LIVE बुधवार, 17 जून 2026
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देश

पीएम मोदी ने 51 हजार युवाओं को दिए नियुक्ति पत्र, वैश्विक अवसरों पर जोर

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज 19वें रोजगार मेले के तहत देश के 47 अलग-अलग स्थानों पर 51 हजार से अधिक युवाओं को नियुक्ति पत्र प्रदान किए। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से आयोजित इस कार्यक्रम में पीएम मोदी ने युवाओं को संबोधित करते हुए बताया कि उनकी हालिया पांच देशों की यात्रा का उद्देश्य भी भारतीय युवाओं के लिए वैश्विक अवसर और रोजगार पैदा करना था। चयनित उम्मीदवारों को रेलवे, गृह मंत्रालय, स्वास्थ्य विभाग और अन्य केंद्रीय मंत्रालयों में नियुक्ति मिली है, जिससे वे अब सरकारी सेवाओं में अपने नए कार्य की शुरुआत करेंगे। प्रधानमंत्री ने अपनी विदेश यात्रा के अनुभवों को साझा करते हुए कहा कि दुनिया भारत के युवाओं और उसकी तकनीकी प्रगति को लेकर बेहद उत्साहित है, और वह भारत की विकास यात्रा का हिस्सा बनना चाहती है।

रोजगार मेले का विस्तार और महत्व

यह 19वां रोजगार मेला देश भर में बड़े पैमाने पर आयोजित किया गया, जिसमें विभिन्न केंद्रीय मंत्रालयों और विभागों में हजारों रिक्तियों को भरा गया। यह पहल प्रधानमंत्री के उस दृष्टिकोण का हिस्सा है जिसके तहत वह युवाओं को सशक्त बनाने और उन्हें सरकारी सेवाओं से जोड़कर देश के विकास में भागीदार बनाने पर जोर देते हैं। इन नियुक्तियों से न केवल युवाओं को स्थायी रोजगार मिलेगा, बल्कि सरकारी तंत्र को भी नई ऊर्जा और क्षमता प्राप्त होगी। रेलवे, गृह मंत्रालय, स्वास्थ्य विभाग जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में युवाओं की नियुक्ति से इन विभागों की कार्यक्षमता में सुधार होगा और नागरिकों को बेहतर सेवाएं मिल सकेंगी। रोजगार मेले की यह श्रृंखला देश में रोजगार सृजन को बढ़ावा देने और सरकारी नौकरियों की उपलब्धता सुनिश्चित करने की सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाती है।

प्रधानमंत्री की विदेश यात्रा और वैश्विक संबंध

प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संबोधन में अपनी हालिया पांच देशों की यात्रा का विशेष उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि इस यात्रा के दौरान उन्होंने कई देशों की बड़ी कंपनियों के नेताओं के साथ विस्तार से बातचीत की। पीएम ने हर जगह एक बात लगातार महसूस की कि दुनिया भारत के युवाओं और भारत की तकनीकी प्रगति को लेकर बेहद उत्साहित है। उन्होंने कहा कि आज दुनिया भारत की विकास यात्रा का हिस्सा बनना चाहती है। भारत भी दुनिया भर के देशों के साथ एक ही उद्देश्य के साथ साझेदारी कर रहा है: भारत के युवाओं के लिए अवसर और रोजगार पैदा करना और उनकी क्षमता को निखारने में मदद करना। प्रधानमंत्री ने यह भी व्यक्त किया कि वह चाहते हैं कि भारत के युवाओं को वैश्विक अनुभव भी मिले, जो उनके कौशल और दृष्टिकोण को व्यापक बनाएगा। यह बयान भारत की बढ़ती वैश्विक भूमिका और अपने मानव संसाधन के लिए अंतरराष्ट्रीय मंचों पर अवसर तलाशने की उसकी रणनीति को उजागर करता है।

प्रमुख देशों के साथ हुए समझौते

प्रधानमंत्री ने बताया कि युवाओं के लिए नए अवसर तलाशने के लिए इन पांच देशों के साथ अलग-अलग क्षेत्रों में समझौते किए गए हैं। इन समझौतों का लक्ष्य भारतीय युवाओं के लिए उच्च-तकनीकी और भविष्योन्मुखी क्षेत्रों में रोजगार और कौशल विकास के अवसर पैदा करना है।

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नीदरलैंड के साथ सेमी कंडक्टर, वॉटर, खेती और उन्नत विनिर्माण (एडवांस्ड मैन्युफैक्चरिंग) को लेकर समझौता हुआ। ये क्षेत्र भारत में तकनीकी नवाचार और औद्योगिक विकास के लिए महत्वपूर्ण हैं।*

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स्वीडन के साथ एआई (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) और डिजिटल नवाचार को लेकर समझौता हुआ। यह डिजिटल अर्थव्यवस्था में भारतीय युवाओं की भागीदारी को बढ़ावा देगा।*

नॉर्वे के साथ ग्रीन एनर्जी और नौपरिवहन (शिपिंग) को लेकर बात हुई। ये समझौते पर्यावरण-अनुकूल प्रौद्योगिकियों और समुद्री व्यापार में नए रास्ते खोलेंगे।*

यूएई के साथ रणनीतिक ऊर्जा और प्रौद्योगिकी साझेदारी हुई। यह ऊर्जा सुरक्षा और तकनीकी सहयोग के लिए महत्वपूर्ण है।*

इटली के साथ रक्षा, महत्वपूर्ण खनिज और तकनीक को लेकर बात हुई। यह रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता और तकनीकी प्रगति में सहायक होगा।*

इन समझौतों से भारत के युवाओं को न केवल इन देशों में काम करने का अवसर मिलेगा, बल्कि इन क्षेत्रों में निवेश और प्रौद्योगिकी हस्तांतरण के माध्यम से देश के भीतर भी नए रोजगार पैदा होंगे।

युवाओं के लिए आगे की राह

प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संबोधन में भारतीय युवाओं के उज्ज्वल भविष्य की परिकल्पना की। उन्होंने कहा कि सरकार युवाओं को न केवल देश के भीतर सरकारी सेवाओं में अवसर प्रदान कर रही है, बल्कि वैश्विक मंच पर भी उनके लिए नए द्वार खोल रही है। इन समझौतों और साझेदारियों का दूरगामी प्रभाव होगा, जिससे भारतीय युवाओं को अत्याधुनिक तकनीकों और उद्योगों में प्रशिक्षित होने और काम करने का मौका मिलेगा। यह सुनिश्चित करने के लिए कि भारत की युवा शक्ति वैश्विक प्रतिस्पर्धा में आगे रहे, सरकार कौशल विकास कार्यक्रमों और उच्च शिक्षा में निवेश बढ़ा रही है। प्रधानमंत्री का यह दृष्टिकोण भारत को एक वैश्विक शक्ति बनाने और उसके युवाओं को दुनिया भर में पहचान दिलाने में सहायक होगा, जिससे वे देश की अर्थव्यवस्था को गति देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकें।

Dipti Das
लेखक / Author

दीप्ति दास दबंग आवाज़ की संवाददाता हैं, जो विभिन्न विषयों पर सटीक और संतुलित रिपोर्टिंग के लिए जानी जाती हैं।