एक किसान ने संविदा लाइनमैन पर अभद्र व्यवहार और शिकायत के बावजूद कार्रवाई में देरी का आरोप लगाया, जांच की मांग तेज।
खरोरा। बिजली विभाग में दर्ज एक शिकायत के बाद संविदा कर्मचारी के कथित अभद्र व्यवहार का मामला सामने आया है। खरोरा नगर के एक किसान ने आरोप लगाया है कि उसकी समस्या के समाधान में अनावश्यक देरी की गई और शिकायत करने पर संबंधित संविदा लाइनमैन ने उसके साथ दुर्व्यवहार किया।
किसान के अनुसार, उसने हाल ही में लगभग 65 हजार रुपये के पौधे खरीदे थे, जिनकी नियमित सिंचाई आवश्यक थी। इसी दौरान उसकी बाड़ी में लगे थ्री फेस विद्युत कनेक्शन में तकनीकी खराबी आ गई, जिससे बोरवेल का सबमर्सिबल पंप बंद हो गया और सिंचाई कार्य पूरी तरह प्रभावित हो गया।
किसान ने बताया कि उसने तत्काल बिजली विभाग में विधिवत शिकायत दर्ज कराई, लेकिन शिकायत दर्ज होने के लगभग 12 घंटे बाद तक समस्या के समाधान के लिए कोई कर्मचारी मौके पर नहीं पहुंचा। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए उसने विभागीय कर्मचारियों से शीघ्र कार्रवाई का अनुरोध किया और कहा कि समस्या का निराकरण नहीं होने पर वह वरिष्ठ अधिकारियों से शिकायत करेगा।
आरोप है कि इसी दौरान संविदा लाइनमैन रोहित कश्यप ने किसान के साथ अभद्र व्यवहार किया। किसान का कहना है कि कर्मचारी ने कथित रूप से कहा कि उसके खिलाफ न सांसद कुछ कर सकते हैं और न ही विधायक तथा जहां शिकायत करनी हो कर सकते हैं। किसान का यह भी आरोप है कि दोबारा अनुरोध करने पर कर्मचारी गाली-गलौज पर उतर आया।
इसके बाद किसान ने मामले की शिकायत विभाग के वरिष्ठ अधिकारी वर्मा जी से की। शिकायत मिलने के बाद वरिष्ठ अधिकारी के निर्देश पर तकनीकी समस्या का समाधान कराया गया और विद्युत आपूर्ति बहाल की गई।
घटना के बाद क्षेत्र में बिजली विभाग के कार्यप्रणाली को लेकर चर्चा शुरू हो गई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि उपभोक्ताओं और किसानों की समस्याओं का समय पर समाधान किया जाना विभाग की प्राथमिक जिम्मेदारी है। यदि किसी कर्मचारी द्वारा आम नागरिकों के साथ अनुचित व्यवहार किया जाता है तो इससे विभाग की छवि प्रभावित होती है।
किसान ने यह भी आरोप लगाया है कि संबंधित संविदा कर्मचारी के विरुद्ध पूर्व में भी किसानों द्वारा ड्यूटी के दौरान शराब के नशे में रहने तथा कार्यों के निष्पादन में लापरवाही संबंधी शिकायतें की जा चुकी हैं। हालांकि इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हो सकी है।
स्थानीय नागरिकों ने मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है। उनका कहना है कि यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो संबंधित कर्मचारी के विरुद्ध उचित कार्रवाई की जानी चाहिए, ताकि भविष्य में किसानों और उपभोक्ताओं को ऐसी परिस्थितियों का सामना न करना पड़े। जनता के प्रति संवेदनशील व्यवहार और समय पर सेवा उपलब्ध कराना ही किसी भी सार्वजनिक सेवा विभाग की सबसे बड़ी जिम्मेदारी है।






