राजनांदगांव और डोंगरगढ़ में पर्यटक सूचना केंद्र शुरू, पर्यटकों को मार्गदर्शन और जानकारी मिलेगी। मुख्यमंत्री साय ने कहा — पर्यटन से बढ़ेगा स्थानीय रोजगार और पहचान।
रायपुर। छत्तीसगढ़ के पर्यटन क्षेत्र में एक और महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए राज्य सरकार ने राजनांदगांव और डोंगरगढ़ में पर्यटक सूचना केंद्र (Tourist Information Centre) का शुभारंभ किया है। इन केंद्रों की स्थापना का उद्देश्य पर्यटकों को पर्यटन स्थलों से संबंधित जानकारी, मार्गदर्शन और सुविधाएं प्रदान करना है, जिससे क्षेत्रीय पर्यटन को नई गति मिल सके।
पर्यटन विकास की दिशा में राज्य सरकार का बड़ा कदम
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार ने पर्यटन को आर्थिक और सांस्कृतिक विकास का प्रमुख स्तंभ माना है।
राजनांदगांव और डोंगरगढ़ में इन सूचना केंद्रों की शुरुआत से
- देशी और विदेशी पर्यटकों को सटीक जानकारी,
- स्थानीय गाइड सेवाएं,
- और पर्यटन सुविधाओं का समन्वय मिलेगा।
पर्यटन विभाग के अधिकारियों के अनुसार, आने वाले महीनों में राज्य के अन्य प्रमुख स्थलों जैसे चित्रकोट, बस्तर, सिरपुर और रायगढ़ में भी ऐसे केंद्र स्थापित किए जाएंगे।
डोंगरगढ़ – धार्मिक आस्था और प्राकृतिक सौंदर्य का संगम
माँ बम्लेश्वरी देवी मंदिर के लिए प्रसिद्ध डोंगरगढ़ छत्तीसगढ़ का एक प्रमुख धार्मिक और पर्यटन स्थल है।
यहाँ हर वर्ष लाखों श्रद्धालु दर्शन के लिए आते हैं।
नए पर्यटक सूचना केंद्र के माध्यम से अब यात्रियों को
- दर्शन मार्ग,
- आवास व्यवस्था,
- आसपास के पर्यटन स्थलों की जानकारी,
- और यात्रा सुरक्षा से जुड़ी सहायता मिलेगी।
डोंगरगढ़ सूचना केंद्र में डिजिटल डिस्प्ले, ऑनलाइन बुकिंग काउंटर और बहुभाषी हेल्पडेस्क की व्यवस्था की गई है।
राजनांदगांव – सांस्कृतिक धरोहर और ऐतिहासिक पर्यटन का केंद्र
राजनांदगांव जिले में कई ऐतिहासिक और सांस्कृतिक स्थल मौजूद हैं।
यहाँ के लालबाग पैलेस, खैरागढ़ म्यूज़िक यूनिवर्सिटी, गोंड किले, और प्राकृतिक झरनों को देखने के लिए प्रतिवर्ष हजारों सैलानी आते हैं।
पर्यटक सूचना केंद्र की शुरुआत से अब इन स्थलों को
एकीकृत पर्यटन परिपथ (Integrated Tourism Circuit) में जोड़ा जाएगा।
जिला प्रशासन ने बताया कि यह केंद्र स्थानीय युवाओं को पर्यटन गाइड, हस्तशिल्प विक्रेता और आतिथ्य सेवा के रूप में रोजगार भी उपलब्ध कराएगा।
मुख्यमंत्री साय का संदेश — “पर्यटन से बढ़ेगा स्थानीय रोजगार”
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ की पहचान अब केवल प्राकृतिक सुंदरता तक सीमित नहीं है, बल्कि यह सांस्कृतिक और धार्मिक पर्यटन का नया केंद्र बन रहा है।
उन्होंने कहा —
“राजनांदगांव और डोंगरगढ़ में सूचना केंद्रों की स्थापना से न केवल पर्यटकों को सुविधा मिलेगी, बल्कि स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे।”
