रायपुर में 6 माह में 1.80 लाख ई-चालान, जिनमें 71 हजार सिर्फ 5 चौक से। ट्रैफिक पुलिस कैमरों से नियम तोड़ने वालों पर सख्त निगरानी कर रही।
रायपुर। राजधानी रायपुर में यातायात नियम तोड़ने वालों पर नकेल कसने के लिए पुलिस ने सीसीटीवी कैमरों और ई-चालान सिस्टम को और सख्ती से लागू किया है। पिछले 6 महीनों में ही 1.80 लाख से अधिक ई-चालान जारी किए गए। इनमें से लगभग 71 हजार चालान केवल शहर के 5 प्रमुख चौकों से बनाए गए, जहां पुलिस की निगाहें कैमरों के जरिए ज्यादा केंद्रित रहती हैं।
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5 चौक बने हॉटस्पॉट
ट्रैफिक पुलिस के अनुसार, जयस्तंभ चौक, तेलीबांधा चौक, घड़ी चौक, शास्त्री चौक और फाफाडीह चौक ऐसे स्थान हैं जहां सबसे ज्यादा नियम तोड़े जाते हैं। यहां लगातार कैमरों की मॉनिटरिंग के कारण उल्लंघनकर्ताओं की तुरंत पहचान हो जाती है और उनका ई-चालान जारी कर दिया जाता है।
सबसे आम उल्लंघन
अधिकारियों का कहना है कि जिन मामलों में चालान काटे गए, उनमें हेलमेट न पहनना, रेड सिग्नल तोड़ना, मोबाइल पर बात करते हुए वाहन चलाना और नो-पार्किंग में गाड़ी खड़ी करना सबसे आम कारण हैं। पुलिस का मानना है कि लोग जानते हुए भी ट्रैफिक नियमों का पालन नहीं करते और यही वजह है कि चालानों की संख्या लगातार बढ़ रही है।
ई-चालान सिस्टम से पारदर्शिता
पुलिस ने बताया कि ई-चालान सिस्टम से नियम उल्लंघन की पूरी प्रक्रिया पारदर्शी हो गई है। अब मौके पर पुलिस कर्मियों से विवाद करने के बजाय लोगों को सीधे उनके वाहन के रजिस्ट्रेशन नंबर पर चालान की सूचना मिल जाती है। यह व्यवस्था न केवल भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाती है बल्कि लोगों को सतर्क भी करती है।
राजस्व और सुरक्षा दोनों में सुधार
ट्रैफिक पुलिस के मुताबिक, चालानों से होने वाली वसूली का इस्तेमाल यातायात प्रबंधन और सड़क सुरक्षा उपायों में किया जा रहा है। अधिकारी मानते हैं कि इसका सीधा असर दुर्घटनाओं की संख्या पर भी पड़ेगा। पिछले कुछ महीनों में जहां ई-चालान की संख्या बढ़ी है, वहीं हादसों के मामलों में आंशिक कमी भी दर्ज की गई है।
जनता की राय
शहरवासियों में इस कार्रवाई को लेकर मिश्रित प्रतिक्रिया देखने को मिल रही है। कई लोगों का कहना है कि चालान की सख्ती जरूरी है ताकि लोग ट्रैफिक नियमों का पालन करें। वहीं, कुछ लोगों का कहना है कि कैमरे हर जगह लगाए जाने चाहिए, ताकि केवल कुछ ही चौकों पर ज्यादा दबाव न पड़े।
पुलिस की अगली योजना
ट्रैफिक विभाग का कहना है कि आने वाले समय में और भी चौकों और व्यस्त इलाकों में हाई-टेक कैमरे लगाए जाएंगे। साथ ही, स्मार्ट ट्रैफिक सिग्नल और ऑटोमैटिक फाइन सिस्टम लागू करने की भी तैयारी चल रही है।
निष्कर्ष
छह महीनों में 1.80 लाख ई-चालान का आंकड़ा बताता है कि रायपुर में ट्रैफिक नियमों की अनदेखी कितनी बड़ी समस्या है। हालांकि, पुलिस का यह सख्त कदम धीरे-धीरे लोगों को अनुशासन में ला रहा है।










