डिजिटल स्वास्थ्य सेवाओं में बस्तर संभाग पूरे प्रदेश के लिए एक मिसाल बन रहा है, जहां टेलीमेडिसिन और ई-हेल्थ सुविधाएं दूरस्थ अंचलों तक पहुंच रही हैं।
जगदलपुर। बस्तर संभाग अब पूरे प्रदेश के लिए डिजिटल स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में एक अनुकरणीय मॉडल के रूप में उभर रहा है। आधुनिक तकनीक, सशक्त प्रबंधन और स्वास्थ्य ढांचे में सुधार के चलते यहां की डिजिटल हेल्थ सुविधाएं ग्रामीण और दूरस्थ अंचलों तक सफलतापूर्वक पहुंच रही हैं।
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डिजिटल हेल्थ का विस्तार
स्वास्थ्य विभाग और जिला प्रशासन की संयुक्त पहल से बस्तर संभाग के विभिन्न स्वास्थ्य केंद्रों, प्राथमिक स्वास्थ्य इकाइयों और जिला अस्पतालों में डिजिटल सुविधाओं का तेजी से विस्तार हुआ है। इसमें टेलीमेडिसिन सेवाएं, ई-हॉस्पिटल मैनेजमेंट सिस्टम, ऑनलाइन अपॉइंटमेंट, डिजिटल हेल्थ रिकॉर्ड और मोबाइल हेल्थ एप शामिल हैं।
दूरस्थ क्षेत्रों को मिला लाभ
पहले जहां पहाड़ी और जंगल क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को मामूली इलाज के लिए भी कई किलोमीटर दूर आना पड़ता था, अब वहीं टेलीमेडिसिन केंद्रों के माध्यम से विशेषज्ञ डॉक्टरों से सीधा परामर्श संभव हो गया है। इससे समय, पैसा और श्रम की बचत हो रही है, साथ ही गंभीर बीमारियों का समय पर निदान भी संभव हो पा रहा है।
राज्य सरकार की पहल
राज्य सरकार ने ‘डिजिटल हेल्थ बस्तर’ अभियान के तहत कई नवाचार किए हैं। इसके अंतर्गत स्वास्थ्य कर्मियों को टैबलेट और डिजिटल टूल्स उपलब्ध कराए गए हैं, जिससे मरीजों का डेटा तुरंत दर्ज और अपडेट किया जा सके। इसके अलावा, डिजिटल भुगतान के माध्यम से दवाओं और जांचों के शुल्क का भुगतान भी आसान हो गया है।
महिलाओं और बच्चों के लिए विशेष लाभ
मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं में डिजिटल प्रणाली ने खास भूमिका निभाई है। गर्भवती महिलाओं का पूरा स्वास्थ्य रिकॉर्ड डिजिटल रूप से उपलब्ध होने से समय पर टीकाकरण, पोषण और चिकित्सा देखभाल सुनिश्चित हो रही है।
स्वास्थ्य कर्मियों का प्रशिक्षण
डिजिटल हेल्थ सुविधाओं को प्रभावी बनाने के लिए स्वास्थ्य कर्मियों का नियमित प्रशिक्षण किया जा रहा है। इसके अंतर्गत उन्हें तकनीकी उपकरणों के उपयोग और डेटा प्रबंधन की जानकारी दी जाती है।
विशेषज्ञों की राय
स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि बस्तर का यह मॉडल अन्य जिलों में भी अपनाया जा सकता है। यह न केवल स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता बढ़ाएगा, बल्कि ग्रामीण स्वास्थ्य ढांचे को मजबूत करने में भी मदद करेगा।
जनता की प्रतिक्रिया
स्थानीय लोगों का कहना है कि डिजिटल स्वास्थ्य सुविधाओं के आने से उनका जीवन आसान हुआ है। पहले जहां छोटी बीमारियों के लिए भी अस्पताल के चक्कर लगाने पड़ते थे, अब घर के पास ही समाधान मिल जाता है।
भविष्य की योजना
प्रशासन का लक्ष्य है कि अगले एक वर्ष में बस्तर संभाग के सभी स्वास्थ्य केंद्र 100% डिजिटल प्रणाली से जुड़ जाएं और हर नागरिक का यूनिक हेल्थ आईडी कार्ड बने।










