LIVE बुधवार, 17 जून 2026
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छत्तीसगढ़

मुख्यमंत्री सचिवालय में हुआ विभागों का पुनर्गठन: जानें किसको मिली कौन सी जिम्मेदारी

रायपुर स्थित मुख्यमंत्री सचिवालय में प्रशासनिक कामकाज को अधिक प्रभावी, जवाबदेह और परिणामोन्मुख बनाने के उद्देश्य से राज्य सरकार ने अधिकारियों के बीच कार्यों का व्यापक पुनर्गठन किया है। हाल ही में जारी आदेश के अनुसार, सचिवालय के वरिष्ठ अधिकारियों को विभागवार जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं, साथ ही प्रदेश के पांचों संभागों के लिए अलग-अलग अधिकारियों को नोडल जिम्मेदारी भी दी गई है। यह कदम मुख्यमंत्री की घोषणाओं, विशेष परियोजनाओं और जन शिकायतों की निगरानी को अधिक केंद्रित और कुशल बनाने के लिए उठाया गया है।

मुख्यमंत्री सचिवालय का पुनर्गठन

राज्य सरकार ने मुख्यमंत्री सचिवालय की कार्यप्रणाली को सुदृढ़ करने के लिए एक महत्वपूर्ण प्रशासनिक फेरबदल किया है। इस पुनर्गठन का मुख्य लक्ष्य सचिवालय को और अधिक गतिशील बनाना है, ताकि नीतियों का क्रियान्वयन और जनहित के कार्य समयबद्ध तरीके से पूरे हो सकें। नए आदेश के तहत, अधिकारियों के बीच जिम्मेदारियों का स्पष्ट विभाजन किया गया है, जिससे न केवल विभागों की निगरानी में पारदर्शिता आएगी बल्कि मुख्यमंत्री की विभिन्न योजनाओं और विकास कार्यों की प्रगति पर भी पैनी नजर रखी जा सकेगी। यह व्यवस्था सुनिश्चित करेगी कि प्रदेश के हर कोने में विकास कार्यों का लाभ प्रभावी ढंग से पहुँचे और प्रशासनिक दक्षता में वृद्धि हो।

प्रमुख अधिकारियों की नई जिम्मेदारियां

इस पुनर्गठन में प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह को सबसे महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं। उनके अधिकार क्षेत्र में राष्ट्रपति भवन, प्रधानमंत्री कार्यालय, सर्वोच्च न्यायालय, नीति आयोग, लोकसभा-राज्यसभा और अन्य राज्यों के मुख्यमंत्रियों से जुड़े सभी विषय शामिल होंगे। इसके अतिरिक्त, वे मंत्रिपरिषद, समन्वय, अखिल भारतीय सेवा अधिकारियों (AIS), विभागाध्यक्षों, जन घोषणा पत्र, मुख्यमंत्री की विशेष परियोजनाओं और सीएम डैशबोर्ड की निगरानी भी करेंगे। विभागीय स्तर पर, सामान्य प्रशासन, वित्त, खनिज, विधि-विधायी और वाणिज्य एवं उद्योग विभाग उनके अधिकार क्षेत्र में रहेंगे, जो राज्य की आर्थिक और प्रशासनिक रीढ़ माने जाते हैं।

वहीं, सचिव मुकेश कुमार बंसल को मुख्यमंत्री की घोषणाओं की समीक्षा का महत्वपूर्ण दायित्व सौंपा गया है। वे कृषि, पशुपालन, मत्स्य पालन, सहकारिता, ऊर्जा, जल संसाधन, खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति, आबकारी तथा वन एवं जलवायु परिवर्तन जैसे महत्वपूर्ण विभागों की निगरानी करेंगे। ये विभाग सीधे तौर पर जनता के जीवन और राज्य के विकास से जुड़े हैं। सचिवालय के कर्मचारियों से जुड़े कई प्रशासनिक मामलों की जिम्मेदारी भी उनके पास रहेगी, जिससे आंतरिक कामकाज में सुगमता आएगी और कर्मचारी कल्याण सुनिश्चित होगा। यह विभाजन अधिकारियों की विशेषज्ञता का बेहतर उपयोग सुनिश्चित करेगा और कार्यभार को संतुलित करते हुए प्रशासनिक प्रक्रियाओं को गति देगा।

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संभागों की नोडल जिम्मेदारी और उद्देश्य

कार्य विभाजन के इस नए स्वरूप में प्रदेश के पांचों संभागों के लिए अलग-अलग अधिकारियों को नोडल जिम्मेदारी भी सौंपी गई है। यह पहल स्थानीय स्तर पर विकास कार्यों और जन शिकायतों के समाधान में तेजी लाने के उद्देश्य से की गई है, जिससे जमीनी स्तर पर सरकार की पहुँच और प्रभावशीलता बढ़ सके। नोडल अधिकारी अपने-अपने संभागों में मुख्यमंत्री की प्राथमिकता वाली योजनाओं की प्रगति की सीधे निगरानी करेंगे और किसी भी बाधा या समस्या को त्वरित रूप से सचिवालय तक पहुँचाएंगे। इससे सरकार और जनता के बीच सीधा संवाद स्थापित हो सकेगा और दूरस्थ क्षेत्रों की समस्याओं का समाधान भी अधिक प्रभावी तरीके से हो पाएगा। इस कदम से क्षेत्रीय असंतुलन को कम करने और सभी संभागों में समान विकास सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी, जिससे प्रदेश के हर नागरिक को बेहतर सेवाएं मिल सकें।

प्रशासनिक सुधारों का लक्ष्य

मुख्यमंत्री सचिवालय में किया गया यह व्यापक पुनर्गठन राज्य के समग्र प्रशासनिक ढांचे में सुधार लाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इसका मुख्य लक्ष्य प्रशासनिक कामकाज को न केवल अधिक जवाबदेह बनाना है, बल्कि उसे परिणामोन्मुखी भी बनाना है। यह सुनिश्चित किया जाएगा कि सरकार द्वारा निर्धारित लक्ष्य और घोषणाएं समय पर पूरी हों और उनका सीधा लाभ आम जनता तक पहुंचे। अधिकारियों के बीच स्पष्ट जिम्मेदारियां तय होने से कार्य में दोहराव कम होगा और निर्णय लेने की प्रक्रिया भी तेज होगी, जिससे परियोजनाओं के क्रियान्वयन में अनावश्यक देरी से बचा जा सकेगा। यह सुधार मुख्यमंत्री के विजन को जमीनी स्तर पर उतारने में सहायक होगा और राज्य के विकास को नई गति प्रदान करेगा। यह पहल सुशासन की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास है, जिसका उद्देश्य प्रदेशवासियों को एक कुशल, पारदर्शी और जनोन्मुखी प्रशासन प्रदान करना है।

Dipti Das
लेखक / Author

दीप्ति दास दबंग आवाज़ की संवाददाता हैं, जो विभिन्न विषयों पर सटीक और संतुलित रिपोर्टिंग के लिए जानी जाती हैं।