शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने दुर्ग के एक प्राथमिक विद्यालय का निरीक्षण कर शिक्षा व्यवस्था, विद्यार्थियों की पढ़ाई और विद्यालय की सुविधाओं का जायजा लिया।
रायपुर। छत्तीसगढ़ के शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने दुर्ग जिले के एक प्राथमिक विद्यालय का औचक निरीक्षण कर वहां की शैक्षणिक व्यवस्था और सुविधाओं का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने विद्यालय में पढ़ाई की स्थिति, छात्रों की उपस्थिति, शिक्षकों की कार्यप्रणाली और उपलब्ध संसाधनों की जानकारी ली।
निरीक्षण के दौरान शिक्षा मंत्री ने स्कूल परिसर का भ्रमण किया और कक्षाओं में जाकर विद्यार्थियों से बातचीत भी की। उन्होंने बच्चों से उनकी पढ़ाई और स्कूल में मिलने वाली सुविधाओं के बारे में पूछा। छात्रों ने भी उत्साहपूर्वक मंत्री के सवालों का जवाब दिया।
शिक्षा व्यवस्था का लिया जायजा
विद्यालय के निरीक्षण के दौरान शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने कक्षाओं में चल रही पढ़ाई को देखा और शिक्षकों से शिक्षण प्रक्रिया के बारे में जानकारी प्राप्त की। उन्होंने कहा कि बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करना सरकार की प्राथमिकता है।
उन्होंने शिक्षकों से कहा कि वे बच्चों की शिक्षा को बेहतर बनाने के लिए पूरी जिम्मेदारी और समर्पण के साथ कार्य करें, ताकि विद्यार्थियों का भविष्य उज्ज्वल बन सके।
विद्यालय की सुविधाओं की जांच
मंत्री ने स्कूल में उपलब्ध बुनियादी सुविधाओं का भी निरीक्षण किया। उन्होंने स्कूल भवन, कक्षाओं, पेयजल व्यवस्था और स्वच्छता की स्थिति का जायजा लिया। इसके साथ ही मध्यान्ह भोजन (मिड-डे मील) की व्यवस्था की भी जानकारी ली।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि विद्यालयों में सभी आवश्यक सुविधाएं सुनिश्चित की जाएं, ताकि विद्यार्थियों को बेहतर वातावरण में शिक्षा मिल सके।
विद्यार्थियों को किया प्रोत्साहित
निरीक्षण के दौरान शिक्षा मंत्री ने विद्यार्थियों को पढ़ाई के प्रति प्रेरित करते हुए कहा कि शिक्षा ही जीवन में आगे बढ़ने का सबसे महत्वपूर्ण माध्यम है। उन्होंने बच्चों से नियमित रूप से स्कूल आने और मन लगाकर पढ़ाई करने की अपील की।
उन्होंने कहा कि सरकार का प्रयास है कि राज्य के हर बच्चे को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिले और उन्हें बेहतर अवसर प्राप्त हों।
शिक्षकों को दिए निर्देश
गजेंद्र यादव ने शिक्षकों को निर्देश दिया कि वे विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास पर ध्यान दें। उन्होंने कहा कि शिक्षा केवल पाठ्यपुस्तकों तक सीमित नहीं होनी चाहिए, बल्कि बच्चों के व्यक्तित्व विकास और कौशल विकास पर भी ध्यान दिया जाना चाहिए।
उन्होंने यह भी कहा कि शिक्षकों की भूमिका बच्चों के भविष्य को आकार देने में बेहद महत्वपूर्ण होती है, इसलिए उन्हें अपनी जिम्मेदारियों का ईमानदारी से निर्वहन करना चाहिए।
शिक्षा सुधार की दिशा में प्रयास
शिक्षा मंत्री ने कहा कि राज्य सरकार शिक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए कई योजनाएं चला रही है। विद्यालयों के बुनियादी ढांचे में सुधार, शिक्षकों की नियुक्ति और डिजिटल शिक्षा को बढ़ावा देने जैसे कदम उठाए जा रहे हैं।
उन्होंने विश्वास जताया कि इन प्रयासों से प्रदेश में शिक्षा की गुणवत्ता में लगातार सुधार होगा और विद्यार्थियों को बेहतर भविष्य के अवसर मिलेंगे।
इस प्रकार दुर्ग के प्राथमिक विद्यालय में शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव का यह निरीक्षण शिक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने और स्कूलों की गुणवत्ता सुधारने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।




