29 मई को भारतीय शेयर बाजार ने सकारात्मक रुझान दिखाते हुए निवेशकों को राहत दी, जहाँ प्रमुख सूचकांकों में बढ़त दर्ज की गई। बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का बेंचमार्क सेंसेक्स 250 अंकों की तेजी के साथ 76,100 के स्तर पर बंद हुआ, वहीं नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी 50 अंक चढ़कर 23,960 पर पहुँच गया। इस कारोबारी सत्र में विशेष रूप से IT शेयरों में जोरदार खरीदारी देखने को मिली, जिसने बाजार को ऊपर उठाने में अहम भूमिका निभाई। हालाँकि, वैश्विक बाजारों में सकारात्मक माहौल के बावजूद, भारतीय बाजारों को विदेशी निवेशकों की बिकवाली के दबाव का भी सामना करना पड़ा, जिसके परिणामस्वरूप बाजार में मिला-जुला माहौल बना रहा।
भारतीय बाजार का हाल: आईटी शेयरों में चमक
29 मई के कारोबारी सत्र में भारतीय शेयर बाजार ने बढ़त के साथ कारोबार का समापन किया। सेंसेक्स में 0.30% की वृद्धि दर्ज की गई, जिससे यह 250 अंक चढ़कर 76,100 के स्तर पर पहुँच गया। इसी तरह, निफ्टी ने भी 0.20% की बढ़त दिखाई और 50 अंक की तेजी के साथ 23,960 के स्तर पर कारोबार समाप्त किया। इस दौरान, बाजार में सबसे अधिक खरीदारी सूचना प्रौद्योगिकी (IT) शेयरों में देखी गई, जो दर्शाता है कि निवेशकों का रुझान इस क्षेत्र की ओर मजबूत रहा। यह खरीदारी वैश्विक तकनीकी रुझानों और कंपनियों के बेहतर वित्तीय प्रदर्शन की उम्मीदों से प्रेरित थी। हालाँकि, इस सकारात्मकता के बावजूद, विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) की ओर से लगातार बिकवाली ने पूरे बाजार में एक मिश्रित माहौल बनाए रखा, जिससे कुछ अन्य क्षेत्रों में दबाव भी देखा गया।
वैश्विक इक्विटी बाजारों में सकारात्मक रुझान
भारतीय बाजार के साथ-साथ वैश्विक इक्विटी बाजारों में भी हाल के ट्रेडिंग सत्र के दौरान सकारात्मक रुझान देखने को मिले। एशियाई बाजारों में जोरदार खरीदारी के चलते प्रमुख सूचकांकों में अच्छी बढ़त दर्ज की गई। दक्षिण कोरिया का कोस्पी सूचकांक 181 अंकों की बढ़त के साथ 8,382 के स्तर पर बंद हुआ, जो 1.94% की प्रभावशाली वृद्धि को दर्शाता है। जापान का निक्केई सूचकांक 1,203 अंकों की ज़ोरदार बढ़त के साथ 65,897 के स्तर पर पहुँच गया, जो 1.86% की वृद्धि के बराबर है। वहीं, हांगकांग का हैंग सेंग सूचकांक 60 अंकों की मामूली बढ़त के साथ 25,066 के स्तर पर बंद हुआ, जो 0.25% की वृद्धि का संकेत है। इन आंकड़ों से एशियाई बाजारों में निवेशकों का मजबूत भरोसा और आर्थिक गतिविधियों में सुधार की उम्मीदें साफ झलकती हैं।
अमेरिकी बाजारों में भी दिखी तेजी
एशियाई बाजारों के बाद अमेरिकी बाजारों में भी पिछले सत्र के दौरान तेजी का रुझान देखने को मिला, हालाँकि यहाँ की बढ़त एशियाई बाजारों की तुलना में थोड़ी हल्की थी। प्रमुख अमेरिकी सूचकांकों ने स्थिर प्रदर्शन किया। डॉव जोन्स सूचकांक 25 अंकों की मामूली बढ़त के साथ 50,669 के स्तर पर बंद हुआ, जो 0.05% की छोटी सी वृद्धि को दर्शाता है। तकनीकी शेयरों पर आधारित नैस्डैक सूचकांक में 243 अंकों की अच्छी बढ़त दर्ज की गई, जिससे यह 26,917 के स्तर पर पहुँच गया, जो 0.91% की वृद्धि के बराबर है। इसी तरह, S&P 500 सूचकांक 43 अंकों की बढ़त के साथ 7,564 के स्तर पर बंद हुआ, जो 0.58% की वृद्धि को दर्शाता है। अमेरिकी बाजारों में यह तेजी फेडरल रिजर्व की मौद्रिक नीति और कंपनियों के तिमाही परिणामों से संबंधित सकारात्मक संकेतों का परिणाम मानी जा रही है।
निवेशकों का भरोसा और आगे की राह
कुल मिलाकर, वैश्विक स्तर पर निवेशकों का भरोसा मजबूत नजर आया, खासकर एशियाई और अमेरिकी बाजारों में। यह वैश्विक आर्थिक सुधार और कंपनियों के बेहतर प्रदर्शन की उम्मीदों का संकेत है। हालाँकि, भारतीय बाजारों को अभी भी विदेशी निवेशकों की बिकवाली के दबाव से जूझना पड़ रहा है, जिसने बाजार की बढ़त को कुछ हद तक सीमित रखा। IT शेयरों में मजबूत खरीदारी भारतीय बाजार के लिए एक सकारात्मक संकेत है, जो दर्शाता है कि कुछ क्षेत्रों में निवेशकों की रुचि बरकरार है। आगामी सत्रों में भारतीय बाजार की दिशा काफी हद तक वैश्विक संकेतों, विदेशी निवेश के प्रवाह और घरेलू आर्थिक आंकड़ों पर निर्भर करेगी। निवेशकों को सलाह दी जाती है कि वे बाजार की अस्थिरता को देखते हुए सावधानी से निवेश करें और विभिन्न क्षेत्रों के प्रदर्शन पर बारीकी से नज़र रखें।