मुख्यमंत्री ने बताया कि आने वाले समय में राज्य सरकार पर्यटन स्थलों को डिजिटल प्रमोशन, इको-टूरिज्म प्रोजेक्ट और स्थानीय उत्पाद विपणन से जोड़ेगी।
पर्यटन विभाग की पहल
छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल के चेयरमैन ने बताया कि इन केंद्रों में
- पर्यटन मानचित्र (Tourism Map),
- होटल और ट्रांसपोर्ट जानकारी,
- हेल्पलाइन और आपातकालीन संपर्क व्यवस्था,
- और डिजिटल टचस्क्रीन डिस्प्ले सिस्टम उपलब्ध हैं।
साथ ही, केंद्र में पर्यटन पुस्तिकाएं, वीडियो गाइड और QR कोड आधारित सूचना प्रणाली भी स्थापित की गई है, जिससे सैलानी अपने मोबाइल से ही जानकारी प्राप्त कर सकेंगे।
स्थानीय कारीगरों और हस्तशिल्प को मिलेगा मंच
इन केंद्रों के माध्यम से स्थानीय हस्तशिल्प, हैंडलूम और फूड प्रोडक्ट्स को भी प्रमोट किया जाएगा।
राजनांदगांव के टेढ़ेसर और गोंड कला उत्पाद, तथा डोंगरगढ़ के धार्मिक स्मृति चिन्ह और हस्तनिर्मित वस्त्र अब सीधे पर्यटकों तक पहुँचेंगे।
इस पहल से न केवल स्थानीय कारीगरों की आय बढ़ेगी, बल्कि छत्तीसगढ़ की पारंपरिक कला को वैश्विक पहचान भी मिलेगी।
आधुनिक सुविधाओं से लैस केंद्र
दोनों केंद्रों को आधुनिक तकनीक से सुसज्जित किया गया है —
- फ्री वाई-फाई,
- पर्यटन सूचना काउंटर,
- क्लाइमेट कंट्रोल वेटिंग एरिया,
- और व्हीलचेयर एक्सेसिबिलिटी जैसी सुविधाएं उपलब्ध हैं।
पर्यटन विभाग ने बताया कि आने वाले दिनों में केंद्रों में वर्चुअल रियलिटी अनुभव जोड़ा जाएगा, जिससे सैलानी किसी स्थल को डिजिटल रूप में पहले देख सकें।
पर्यटकों की प्रतिक्रिया
डोंगरगढ़ पहुंचे श्रद्धालु रामकुमार तिवारी ने कहा —
“अब हमें मंदिर दर्शन के साथ आसपास के स्थानों की पूरी जानकारी एक ही जगह मिल जाती है, यह बहुत उपयोगी पहल है।”
राजनांदगांव के एक स्थानीय होटल संचालक ने कहा कि इस केंद्र के खुलने से पर्यटक संख्या बढ़ेगी और स्थानीय व्यापार को प्रोत्साहन मिलेगा।
प्रशासन की योजना
जिला कलेक्टरों ने बताया कि इन केंद्रों के माध्यम से पर्यटन डेटा संकलन, सुरक्षा निगरानी, और पर्यटन गाइड पंजीयन की प्रक्रिया भी की जाएगी।
इसके अलावा, राजनांदगांव-डोंगरगढ़ टूर पैकेज शुरू करने की योजना पर भी विचार चल रहा है।
छत्तीसगढ़ पर्यटन की नई पहचान
छत्तीसगढ़ अब देश के तेजी से उभरते पर्यटन गंतव्यों में शामिल हो रहा है।
चित्रकोट जलप्रपात, सिरपुर की बौद्ध विरासत, बस्तर दशहरा, और अब डोंगरगढ़ व राजनांदगांव के सूचना केंद्र, राज्य को पर्यटन मानचित्र पर एक नई पहचान दे रहे हैं।
निष्कर्ष जैसा प्रभाव (बिना निष्कर्ष शब्द के)
राजनांदगांव और डोंगरगढ़ में पर्यटक सूचना केंद्रों की शुरुआत से छत्तीसगढ़ में सुव्यवस्थित, सुरक्षित और डिजिटल पर्यटन युग की शुरुआत हो चुकी है।
यह पहल न केवल राज्य की अर्थव्यवस्था को मजबूत करेगी, बल्कि छत्तीसगढ़ को पर्यटन हब बनाने की दिशा में निर्णायक कदम साबित होगी।






