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छत्तीसगढ़

छत्तीसगढ़: भीषण गर्मी से मिलेगी राहत, 3 दिन आंधी-बारिश के आसार

छत्तीसगढ़ में भीषण गर्मी से जूझ रहे लोगों के लिए राहत की खबर है। मौसम विभाग ने अगले तीन दिनों तक राज्य के कई हिस्सों में आंधी, गरज-चमक के साथ बारिश की संभावना जताई है, जिससे तापमान में उल्लेखनीय गिरावट आने की उम्मीद है। मई महीने में कई बार 45 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंचे पारे ने पिछले 28 साल का रिकॉर्ड बनाए रखा था, लेकिन अब पश्चिमी विक्षोभ और बंगाल की खाड़ी से आ रही नमी के कारण मौसम में बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा। यह बदलाव राज्य को कई हफ्तों से जारी लू और असहनीय गर्मी से मुक्ति दिलाएगा।

गर्मी का लंबा दौर और रिकॉर्ड

इस साल मई का महीना छत्तीसगढ़ के लिए अत्यधिक गर्म साबित हुआ है। राज्य के अधिकांश शहरों में तापमान लगातार 40 डिग्री सेल्सियस से ऊपर बना रहा, जबकि कई बार यह 45 डिग्री सेल्सियस के आंकड़े को भी पार कर गया। पिछले 28 सालों में ऐसा कम ही देखने को मिला है कि मई में इतनी लंबी अवधि तक भीषण गर्मी का प्रकोप जारी रहा हो। राजधानी रायपुर समेत बिलासपुर, दुर्ग, राजनांदगांव और जांजगीर-चांपा जैसे प्रमुख शहरों में दिन का तापमान सामान्य से काफी अधिक दर्ज किया गया। भीषण गर्मी और लू के कारण लोगों का जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ। दोपहर के समय सड़कें सुनसान रहीं और हीटस्ट्रोक के मामलों में भी वृद्धि देखी गई। इस साल की गर्मी ने न सिर्फ दैनिक जीवन को प्रभावित किया, बल्कि बिजली की खपत में भी रिकॉर्ड वृद्धि दर्ज की गई। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, लंबे समय तक शुष्क हवाओं का चलना और नमी की कमी इस भीषण गर्मी का मुख्य कारण रही।

आगामी तीन दिनों का मौसम पूर्वानुमान

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भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के स्थानीय केंद्र के अनुसार, अगले तीन दिनों तक छत्तीसगढ़ में मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल जाएगा। 28 मई से लेकर 30 मई तक राज्य के विभिन्न जिलों में गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है। इसके साथ ही 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने और कुछ स्थानों पर धूल भरी आंधी आने का भी अनुमान है। यह मौसमी बदलाव एक पश्चिमी विक्षोभ और बंगाल की खाड़ी से आ रही नमी के संगम के कारण हो रहा है। खासकर उत्तरी और मध्य छत्तीसगढ़ के जिलों में इसका असर ज्यादा देखने को मिलेगा। इस दौरान दिन के तापमान में 3 से 5 डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट दर्ज की जा सकती है, जिससे लोगों को गर्मी से बड़ी राहत मिलेगी। रात के तापमान में भी हल्की कमी आने की उम्मीद है, जिससे रातें भी अपेक्षाकृत ठंडी हो जाएंगी।

राहत के बाद भी सावधानी जरूरी

हालांकि, मौसम में बदलाव और बारिश की संभावना राहत लेकर आ रही है, फिर भी लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। मौसम विभाग ने आंधी और गरज-चमक के दौरान खुले स्थानों पर न रहने, पेड़ों के नीचे शरण न लेने और बिजली के खंभों से दूर रहने की अपील की है। कुछ स्थानों पर ओलावृष्टि की भी हल्की संभावना से इनकार नहीं किया गया है, हालांकि इसकी व्यापकता कम होगी। किसानों को भी सलाह दी गई है कि वे अपनी फसलों की सुरक्षा के लिए आवश्यक उपाय करें, खासकर यदि उनकी फसलें कटाई के करीब हों। अचानक मौसम में होने वाले इस बदलाव से कुछ स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं भी उत्पन्न हो सकती हैं, इसलिए गर्म से ठंडे माहौल में जाने पर शरीर को अनुकूलित होने का समय देना महत्वपूर्ण है। बच्चों और बुजुर्गों को खासकर मौसम के इस परिवर्तन के दौरान अपनी सेहत का विशेष ध्यान रखना चाहिए।

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जलवायु परिवर्तन और चरम मौसम

इस साल छत्तीसगढ़ में पड़ी रिकॉर्ड तोड़ गर्मी और अब अचानक आंधी-बारिश का यह पैटर्न वैश्विक जलवायु परिवर्तन के बढ़ते प्रभाव का एक स्पष्ट संकेत है। पिछले कुछ वर्षों से भारत सहित दुनिया के कई हिस्सों में चरम मौसमी घटनाएं (Extreme Weather Events) अधिक बार और तीव्र हो रही हैं। अत्यधिक गर्मी, अप्रत्याशित बारिश, सूखे और बाढ़ जैसी घटनाएं अब सामान्य होती जा रही हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि जीवाश्म ईंधन के उपयोग और वनों की कटाई जैसे मानवीय गतिविधियों के कारण पृथ्वी का तापमान बढ़ रहा है, जिससे मौसम चक्र में असंतुलन पैदा हो रहा है। छत्तीसगढ़ में मई में 45 डिग्री सेल्सियस के आंकड़े को बार-बार छूना और फिर अचानक बड़े पैमाने पर आंधी-बारिश का आना इसी अनिश्चितता को दर्शाता है। यह स्थिति दीर्घकालिक योजना और जलवायु परिवर्तन के प्रभावों को कम करने के लिए तत्काल कार्रवाई की आवश्यकता पर जोर देती है, ताकि भविष्य में ऐसी चरम मौसमी घटनाओं से होने वाले नुकसान को कम किया जा सके।

Dipti Das
लेखक / Author

दीप्ति दास दबंग आवाज़ की संवाददाता हैं, जो विभिन्न विषयों पर सटीक और संतुलित रिपोर्टिंग के लिए जानी जाती हैं।