LIVE बुधवार, 17 जून 2026
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छत्तीसगढ़

मन की बात में छत्तीसगढ़ की माटी का गौरव बढ़ा, संपत ने सराहा

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मासिक रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ में छत्तीसगढ़ की माटी और उसकी विशिष्ट पहचान का गौरव बढ़ने पर राज्य में हर्ष का माहौल है। इस संबंध में अपनी प्रतिक्रिया देते हुए संपत ने कहा कि प्रधानमंत्री के इस संबोधन ने राज्य की स्थानीय संस्कृति, परंपराओं और उपलब्धियों को राष्ट्रीय स्तर पर एक महत्वपूर्ण मंच प्रदान किया है, जिससे छत्तीसगढ़ के लोगों का आत्मविश्वास और राज्य के प्रति गौरव और भी बढ़ गया है। यह उल्लेख ऐसे समय में आया है जब राज्य अपनी समृद्ध विरासत और प्रगतिशील पहलों के लिए पहचान बना रहा है।

क्या था ‘मन की बात’ में छत्तीसगढ़ का जिक्र?

हाल ही में प्रसारित ‘मन की बात’ कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश के विभिन्न हिस्सों से प्रेरणादायक कहानियों और उपलब्धियों को साझा किया। हालांकि स्रोत सामग्री में छत्तीसगढ़ के विशिष्ट उल्लेख का विवरण नहीं दिया गया है, पर आमतौर पर ऐसे कार्यक्रमों में स्थानीय कला, हस्तशिल्प, कृषि नवाचार, पर्यावरण संरक्षण पहल या किसी व्यक्ति विशेष की प्रेरक कहानी को शामिल किया जाता है। संपत के बयान से यह स्पष्ट है कि प्रधानमंत्री ने छत्तीसगढ़ से संबंधित किसी ऐसे पहलू को उजागर किया है जिसने राज्य के लोगों को गौरवान्वित महसूस कराया। यह संभव है कि उन्होंने राज्य के किसी विशिष्ट पारंपरिक उत्पाद, जैसे बस्तर आर्ट या ढोकरा कला, अथवा किसी ग्रामीण उद्यमी की सफलता की कहानी का उल्लेख किया हो, जिसने स्थानीय अर्थव्यवस्था में महत्वपूर्ण योगदान दिया हो। ऐसे उल्लेख न केवल स्थानीय कारीगरों और समुदायों को प्रोत्साहित करते हैं, बल्कि उन्हें राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने में भी मदद करते हैं।

संपत के बयान का महत्व

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संपत का यह बयान, जिसमें उन्होंने ‘मन की बात’ में छत्तीसगढ़ की माटी का गौरव बढ़ने की बात कही है, कई मायनों में महत्वपूर्ण है। यह दर्शाता है कि राज्य के नेताओं और जनता के बीच प्रधानमंत्री के इस कार्यक्रम को गंभीरता से लिया जाता है और इसमें किए गए उल्लेखों का गहरा प्रभाव होता है। यह बयान राज्य के लोगों की भावनाओं को दर्शाता है, जो अपनी संस्कृति, परंपराओं और उपलब्धियों को राष्ट्रीय मंच पर देखकर प्रसन्न होते हैं। संपत ने इस बात पर जोर दिया कि ऐसे राष्ट्रीय मंचों पर छत्तीसगढ़ का जिक्र होना न केवल राज्य की ब्रांडिंग करता है, बल्कि स्थानीय उत्पादों और कलाओं को भी बढ़ावा देता है। यह स्थानीय कारीगरों, किसानों और उद्यमियों के लिए एक बड़ा प्रोत्साहन होता है, जिससे उन्हें अपने काम को और बेहतर बनाने की प्रेरणा मिलती है। उनका बयान यह भी रेखांकित करता है कि राष्ट्रीय स्तर पर मिलने वाली पहचान राज्य के समग्र विकास और पर्यटन को भी गति प्रदान कर सकती है।

छत्तीसगढ़ के लिए राष्ट्रीय पहचान के मायने

प्रधानमंत्री मोदी द्वारा ‘मन की बात’ में छत्तीसगढ़ का जिक्र करना राज्य के लिए कई सकारात्मक मायने रखता है। सबसे पहले, यह राज्य की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और प्राकृतिक सौंदर्य को राष्ट्रीय मानचित्र पर लाता है। छत्तीसगढ़, जिसे अक्सर ‘धान का कटोरा’ कहा जाता है, अपनी आदिवासी संस्कृति, घने जंगलों, झरनों और प्राचीन मंदिरों के लिए प्रसिद्ध है। ऐसे राष्ट्रीय कार्यक्रमों में उल्लेख से पर्यटन को बढ़ावा मिलता है, जिससे स्थानीय अर्थव्यवस्था को सीधा लाभ होता है। दूसरा, यह स्थानीय उत्पादों और हस्तशिल्प को नई पहचान दिलाता है। जब प्रधानमंत्री किसी स्थानीय उत्पाद का उल्लेख करते हैं, तो उसकी मांग में अक्सर अप्रत्याशित वृद्धि देखी जाती है, जैसा कि पहले भी कई अन्य राज्यों के उत्पादों के साथ देखा गया है। यह छत्तीसगढ़ के कारीगरों और छोटे उद्यमियों के लिए बाजार के नए अवसर खोलता है। तीसरा, यह राज्य के युवाओं में अपनी मिट्टी और संस्कृति के प्रति गौरव की भावना को मजबूत करता है, उन्हें अपनी जड़ों से जुड़े रहने और अपनी परंपराओं को आगे बढ़ाने के लिए प्रेरित करता है।

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आगे की संभावनाएं

‘मन की बात’ में मिले इस राष्ट्रीय मंच का उपयोग छत्तीसगढ़ के लिए भविष्य में कई नई संभावनाओं के द्वार खोल सकता है। राज्य सरकार और स्थानीय संगठनों को इस पहचान को भुनाने के लिए सक्रिय कदम उठाने चाहिए। उदाहरण के लिए, जिन विशिष्ट उत्पादों या पहलों का उल्लेख किया गया है, उनके प्रचार-प्रसार के लिए विशेष अभियान चलाए जा सकते हैं। पर्यटन विभाग इस अवसर का उपयोग करके छत्तीसगढ़ को एक प्रमुख पर्यटन स्थल के रूप में बढ़ावा दे सकता है। स्थानीय कारीगरों और उद्यमियों को अपने उत्पादों की गुणवत्ता और पहुंच बढ़ाने के लिए सरकारी सहायता और प्रशिक्षण प्रदान किया जा सकता है। यह राष्ट्रीय पहचान राज्य के ब्रांड निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है, जिससे निवेश आकर्षित करने और रोजगार के अवसर पैदा करने में मदद मिलेगी। संपत जैसे नेताओं के बयान यह दर्शाते हैं कि राज्य के भीतर इस तरह की राष्ट्रीय पहचान को कितना महत्व दिया जाता है, और यह भविष्य में छत्तीसगढ़ को देश के विकास में एक महत्वपूर्ण भागीदार के रूप में स्थापित करने में सहायक होगा। यह छत्तीसगढ़ के गौरवशाली इतिहास और उज्ज्वल भविष्य की दिशा में एक और कदम है।

Dipti Das
लेखक / Author

दीप्ति दास दबंग आवाज़ की संवाददाता हैं, जो विभिन्न विषयों पर सटीक और संतुलित रिपोर्टिंग के लिए जानी जाती हैं।