उद्योग मंत्री लखनलाल देवांगन ने कहा कि पीएम जनमन योजना से कोरबा के दूरस्थ क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाएं और विकास को नई दिशा मिली।
रायपुर। उद्योग मंत्री श्री लखनलाल देवांगन ने कहा है कि पीएम जनमन योजना के माध्यम से कोरबा जिले के दूरस्थ और वनांचल क्षेत्रों में विकास और समृद्धि की नई दिशा मिली है। उन्होंने बताया कि इस योजना के जरिए बुनियादी सुविधाओं का विस्तार तेज हुआ है, जिससे स्थानीय समुदायों को प्रत्यक्ष लाभ मिल रहा है।
मंत्री देवांगन ने कहा कि लंबे समय तक उपेक्षित रहे दूरस्थ गांवों में अब सड़क, पेयजल, आवास और विद्युत जैसी मूलभूत सुविधाएं पहुंच रही हैं। पीएम जनमन योजना का उद्देश्य विशेष रूप से उन क्षेत्रों को मुख्यधारा से जोड़ना है, जहां विकास की गति अपेक्षाकृत धीमी रही है। उन्होंने कहा कि योजना के क्रियान्वयन से सामाजिक और आर्थिक परिवर्तन स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है।
उन्होंने बताया कि कोरबा जिले के कई आदिवासी बहुल क्षेत्रों में आधारभूत ढांचे को मजबूत किया गया है। स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धता, स्कूलों की पहुंच और आजीविका के अवसरों में सुधार हुआ है। इससे ग्रामीणों के जीवन स्तर में सकारात्मक बदलाव आया है।
मंत्री ने कहा कि उद्योग और रोजगार के अवसरों को भी बढ़ावा दिया जा रहा है, ताकि स्थानीय युवाओं को अपने ही क्षेत्र में रोजगार मिल सके। कौशल विकास कार्यक्रमों के माध्यम से युवाओं को प्रशिक्षण प्रदान किया जा रहा है, जिससे वे आत्मनिर्भर बन सकें।
उन्होंने यह भी कहा कि पीएम जनमन योजना केवल निर्माण कार्यों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह समग्र विकास का मॉडल है। सामाजिक सुरक्षा योजनाओं, महिला सशक्तिकरण और कृषि आधारित गतिविधियों को भी इसमें जोड़ा गया है।
स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने योजना के प्रभाव की सराहना करते हुए कहा कि इससे दूरस्थ अंचलों में भरोसा और उम्मीद की नई किरण जगी है। ग्रामीणों ने बताया कि अब उन्हें मूलभूत सुविधाओं के लिए लंबी दूरी तय नहीं करनी पड़ती।
विशेषज्ञों का मानना है कि जब विकास योजनाएं अंतिम व्यक्ति तक पहुंचती हैं, तभी उनका वास्तविक उद्देश्य पूरा होता है। कोरबा के दूरस्थ क्षेत्रों में हो रहे कार्य इसी दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं।
उद्योग मंत्री लखनलाल देवांगन ने कहा कि सरकार का लक्ष्य है कि कोई भी क्षेत्र विकास से वंचित न रहे। उन्होंने विश्वास जताया कि पीएम जनमन योजना के माध्यम से कोरबा सहित पूरे प्रदेश में समावेशी विकास को गति मिलेगी।




