राज्यपाल डेका ने कहा कि सेवा और समर्पण के कारण भारतीय डॉक्टरों को देश-विदेश में सम्मान मिलता है, स्वास्थ्य सेवा मानवता की सेवा है।
रायपुर। राज्यपाल श्री डेका ने कहा है कि भारतीय डॉक्टरों की सेवा भावना, समर्पण और पेशेवर दक्षता के कारण उन्हें देश ही नहीं, बल्कि विदेशों में भी सम्मान प्राप्त होता है। उन्होंने चिकित्सा समुदाय की भूमिका को समाज के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि स्वास्थ्य सेवा केवल पेशा नहीं, बल्कि मानवता की सेवा का माध्यम है।
एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए राज्यपाल ने कहा कि भारतीय चिकित्सकों ने विश्व स्तर पर अपनी पहचान बनाई है। कई देशों में भारतीय डॉक्टर अपनी विशेषज्ञता और मेहनत से स्वास्थ्य सेवाओं को सशक्त बना रहे हैं। उन्होंने कहा कि कठिन परिस्थितियों में भी भारतीय डॉक्टरों ने अपने दायित्वों का निर्वहन कर देश का नाम रोशन किया है।
राज्यपाल ने कहा कि चिकित्सा क्षेत्र में तकनीकी ज्ञान के साथ-साथ संवेदनशीलता और करुणा भी आवश्यक है। मरीजों के प्रति मानवीय दृष्टिकोण ही एक अच्छे चिकित्सक की पहचान है। उन्होंने डॉक्टरों से आह्वान किया कि वे सेवा भाव को अपनी प्राथमिकता बनाए रखें।
उन्होंने यह भी कहा कि चिकित्सा शिक्षा और अनुसंधान को बढ़ावा देने से स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार होता है। नई तकनीकों और आधुनिक उपकरणों के उपयोग से मरीजों को बेहतर उपचार मिल सकता है। राज्यपाल ने युवा चिकित्सकों को निरंतर सीखने और नवाचार अपनाने की प्रेरणा दी।
कार्यक्रम में उपस्थित चिकित्सकों और चिकित्सा छात्रों ने राज्यपाल के विचारों का स्वागत किया। कई वरिष्ठ डॉक्टरों ने बताया कि विदेशों में भी भारतीय चिकित्सकों की मांग और प्रतिष्ठा लगातार बढ़ रही है। उनकी मेहनत, अनुशासन और पेशेवर आचरण को सराहा जाता है।
विशेषज्ञों का मानना है कि भारतीय डॉक्टरों की वैश्विक पहचान देश की चिकित्सा शिक्षा और प्रशिक्षण प्रणाली की मजबूती को दर्शाती है। कोविड-19 जैसे संकट काल में भी भारतीय डॉक्टरों की भूमिका सराहनीय रही है, जिसने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उनकी प्रतिष्ठा को और मजबूत किया।
राज्यपाल श्री डेका ने अंत में कहा कि समाज के हर वर्ग तक गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाना हम सभी की जिम्मेदारी है। उन्होंने डॉक्टरों को उनके योगदान के लिए शुभकामनाएं दीं और आशा व्यक्त की कि वे सेवा और समर्पण की इस परंपरा को आगे बढ़ाते रहेंगे।




