आयोजित शिक्षा सम्मेलन में सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने नई शिक्षा नीति, कौशल विकास और विकसित भारत शिक्षा अभियान को भविष्य का आधार बताया।
नई दिल्ली, 8 जुलाई। रायपुर के सांसद एवं छत्तीसगढ़ भाजपा के वरिष्ठ नेता बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में लागू की गई राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) देश की शिक्षा व्यवस्था में ऐतिहासिक परिवर्तन लेकर आई है। यह नीति केवल ज्ञान देने तक सीमित नहीं है, बल्कि युवाओं को कौशल, नवाचार और आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ाने का माध्यम बन रही है।
बृजमोहन अग्रवाल गुरुवार को नई दिल्ली के ली मेरिडियन होटल में उद्योग संगठन एसोचेम (ASSOCHAM) द्वारा आयोजित 18वीं नेशनल एजुकेशन लीडरशिप एंड स्किल डेवलपमेंट समिट 2026 में बतौर विशिष्ट अतिथि शामिल हुए। इस अवसर पर शिक्षा क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाली संस्थाओं एवं शिक्षाविदों को सम्मानित भी किया गया।
समारोह को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि नई शिक्षा नीति ने वर्षों से चली आ रही रट्टा आधारित शिक्षा प्रणाली को समाप्त कर छात्रों की रचनात्मक क्षमता, व्यावहारिक ज्ञान और कौशल विकास पर विशेष जोर दिया है। अब शिक्षा व्यवस्था को उद्योगों की जरूरतों के अनुरूप तैयार किया जा रहा है, जिससे युवाओं को रोजगार, स्टार्टअप और नवाचार के नए अवसर मिल सकें।

उन्होंने कहा कि ‘विकसित भारत शिक्षा अधिष्ठान विधेयक, 2025’ उच्च शिक्षा के क्षेत्र में भारत को वैश्विक स्तर पर नई पहचान दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। यह विधेयक शिक्षा की गुणवत्ता, अनुसंधान और नवाचार को बढ़ावा देने के साथ देश को ज्ञान आधारित अर्थव्यवस्था की दिशा में मजबूत करेगा।
सांसद अग्रवाल ने कहा कि विकसित भारत का सपना तभी साकार होगा, जब देश के 140 करोड़ नागरिकों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराई जाएगी। इसके लिए दूर-दराज और वंचित क्षेत्रों में शिक्षा के अवसरों का विस्तार करना आवश्यक है। उन्होंने विशेष रूप से छत्तीसगढ़, झारखंड और ओडिशा के सुदूर इलाकों का उल्लेख करते हुए कहा कि इन क्षेत्रों में शिक्षा का स्तर सुधारने के लिए सरकार, सामाजिक संगठनों और शैक्षणिक संस्थानों को मिलकर कार्य करना होगा।
उन्होंने शिक्षा क्षेत्र में कार्यरत गैर-सरकारी संगठनों (NGOs) और संसाधनों के अभाव में काम कर रही संस्थाओं को अधिक सहयोग और संसाधन उपलब्ध कराने की आवश्यकता पर भी बल दिया। उनका कहना था कि जब तक समाज के प्रत्येक वर्ग को समान शैक्षणिक अवसर नहीं मिलेंगे, तब तक विकसित भारत का लक्ष्य अधूरा रहेगा।
अपने संबोधन के अंत में बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि ‘विकसित भारत शिक्षा अभियान’ का मूल उद्देश्य हर नागरिक तक गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पहुंचाना और युवाओं को भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार करना होना चाहिए। शिक्षा ही विकसित, आत्मनिर्भर और समृद्ध भारत की सबसे मजबूत नींव है।




