प्रदेश में श्रमिकों को विभिन्न कल्याण योजनाओं के तहत 1.51 करोड़ रुपए की आर्थिक सहायता, DBT से सीधे खातों में राशि ट्रांसफर।
रायपुर। प्रदेश के श्रमिकों के लिए राहतभरी खबर है। विभिन्न श्रम कल्याण योजनाओं के तहत पात्र हितग्राहियों को कुल 1.51 करोड़ रुपए की आर्थिक सहायता वितरित की गई है। इस राशि का उद्देश्य निर्माण श्रमिकों और असंगठित क्षेत्र के कामगारों को सामाजिक और आर्थिक सुरक्षा प्रदान करना है।
श्रम विभाग के अधिकारियों के अनुसार, सहायता राशि अलग-अलग योजनाओं के माध्यम से सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों में अंतरित की गई। इसमें मातृत्व सहायता, शिक्षा सहायता, चिकित्सा सहायता और दुर्घटना अनुदान जैसी योजनाएं शामिल हैं। प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (DBT) प्रणाली के माध्यम से पारदर्शी भुगतान सुनिश्चित किया गया।
अधिकारियों ने बताया कि श्रमिकों की सामाजिक सुरक्षा को मजबूत करना सरकार की प्राथमिकता है। पंजीकृत श्रमिकों को समय-समय पर विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं का लाभ दिया जा रहा है। इससे श्रमिक परिवारों को कठिन परिस्थितियों में आर्थिक सहारा मिलता है।
लाभार्थियों ने बताया कि यह सहायता उनके लिए अत्यंत उपयोगी साबित हो रही है। कई श्रमिकों ने शिक्षा और स्वास्थ्य से जुड़ी आवश्यकताओं के लिए इस राशि का उपयोग करने की बात कही। विभाग का कहना है कि पात्र श्रमिकों का पंजीयन अभियान भी लगातार चलाया जा रहा है, ताकि अधिक से अधिक कामगार योजनाओं से जुड़ सकें।
विशेषज्ञों का मानना है कि असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों को सामाजिक सुरक्षा देना आर्थिक असमानता कम करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। निर्माण श्रमिक, दिहाड़ी मजदूर और अन्य कामगार वर्ग को नियमित सहायता मिलने से उनके जीवन स्तर में सुधार संभव है।
श्रम विभाग ने बताया कि भविष्य में भी सहायता वितरण की प्रक्रिया जारी रहेगी और शिकायत निवारण के लिए हेल्पलाइन एवं ऑनलाइन पोर्टल उपलब्ध हैं। पारदर्शिता और समयबद्ध भुगतान सुनिश्चित करने के लिए तकनीकी माध्यमों का उपयोग किया जा रहा है।
आर्थिक विश्लेषकों के अनुसार, श्रमिकों को सीधी सहायता मिलने से स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी गति मिलती है। इससे ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में उपभोग बढ़ता है और सामाजिक स्थिरता को बल मिलता है।
1.51 करोड़ रुपए की यह सहायता राशि श्रमिक कल्याण की दिशा में सकारात्मक पहल मानी जा रही है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि श्रमिकों के हितों की रक्षा और उनके जीवन स्तर को बेहतर बनाने के लिए योजनाओं को और सशक्त किया जाएगा।




