LIVE बुधवार, 17 जून 2026
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मौसम

देशभर में भीषण गर्मी का कहर: पारा 48 पार, IMD ने 28 मई तक हीटवेव का अलर्ट जारी किया

देश के कई राज्यों में इस समय भीषण गर्मी और लू का प्रकोप जारी है, जिसने आम जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित किया है। शुक्रवार को देश के कई हिस्सों में तापमान 48 डिग्री सेल्सियस के करीब पहुंच गया, जिससे लोगों को दिन और रात दोनों समय राहत नहीं मिल पा रही है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने चेतावनी जारी करते हुए कहा है कि उत्तर-पश्चिम, मध्य, पूर्वी और प्रायद्वीपीय भारत के कई हिस्सों में 28 मई तक हीटवेव से लेकर गंभीर हीटवेव की स्थिति बनी रह सकती है, जिसके लिए छह दिनों का ऑरेंज अलर्ट भी जारी किया गया है। इस अप्रत्याशित गर्मी ने लोगों के स्वास्थ्य पर बुरा असर डालना शुरू कर दिया है, जिससे हीट स्ट्रेस के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं।

देश के कई हिस्सों में पारा 48 डिग्री पार

देशभर में भीषण गर्मी ने लोगों का जीना मुश्किल कर दिया है। पिछले कुछ दिनों से लगातार बढ़ रहा तापमान अब कई शहरों में 48 डिग्री सेल्सियस के आँकड़े को पार कर चुका है। शुक्रवार को उत्तर प्रदेश के बांदा में सर्वाधिक 48.2 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया, जिसने गर्मी के पिछले कई रिकॉर्ड तोड़ दिए। इसी तरह, मध्य प्रदेश के खजुराहो में 48.0 डिग्री सेल्सियस, महाराष्ट्र के विदर्भ क्षेत्र में स्थित ब्रह्मपुरी में 47.2 डिग्री सेल्सियस और वर्धा में 47.1 डिग्री सेल्सियस तापमान रहा। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के नजफगढ़ इलाके में भी पारा 47.0 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया, जबकि हरियाणा के रोहतक में 46.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। यह स्थिति दर्शाती है कि देश का एक बड़ा हिस्सा इस समय ‘आसमान से बरस रही आग’ जैसी स्थिति का सामना कर रहा है, जहाँ दिन के साथ-साथ रात में भी तापमान में खास गिरावट नहीं आ रही है, जिससे लोगों को लगातार गर्मी का सामना करना पड़ रहा है और उनका स्वास्थ्य प्रभावित हो रहा है।

IMD की चेतावनी और आगामी अनुमान

भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने इस भीषण गर्मी को लेकर गंभीर चेतावनी जारी की है। विभाग के अनुसार, 28 मई तक देश के उत्तर-पश्चिम, मध्य, पूर्वी और प्रायद्वीपीय भारत के कई हिस्सों में हीटवेव से लेकर गंभीर हीटवेव की स्थिति बनी रहने की आशंका है। इसके मद्देनजर, आगामी छह दिनों के लिए ऑरेंज अलर्ट भी जारी किया गया है, जो संबंधित राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को अत्यधिक सावधानी बरतने और आवश्यक कदम उठाने का संकेत देता है। IMD ने विशेष रूप से उन क्षेत्रों पर ध्यान केंद्रित करने की सलाह दी है जहाँ तापमान सामान्य से काफी अधिक बना हुआ है और हीट स्ट्रेस का खतरा बढ़ रहा है। इस बीच, दिल्ली-एनसीआर के लिए एक अलग चेतावनी भी जारी की गई है, जिसमें तेज आंधी, बारिश और 80 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने की संभावना जताई गई है। यह बदलाव, अगर आता है, तो दिल्ली और आसपास के क्षेत्रों को भीषण गर्मी से कुछ अस्थायी राहत प्रदान कर सकता है, जबकि देश के अन्य हिस्सों में लू का प्रकोप जारी रहेगा।

स्वास्थ्य पर गंभीर असर और बचाव के उपाय

लगातार उच्च तापमान, विशेषकर रात के समय भी गर्मी से राहत न मिलने के कारण लोगों में हीट स्ट्रेस तेजी से बढ़ रहा है। हीट स्ट्रेस एक गंभीर स्वास्थ्य समस्या है जो डिहाइड्रेशन, हीट एग्जॉशन और हीटस्ट्रोक जैसी जानलेवा स्थितियों का कारण बन सकती है। बच्चे, बुजुर्ग, गर्भवती महिलाएं और पुरानी बीमारियों से ग्रस्त लोग इस गर्मी के प्रति अधिक संवेदनशील होते हैं। चिकित्सकों ने नागरिकों को सलाह दी है कि वे दिन के सबसे गर्म समय, खासकर दोपहर 12 बजे से शाम 4 बजे के बीच, घर से बाहर निकलने से बचें। पर्याप्त मात्रा में पानी और अन्य तरल पदार्थ जैसे नींबू पानी, छाछ और ओआरएस का सेवन करें ताकि शरीर में पानी की कमी न हो। हल्के रंग के ढीले-ढाले सूती कपड़े पहनें और सिर को धूप से बचाने के लिए टोपी या दुपट्टे का इस्तेमाल करें। यह सुनिश्चित करना महत्वपूर्ण है कि लोग अपने आसपास के लोगों, विशेषकर कमजोर वर्ग के व्यक्तियों की भी मदद करें और उन्हें गर्मी से बचाव के लिए जागरूक करें।

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मौसम के बदलते मिजाज और दीर्घकालिक चुनौतियां

वर्तमान में चल रही भीषण गर्मी की लहर जलवायु परिवर्तन के बढ़ते प्रभावों का एक स्पष्ट संकेत है। पिछले कुछ वर्षों से भारत सहित दुनिया के कई हिस्सों में ऐसी अत्यधिक मौसमी घटनाएं, जैसे कि हीटवेव, बाढ़ और सूखे की आवृत्ति और तीव्रता में वृद्धि देखी जा रही है। वैज्ञानिकों का मानना है कि ग्लोबल वार्मिंग के कारण ऐसे चरम मौसम की घटनाएं और अधिक सामान्य हो जाएंगी। यह स्थिति न केवल तात्कालिक स्वास्थ्य और आर्थिक चुनौतियों का सामना करने के लिए सरकारों और नागरिकों को तैयार रहने की आवश्यकता पर बल देती है, बल्कि दीर्घकालिक जलवायु अनुकूलन रणनीतियों को अपनाने की अनिवार्यता को भी उजागर करती है। IMD और अन्य मौसम एजेंसियां लगातार स्थिति पर नजर रख रही हैं और नियमित रूप से अपडेट जारी कर रही हैं। यह समय है जब हमें व्यक्तिगत और सामूहिक स्तर पर पर्यावरण संरक्षण और टिकाऊ जीवन शैली को अपनाने की दिशा में गंभीरता से विचार करना होगा ताकि भविष्य में ऐसी चुनौतियों का सामना बेहतर ढंग से किया जा सके।

Dipti Das
लेखक / Author

दीप्ति दास दबंग आवाज़ की संवाददाता हैं, जो विभिन्न विषयों पर सटीक और संतुलित रिपोर्टिंग के लिए जानी जाती हैं।