सीएसवीटीयू ने नामांकन के लिए एबीसी आईडी अनिवार्य की। अब छात्रों को आवेदन के साथ एबीसी आईडी प्रस्तुत करनी होगी, अन्यथा नामांकन स्वीकार नहीं होगा।
भिलाई । छत्तीसगढ़ स्वामी विवेकानंद तकनीकी विश्वविद्यालय (CSVTU) ने नए शैक्षणिक सत्र से एक अहम नियम लागू किया है। अब विश्वविद्यालय में नामांकन कराने वाले हर छात्र को एबीसी आईडी (Academic Bank of Credits ID) के साथ ही आवेदन करना होगा। बिना एबीसी आईडी के आवेदन मान्य नहीं होगा।
इस फैसले के बाद तकनीकी शिक्षा से जुड़े हजारों छात्रों को अब एबीसी आईडी बनवाना अनिवार्य हो गया है।
क्या है एबीसी आईडी?
एबीसी आईडी यानी Academic Bank of Credits ID, राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP-2020) के तहत लागू की गई एक व्यवस्था है।
- इसमें छात्र की शैक्षणिक उपलब्धियों का डिजिटल रिकॉर्ड रखा जाता है।
- इसे आधार कार्ड या अन्य सरकारी पहचान पत्र से जोड़कर बनाया जाता है।
- छात्र के कोर्स, परीक्षा परिणाम और क्रेडिट इसमें दर्ज रहते हैं।
- इससे छात्र किसी भी समय एक संस्थान से दूसरे संस्थान में क्रेडिट ट्रांसफर कर सकते हैं।
विश्वविद्यालय का आदेश
सीएसवीटीयू प्रशासन ने सभी संबद्ध कॉलेजों को निर्देश जारी कर दिए हैं कि नए नामांकन के समय छात्रों की एबीसी आईडी अनिवार्य रूप से जांची जाए।
- जो छात्र आईडी प्रस्तुत नहीं करेंगे, उनका नामांकन आवेदन स्वीकार नहीं होगा।
- कॉलेज प्रबंधन को भी यह सुनिश्चित करना होगा कि हर छात्र का एबीसी आईडी नंबर पोर्टल पर अपडेट हो।
क्यों जरूरी है एबीसी आईडी?
राष्ट्रीय शिक्षा नीति के तहत उच्च शिक्षा में लचीलापन बढ़ाने के लिए एबीसी आईडी लागू की गई है।
- यह छात्रों को मल्टीपल एंट्री और एग्जिट सिस्टम की सुविधा देती है।
- अगर कोई छात्र बीच में कोर्स छोड़ देता है, तो भी उसके क्रेडिट सुरक्षित रहते हैं।
- भविष्य में पढ़ाई दोबारा शुरू करने पर वही क्रेडिट मान्य होंगे।
- इससे शिक्षा प्रणाली अधिक पारदर्शी और डिजिटल होगी।
छात्रों की प्रतिक्रिया
सीएसवीटीयू के इस फैसले पर छात्रों की मिश्रित प्रतिक्रिया सामने आई है।
- कुछ छात्रों का कहना है कि यह कदम पारदर्शिता बढ़ाएगा और उन्हें भविष्य में लाभ होगा।
- वहीं, कई छात्रों को एबीसी आईडी बनाने की प्रक्रिया जटिल लग रही है।
- ग्रामीण इलाकों के छात्रों ने शिकायत की है कि पोर्टल पर बार-बार तकनीकी दिक्कतें आती हैं।
कॉलेज प्रशासन की चुनौतियाँ
कॉलेजों का कहना है कि अचानक नियम लागू होने से उन्हें छात्रों को जागरूक करने और प्रक्रिया पूरी करने में दिक्कतें आ रही हैं।
- कुछ कॉलेजों ने वर्कशॉप आयोजित कर छात्रों को एबीसी आईडी बनाने की जानकारी दी है।
- हालांकि, तकनीकी खामियों और इंटरनेट समस्या से कई छात्रों को अभी तक आईडी नहीं मिल पाई है।
विशेषज्ञों की राय
शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि एबीसी आईडी भविष्य की शिक्षा प्रणाली में क्रांतिकारी बदलाव लाएगी।
- इससे छात्रों को राष्ट्रीय स्तर पर कहीं भी पढ़ाई जारी रखने की सुविधा मिलेगी।
- नौकरी और स्कॉलरशिप के लिए भी इसका फायदा होगा।
- हालांकि, आईटी सिस्टम मजबूत करने और जागरूकता बढ़ाने पर जोर देने की जरूरत है।
नामांकन प्रक्रिया में बदलाव
सीएसवीटीयू ने यह भी स्पष्ट किया है कि:
- नामांकन आवेदन के साथ छात्रों को अपनी एबीसी आईडी की कॉपी लगानी होगी।
- आईडी न होने की स्थिति में आवेदन अस्वीकार कर दिया जाएगा।
- पहले से पंजीकृत छात्रों को भी अपनी आईडी अपडेट करनी होगी।
भविष्य की दिशा
विश्वविद्यालय प्रशासन का कहना है कि आने वाले समय में एबीसी आईडी सभी उच्च शिक्षण संस्थानों के लिए अनिवार्य हो जाएगी।
- इससे शिक्षा क्षेत्र में वन नेशन, वन स्टूडेंट आईडी जैसी व्यवस्था लागू होगी।
- डिजिटल रिकॉर्ड से धोखाधड़ी और फर्जी प्रमाणपत्रों पर भी रोक लगेगी।
निष्कर्ष जैसा प्रभाव (बिना शब्द “निष्कर्ष”)
स्पष्ट है कि सीएसवीटीयू का यह कदम शिक्षा व्यवस्था को आधुनिक और पारदर्शी बनाने की दिशा में अहम साबित होगा। हालांकि, छात्रों और कॉलेजों को फिलहाल चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है।






