जिला खनिज न्यास निधि से संचालित नव संकल्प शिक्षण संस्थान ने खनन प्रभावित क्षेत्रों के बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देकर बदलाव की मिसाल पेश की।
रायपुर। जिला खनिज न्यास (DMF) निधि से संचालित ‘नव संकल्प शिक्षण संस्थान’ क्षेत्र में शिक्षा के क्षेत्र में सकारात्मक बदलाव की मिसाल बनकर उभरा है। खनन प्रभावित क्षेत्रों के बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से स्थापित यह संस्थान अब परिणामों और नवाचारों के कारण चर्चा में है।
जानकारी के अनुसार, संस्थान में आधुनिक शिक्षण पद्धतियों, स्मार्ट क्लास, पुस्तकालय और विज्ञान प्रयोगशाला जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं। विशेष रूप से आर्थिक रूप से कमजोर और दूरस्थ अंचलों के विद्यार्थियों को यहां प्राथमिकता दी जाती है। नियमित कक्षाओं के साथ-साथ व्यक्तित्व विकास और करियर मार्गदर्शन पर भी जोर दिया जा रहा है।
अधिकारियों ने बताया कि जिला खनिज न्यास निधि का उद्देश्य खनन प्रभावित क्षेत्रों में शिक्षा, स्वास्थ्य और आधारभूत सुविधाओं का विकास करना है। इसी क्रम में नव संकल्प शिक्षण संस्थान की स्थापना की गई, जिससे स्थानीय बच्चों को बेहतर शैक्षणिक अवसर मिल सकें।
संस्थान के शिक्षकों का कहना है कि विद्यार्थियों में आत्मविश्वास और सीखने की रुचि में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। बोर्ड परीक्षाओं में भी छात्रों ने बेहतर प्रदर्शन किया है। कई विद्यार्थियों ने प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता प्राप्त कर क्षेत्र का नाम रोशन किया है।
अभिभावकों ने बताया कि पहले गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के लिए बच्चों को दूर भेजना पड़ता था, लेकिन अब स्थानीय स्तर पर ही अच्छी सुविधा उपलब्ध है। इससे समय और खर्च दोनों की बचत हुई है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि खनिज न्यास निधि का उपयोग योजनाबद्ध तरीके से किया जाए तो यह सामाजिक विकास का मजबूत माध्यम बन सकता है। शिक्षा के क्षेत्र में निवेश से दीर्घकालिक सकारात्मक प्रभाव पड़ता है।
संस्थान में खेल, सांस्कृतिक गतिविधियों और डिजिटल शिक्षा को भी बढ़ावा दिया जा रहा है। इससे विद्यार्थियों का सर्वांगीण विकास सुनिश्चित हो रहा है। प्रशासन ने संकेत दिए हैं कि भविष्य में इस मॉडल को अन्य क्षेत्रों में भी लागू किया जा सकता है।
जिला खनिज न्यास निधि से संचालित नव संकल्प शिक्षण संस्थान यह साबित कर रहा है कि सही दिशा में किए गए प्रयास समाज में स्थायी परिवर्तन ला सकते हैं।




