LIVE बुधवार, 17 जून 2026
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छत्तीसगढ़

पद्म विभूषण तीजन बाई की तबीयत बिगड़ी, AIIMS रायपुर के MICU में भर्ती

छत्तीसगढ़ की गौरव और विश्व प्रसिद्ध पंडवानी गायिका, पद्म विभूषण तीजन बाई की तबीयत अचानक बिगड़ गई है, जिसके बाद उन्हें रायपुर स्थित अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS) के मेडिकल इंटेंसिव केयर यूनिट (MICU) में भर्ती कराया गया है। 87 वर्षीय लोक कलाकार की नाजुक हालत को देखते हुए डॉक्टरों की एक विशेष टीम उनकी निगरानी कर रही है और इलाज जारी है।

स्वास्थ्य की स्थिति और इलाज

AIIMS रायपुर के डॉक्टरों के अनुसार, तीजन बाई को सांस लेने में तकलीफ और सामान्य कमजोरी की शिकायत के बाद अस्पताल लाया गया था। उनकी स्थिति को देखते हुए, उन्हें तुरंत MICU में भर्ती कर लिया गया। अस्पताल प्रबंधन ने बताया कि उनकी हालत स्थिर है, लेकिन वे अभी भी गहन निगरानी में हैं। डॉक्टरों की एक टीम, जिसमें हृदय रोग विशेषज्ञ, पल्मोनोलॉजिस्ट और क्रिटिकल केयर विशेषज्ञ शामिल हैं, लगातार उनके स्वास्थ्य मापदंडों पर नजर रख रही है। चिकित्सक उनके बेहतर स्वास्थ्य के लिए हर संभव प्रयास कर रहे हैं और उनके रक्तचाप, ऑक्सीजन स्तर तथा अन्य महत्वपूर्ण संकेतों की बारीकी से जाँच की जा रही है। तीजन बाई के परिवार के सदस्य और कुछ करीबी लोग अस्पताल में मौजूद हैं, जो उनके शीघ्र स्वस्थ होने की कामना कर रहे हैं।

तीजन बाई का परिचय और योगदान

तीजन बाई भारत की एक अद्वितीय लोक कलाकार हैं, जिन्होंने छत्तीसगढ़ की पारंपरिक पंडवानी गायन शैली को विश्व पटल पर पहचान दिलाई है। उनका जन्म 24 अप्रैल, 1956 को छत्तीसगढ़ के भिलाई में हुआ था। उन्होंने अपने जीवन का अधिकांश हिस्सा महाभारत की कहानियों को गायन और नाट्य शैली में प्रस्तुत करने में समर्पित किया है। उनकी अनूठी गायन शैली, जिसमें वे एकतारे और खड़ताल जैसे वाद्य यंत्रों का प्रयोग करती हैं, उन्हें अन्य कलाकारों से अलग बनाती है। उनके असाधारण योगदान के लिए उन्हें भारत के सर्वोच्च नागरिक सम्मानों से नवाजा जा चुका है, जिनमें 1987 में पद्म श्री, 2003 में पद्म भूषण और 2019 में पद्म विभूषण शामिल हैं। उन्होंने न केवल भारत में बल्कि जापान, जर्मनी, फ्रांस, स्विट्जरलैंड और अमेरिका जैसे कई देशों में भी अपनी कला का प्रदर्शन किया है, जिससे पंडवानी को वैश्विक पहचान मिली। वे पंडवानी की कापालिक शैली की प्रमुख प्रतिपादक हैं, जहाँ वे एक हाथ में एकतारा और दूसरे में खड़ताल लेकर महाभारत की कहानियों का ओजस्वी वर्णन करती हैं।

कला जगत और प्रशंसकों में चिंता

तीजन बाई के स्वास्थ्य बिगड़ने की खबर से पूरे कला जगत और उनके लाखों प्रशंसकों में चिंता की लहर दौड़ गई है। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री और अन्य गणमान्य व्यक्तियों ने उनके शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की है। सोशल मीडिया पर भी उनके प्रशंसक उनके जल्द ठीक होने की दुआएं मांग रहे हैं। छत्तीसगढ़ की संस्कृति और पहचान का प्रतीक मानी जाने वाली तीजन बाई ने अपनी कला से पीढ़ियों को प्रेरित किया है। उनकी आवाज और प्रस्तुति ने पंडवानी को एक नई ऊँचाई दी है और कई युवा कलाकारों को इस लोक कला को अपनाने के लिए प्रोत्साहित किया है। उनकी अनुपस्थिति लोक कला मंचों पर स्पष्ट रूप से महसूस की जा रही है, और हर कोई उनके जल्द स्वस्थ होकर मंच पर लौटने की उम्मीद कर रहा है। उनके शिष्य और सहयोगी भी उनके स्वास्थ्य को लेकर चिंतित हैं और लगातार अस्पताल से संपर्क बनाए हुए हैं।

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आगे की प्रक्रिया और उम्मीदें

AIIMS रायपुर में तीजन बाई का इलाज विशेषज्ञ डॉक्टरों की देखरेख में जारी रहेगा। अस्पताल प्रशासन ने उनकी गोपनीयता और बेहतर इलाज सुनिश्चित करने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए हैं। फिलहाल उनकी स्थिति में सुधार की कोई तत्काल जानकारी नहीं है, लेकिन डॉक्टर पूरी तरह से आश्वस्त हैं कि वे उन्हें बेहतर स्वास्थ्य की ओर ले जा पाएंगे। देशभर से लोग उनके स्वास्थ्य लाभ के लिए प्रार्थना कर रहे हैं, और उम्मीद है कि उनकी मजबूत इच्छाशक्ति और डॉक्टरों के अथक प्रयास उन्हें इस मुश्किल घड़ी से उबरने में मदद करेंगे। कला और संस्कृति के प्रति उनके समर्पण को देखते हुए, हर कोई उनके जल्द स्वस्थ होने और एक बार फिर अपनी मधुर आवाज से दर्शकों को मंत्रमुग्ध करने का इंतजार कर रहा है। उनकी कला केवल मनोरंजन का साधन नहीं, बल्कि सांस्कृतिक धरोहर का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है जिसे संजोए रखना आवश्यक है।

Dipti Das
लेखक / Author

दीप्ति दास दबंग आवाज़ की संवाददाता हैं, जो विभिन्न विषयों पर सटीक और संतुलित रिपोर्टिंग के लिए जानी जाती हैं।