गलती से बड़ा हादसा हो सकता था।

विमान की स्थिति और जांच

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दुर्घटना के बाद से एयर इंडिया एक्सप्रेस का बोइंग 737-800 विमान मस्कट हवाई अड्डे पर ही खड़ा है। यह घटना के बाद से नौ दिनों से अधिक समय से वहीं फंसा हुआ है, और इसकी मरम्मत तथा सुरक्षा जांच पूरी होने तक इसे उड़ान भरने की अनुमति नहीं दी जाएगी। ओमान के विमान दुर्घटना जांच निकाय ने इस घटना को एक “दुर्घटना” के रूप में वर्गीकृत किया है और इसकी गहन जांच शुरू कर दी है। जांचकर्ता यह पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि आखिर चालक दल से यह गलती क्यों हुई और क्या इसमें कोई तकनीकी खराबी, मानवीय त्रुटि या अन्य पर्यावरणीय कारक शामिल थे। इस प्रकार की दुर्घटनाएँ विमानन सुरक्षा के लिए गंभीर चिंता का विषय होती हैं, क्योंकि ये रनवे पर मौजूद अन्य विमानों या कर्मियों के लिए भी खतरा पैदा कर सकती हैं और हवाई अड्डे के संचालन को भी बाधित कर सकती हैं।

उड़ान सुरक्षा पर गंभीर सवाल

यह घटना विमानन सुरक्षा प्रोटोकॉल और पायलट प्रशिक्षण पर गंभीर सवाल खड़े करती है। रनवे पर विमान का सही संरेखण (alignment) उड़ान सुरक्षा का एक मूलभूत पहलू है। पायलटों को रनवे के चिह्नों और लाइटों की पहचान करने और उनका सही ढंग से पालन करने के लिए कठोर प्रशिक्षण दिया जाता है। इस मामले में, विमान का रनवे एज लाइटों के साथ संरेखित होना एक असामान्य और चिंताजनक त्रुटि है। जांच में यह भी देखा जाएगा कि क्या हवाई अड्डे पर रनवे चिह्नों या लाइटों में कोई अस्पष्टता थी, या फिर एयर ट्रैफिक कंट्रोल (ATC) से कोई निर्देश संबंधी चूक हुई थी। एयर इंडिया एक्सप्रेस और भारतीय विमानन नियामक भी इस जांच के नतीजों पर बारीकी से नज़र रखेंगे ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके। इस तरह की घटनाएं यात्रियों के मन में भी उड़ान सुरक्षा को लेकर चिंता पैदा करती हैं और एयरलाइंस को अपनी प्रक्रियाओं की समीक्षा करने के लिए प्रेरित करती हैं।

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आगे की राह और संभावित प्रभाव

जांच पूरी होने और विमान की मरम्मत होने में अभी कुछ समय लगेगा। इस दौरान, मस्कट से कन्नूर के लिए उड़ान भरने वाले यात्रियों को असुविधा का सामना करना पड़ा होगा, और एयर इंडिया एक्सप्रेस को वैकल्पिक व्यवस्था करनी पड़ी होगी। ओमान के जांच निकाय की रिपोर्ट आने के बाद ही इस दुर्घटना के वास्तविक कारणों का पता चलेगा। रिपोर्ट में संभावित रूप से सुरक्षा सिफारिशें भी शामिल होंगी, जिन्हें एयरलाइंस और हवाई अड्डों को अपनी प्रक्रियाओं में शामिल करना होगा। इस घटना से एयर इंडिया एक्सप्रेस को न केवल वित्तीय नुकसान हुआ है, बल्कि उसकी प्रतिष्ठा पर भी असर पड़ा है। यह घटना दुनिया भर की एयरलाइंस के लिए एक महत्वपूर्ण सबक है कि टेकऑफ जैसी महत्वपूर्ण प्रक्रियाओं में भी थोड़ी सी चूक बड़े और गंभीर परिणाम दे सकती है। विमानन उद्योग में सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है, और ऐसी घटनाओं की गहन जांच यह सुनिश्चित करने के लिए महत्वपूर्ण है कि आकाश में यात्रा हमेशा सुरक्षित रहे और यात्रियों का विश्वास बना रहे।

Dipti Das
लेखक / Author

दीप्ति दास दबंग आवाज़ की संवाददाता हैं, जो विभिन्न विषयों पर सटीक और संतुलित रिपोर्टिंग के लिए जानी जाती हैं।