LIVE बुधवार, 17 जून 2026
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छत्तीसगढ़

छत्तीसगढ़ में राशन वितरण में AI-GPS की एंट्री, सीएम साय ने जताई खुशी

छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने राज्य की सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) को और अधिक पारदर्शी और कुशल बनाने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। उन्होंने SARTHAK-PDS फेज-2 का शुभारंभ किया, जिसके तहत अब राशन वितरण में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और ग्लोबल पोजिशनिंग सिस्टम (GPS) जैसी आधुनिक तकनीकों का इस्तेमाल किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने इस पहल पर खुशी व्यक्त करते हुए कहा कि यह तकनीक गरीबों तक सही समय पर और बिना किसी बाधा के राशन पहुंचाने में मील का पत्थर साबित होगी। यह योजना राज्य भर में राशन वितरण की निगरानी और प्रबंधन में क्रांतिकारी बदलाव लाने का लक्ष्य रखती है।

सार्थक-पीडीएस फेज-2: एक नई क्रांति

SARTHAK-PDS फेज-2 का उद्देश्य छत्तीसगढ़ की खाद्य सुरक्षा व्यवस्था में व्याप्त कमियों को दूर कर उसे अत्याधुनिक बनाना है। यह पहल राशन के वितरण में होने वाली हेराफेरी, लीकेज और देरी जैसी पुरानी समस्याओं से निपटने के लिए तैयार की गई है। इस चरण में, AI का उपयोग डेटा विश्लेषण, लाभार्थियों की पहचान, मांग का पूर्वानुमान लगाने और संभावित धोखाधड़ी का पता लगाने के लिए किया जाएगा। वहीं, GPS तकनीक से राशन परिवहन करने वाले वाहनों की वास्तविक समय में निगरानी की जाएगी, जिससे यह सुनिश्चित हो सके कि राशन सही दुकानों और सही समय पर पहुंचे। यह प्रणाली न केवल वितरण श्रृंखला को सुव्यवस्थित करेगी बल्कि सरकार को खाद्य आपूर्ति के प्रबंधन में अधिक सूचित निर्णय लेने में भी मदद करेगी।

मुख्यमंत्री साय का विजन और अपेक्षाएं

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने SARTHAK-PDS फेज-2 के लॉन्च पर अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि उनकी सरकार का लक्ष्य सुशासन और जनकल्याण के लिए प्रौद्योगिकी का अधिकतम उपयोग करना है। उन्होंने जोर देकर कहा कि इस नई प्रणाली से यह सुनिश्चित होगा कि कोई भी पात्र व्यक्ति अपने हिस्से के राशन से वंचित न रहे। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह कदम छत्तीसगढ़ को खाद्य सुरक्षा के क्षेत्र में एक मॉडल राज्य बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पड़ाव है। उनका विजन स्पष्ट है: बिचौलियों की भूमिका को समाप्त करना और सीधे लाभार्थियों तक लाभ पहुंचाना। उन्होंने उम्मीद जताई कि यह तकनीक न केवल पारदर्शिता बढ़ाएगी बल्कि वितरण प्रक्रिया में जवाबदेही भी तय करेगी, जिससे राज्य के लाखों गरीब परिवारों को सीधा लाभ मिलेगा।

तकनीकी एकीकरण से लाभ

AI और GPS का एकीकरण छत्तीसगढ़ की राशन वितरण प्रणाली में कई महत्वपूर्ण लाभ लाएगा। सबसे पहले, पारदर्शिता बढ़ेगी, क्योंकि हर कदम की निगरानी और रिकॉर्ड रखा जाएगा। दूसरा, दक्षता में सुधार होगा, जिससे राशन की डिलीवरी तेज होगी और स्टॉक प्रबंधन बेहतर हो पाएगा। तीसरा, जवाबदेही तय करना आसान होगा, क्योंकि किसी भी विसंगति की पहचान तुरंत की जा सकेगी। चौथा, लाभार्थियों को सुविधा मिलेगी, क्योंकि उन्हें अपने राशन के लिए कम इंतजार करना पड़ेगा और उन्हें यह आश्वासन होगा कि उनका हक उन तक पहुंचेगा। AI की मदद से, सिस्टम भविष्य की जरूरतों का अनुमान लगा सकेगा और आपूर्ति श्रृंखला को उसी के अनुसार अनुकूलित कर सकेगा, जबकि GPS यह सुनिश्चित करेगा कि राशन वाहन निर्धारित मार्गों का पालन करें और समय पर उचित मूल्य की दुकानों तक पहुंचें, जिससे डायवर्जन की संभावना कम हो जाएगी।

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आगे की राह और चुनौतियाँ

हालांकि SARTHAK-PDS फेज-2 एक अत्यंत महत्वाकांक्षी और लाभकारी पहल है, इसकी सफल कार्यान्वयन में कुछ चुनौतियाँ भी सामने आ सकती हैं। इनमें दूरदराज के इलाकों में इंटरनेट कनेक्टिविटी की समस्या, उचित मूल्य की दुकान संचालकों और लाभार्थियों के बीच डिजिटल साक्षरता की कमी, और नई तकनीक के रखरखाव व उन्नयन की आवश्यकता शामिल है। इन चुनौतियों से निपटने के लिए, सरकार को संबंधित कर्मचारियों के लिए व्यापक प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित करने होंगे और तकनीकी सहायता तंत्र को मजबूत करना होगा। इसके अतिरिक्त, लाभार्थियों को भी इस नई प्रणाली के बारे में जागरूक करना महत्वपूर्ण होगा। मुख्यमंत्री साय की सरकार इन चुनौतियों से पार पाने और छत्तीसगढ़ को सार्वजनिक वितरण प्रणाली में एक अग्रणी राज्य बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। यह पहल केंद्र सरकार के डिजिटल इंडिया और खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करने के व्यापक लक्ष्यों के अनुरूप है।

Dipti Das
लेखक / Author

दीप्ति दास दबंग आवाज़ की संवाददाता हैं, जो विभिन्न विषयों पर सटीक और संतुलित रिपोर्टिंग के लिए जानी जाती हैं।