नवीन उप रजिस्ट्रार कार्यालय की स्थापना से 60 गांवों के हजारों ग्रामीणों को स्थानीय स्तर पर रजिस्ट्री सुविधा मिलेगी, समय और धन दोनों बचेंगे।
धरसींवा। धरसींवा विधानसभा क्षेत्र के ग्रामीणों के लिए एक बड़ी खुशखबरी सामने आई है। विधायक अनुज शर्मा के लगातार प्रयासों के परिणामस्वरूप धरसींवा ब्लॉक मुख्यालय में नवीन उप रजिस्ट्रार (उप पंजीयक) कार्यालय की स्थापना को मंजूरी मिल गई है। छत्तीसगढ़ शासन ने इस संबंध में आधिकारिक अधिसूचना जारी कर दी है, जिसके बाद क्षेत्र के लगभग 60 गांवों के हजारों ग्रामीणों को जमीन और संपत्ति की रजिस्ट्री से जुड़े कार्यों के लिए अब रायपुर नहीं जाना पड़ेगा।
विधायक अनुज शर्मा ने इस उपलब्धि को धरसींवा क्षेत्र के विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताते हुए कहा कि उनका उद्देश्य सरकारी सेवाओं को आम जनता के करीब पहुंचाना है। उन्होंने कहा कि चुनाव के दौरान जनता से किए गए वादों को पूरा करना उनकी प्राथमिकता रही है और उप रजिस्ट्रार कार्यालय की स्थापना उसी संकल्प का परिणाम है।
अब तक धरसींवा क्षेत्र के लोगों को जमीन, मकान और अन्य संपत्तियों की रजिस्ट्री के लिए राजधानी रायपुर के उप पंजीयक कार्यालयों के चक्कर लगाने पड़ते थे। इससे ग्रामीणों का समय, धन और श्रम तीनों खर्च होते थे। कई बार एक छोटे से काम के लिए पूरा दिन बर्बाद हो जाता था। नए कार्यालय के शुरू होने से यह समस्या समाप्त हो जाएगी और लोगों को अपने क्षेत्र में ही आवश्यक सेवाएं उपलब्ध हो सकेंगी।
विधायक शर्मा ने बताया कि इस कार्यालय के संचालन से राजस्व संबंधी कार्यों में तेजी आएगी और नागरिकों को बेहतर प्रशासनिक सुविधाएं मिलेंगी। उन्होंने इस मांग को स्वीकृति देने के लिए मुख्यमंत्री और राजस्व मंत्री के प्रति आभार भी व्यक्त किया।
नए उप पंजीयक कार्यालय के अंतर्गत धरसींवा सहित कुल 60 गांवों को शामिल किया गया है। इनमें कुरा, भेरवा, मुरा, भैंसमुड़ा, अकोली, मनोहरा, देवरी, मेहरशखा, सिलयारी, कुरूद, पथरी, धरसींवा, सिलतरा, मांढर, कुम्हारी, सारागांव, धनेली, सांकरा, निमोरा, लालपुर, मटिया और बोरझरा सहित अनेक गांव शामिल हैं। इन गांवों के लोगों को अब रजिस्ट्री संबंधी सेवाएं स्थानीय स्तर पर ही प्राप्त होंगी।
शासन की अधिसूचना जारी होने के बाद पूरे क्षेत्र में खुशी का माहौल है। ग्रामीणों, किसानों और जनप्रतिनिधियों ने इस फैसले का स्वागत करते हुए विधायक अनुज शर्मा का आभार व्यक्त किया है। ग्रामीणों का कहना है कि वर्षों पुरानी मांग पूरी होने से क्षेत्र के विकास को नई गति मिलेगी और आम नागरिकों को बड़ी सुविधा प्राप्त होगी।




