LIVE शुक्रवार, 8 मई 2026
Advertisement Vastu Guruji
छत्तीसगढ़

शहरों में पेयजल आपूर्ति, अवैध प्लॉटिंग और अवैध निर्माण पर उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव सख्त

उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने पेयजल आपूर्ति सुधार और अवैध प्लॉटिंग व निर्माण पर सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए, शहरी विकास में पारदर्शिता पर जोर दिया।

रायपुर। छत्तीसगढ़ के शहरी क्षेत्रों में पेयजल आपूर्ति को सुदृढ़ करने और अवैध गतिविधियों पर अंकुश लगाने के लिए उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने सख्त रुख अपनाया है। उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि नागरिकों को नियमित और स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराया जाए तथा अवैध प्लॉटिंग और अवैध निर्माण के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाए।

उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने एक उच्चस्तरीय बैठक में शहरी विकास से जुड़े विभिन्न मुद्दों की समीक्षा करते हुए कहा कि शहरों का सुव्यवस्थित विकास सरकार की प्राथमिकता है। इसके लिए नियमों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करना आवश्यक है।

पेयजल आपूर्ति में सुधार के निर्देश

बैठक में पेयजल आपूर्ति की स्थिति की विस्तृत समीक्षा की गई। उप मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि जल स्रोतों का बेहतर प्रबंधन किया जाए और वितरण व्यवस्था को मजबूत किया जाए। उन्होंने कहा कि गर्मी के मौसम में पानी की समस्या से निपटने के लिए पहले से ही ठोस योजना बनाई जाए, ताकि नागरिकों को किसी प्रकार की परेशानी न हो।

अवैध प्लॉटिंग पर सख्त कार्रवाई

अरुण साव ने कहा कि अवैध प्लॉटिंग से न केवल शहरों की योजना प्रभावित होती है, बल्कि आम लोगों को भी नुकसान उठाना पड़ता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि ऐसी गतिविधियों में संलिप्त लोगों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी और अवैध कॉलोनियों को चिन्हित कर आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।

अवैध निर्माण पर रोक लगाने के निर्देश

उप मुख्यमंत्री ने अवैध निर्माण को लेकर भी कड़ी नाराजगी जताई। उन्होंने नगर निगम और संबंधित विभागों को निर्देश दिए कि बिना अनुमति के हो रहे निर्माण कार्यों को तत्काल रोका जाए और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाए। उन्होंने कहा कि शहरों के सुव्यवस्थित विकास के लिए निर्माण नियमों का पालन अनिवार्य है।

जनहित सर्वोपरि

अरुण साव ने कहा कि सरकार का मुख्य उद्देश्य नागरिकों को बेहतर सुविधाएं प्रदान करना है। पेयजल आपूर्ति और सुव्यवस्थित शहरी विकास से लोगों का जीवन स्तर बेहतर होगा और शहरों में रहने की गुणवत्ता बढ़ेगी।

प्रौद्योगिकी के उपयोग पर जोर

उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि मॉनिटरिंग के लिए आधुनिक तकनीकों का उपयोग किया जाए। डिजिटल सर्वे, जीआईएस मैपिंग और ऑनलाइन निगरानी प्रणाली के माध्यम से अवैध गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण किया जा सकता है।

जनसहभागिता की आवश्यकता

उप मुख्यमंत्री ने नागरिकों से भी अपील की कि वे अवैध प्लॉटिंग और निर्माण के खिलाफ जागरूक रहें और ऐसी गतिविधियों की जानकारी प्रशासन को दें। उन्होंने कहा कि जनसहभागिता से ही शहरों का बेहतर विकास संभव है।

निष्कर्ष

उप मुख्यमंत्री अरुण साव के सख्त निर्देशों से स्पष्ट है कि छत्तीसगढ़ सरकार शहरी क्षेत्रों में व्यवस्था सुधार और नियमों के पालन को लेकर गंभीर है। पेयजल आपूर्ति को मजबूत करने और अवैध गतिविधियों पर रोक लगाने की यह पहल शहरों को व्यवस्थित और सुरक्षित बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित होगी।

Heshma lahre
लेखक: Heshma lahre

Heshma lahre is a dedicated journalist at Dabang Awaz, known for her comprehensive coverage across all news categories, delivering accurate and timely reports with integrity.