LIVE शनिवार, 16 मई 2026
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मध्य प्रदेश

मध्य प्रदेश में अब लोकायुक्त और EOW के पास होगा खुद का लॉकअप और इंटरोगेशन रूम, कैमरों की निगरानी में होगी पूछताछ

 भोपाल
मध्य प्रदेश की जांच एजेंसियां लोकायुक्त, EOW, स्टेट CID या STF के पास अब अपना खुद का लॉकअप और इंटेरोगेशन रूम होने वाला है. इसको लेकर राज्य के गृह विभाग ने निर्देश जारी कर दिए हैं. लंबे समय से यह जांच एजेंसियां आरोपियों को हिरासत में रखने और पूछताछ के लिए खुद के लॉकअप और इंटेरोगेशन रूम की मांग कर रही थीं, जिसे आखिरकार अब मान लिया गया है.

गृह विभाग के सर्कुलर के तहत अब लोकायुक्त, ईओडब्ल्यू, सीआईडी, एसटीएफ, राज्य नारकोटिक्स को लॉकअप और इंटेरोगेशन रूम बनाने की अनुमति है. इसके लिए इन एजेंसियों को अपने कार्यालय में एक कक्ष चिह्नित करना होगा, जहां आरोपी को 5-6 घंटे तक पूछताछ के लिए रखा जा सकेगा.

कमरे में एक टेबल होगी, जिस पर एक तरफ आरोपी और दूसरी तरफ जांच अधिकारी होंगे. रूम में एचडी कैमरे लगाए जाएंगे, जिसका लाइव आउटपुट वरिष्ठ अफसरों के केबिन में दिया जाएगा, जहां से वे पूछताछ को लाइव देख सकेंगे. आरोपी को हिरासत के दौरान यहीं पर खाना भी दिया जाएगा. इन जांच एजेंसियों के वर्तमान में जो संभागीय मुख्यालय हैं, वहां इसका निर्माण किया जाएगा.

क्यों हुई जरूरत महसूस?

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दरअसल, वर्तमान में यह जांच एजेंसियां जब किसी को हिरासत में लेती हैं तो इनसे जांच अधिकारी अपने कक्ष में पूछताछ करते हैं या बेहद संवेदनशील मामलों में आला अधिकारीयों के कमरे में पूछताछ की जाती है. पूछताछ खत्म होने के बाद आरोपियों को नजदीकी पुलिस थाने के लॉकअप में रात बिताने के लिए लाया जाता है. इससे समय भी लगता है और एक जगह से दूसरी जगह शिफ्ट करते समय आरोपियों की सुरक्षा पर भी ध्यान देना पड़ता है. हाल ही में लोकायुक्त की हिरासत में रहे आरटीओ के पूर्व कॉन्स्टेबल सौरभ शर्मा को लोकायुक्त कार्यालय के पास स्थित कोहेफिजा थाने में रखा गया था.

 

Rana Sikander
लेखक / Author

Versatile journalist with experience in conducting in-depth interviews, analyzing complex data, and producing compelling narratives.