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छत्तीसगढ़

‘शतक’ फिल्म राष्ट्रसेवा का जीवंत दस्तावेज : श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े

श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने ‘शतक’ फिल्म को राष्ट्रसेवा का जीवंत दस्तावेज बताया, युवाओं को प्रेरित करने वाली कहानी और सामाजिक संदेश की सराहना की।

रायपुर। ‘शतक’ फिल्म को राष्ट्रसेवा की प्रेरणादायक कहानी बताते हुए श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने कहा कि यह फिल्म केवल मनोरंजन का माध्यम नहीं, बल्कि समाज और देश के प्रति समर्पण की भावना को दर्शाने वाला जीवंत दस्तावेज है। एक विशेष कार्यक्रम के दौरान उन्होंने फिल्म के संदेश और उसके सामाजिक प्रभाव पर विचार साझा करते हुए युवाओं से राष्ट्रहित में सकारात्मक भूमिका निभाने का आह्वान किया।

कार्यक्रम में फिल्म के विभिन्न पहलुओं पर चर्चा करते हुए श्रीमती राजवाड़े ने कहा कि सिनेमा समाज को जागरूक करने और प्रेरित करने का प्रभावी माध्यम बन सकता है। ‘शतक’ फिल्म में दिखाए गए संघर्ष, सेवा भावना और जिम्मेदारी जैसे विषय युवाओं के लिए सीख देने वाले हैं। उन्होंने कहा कि इस तरह की फिल्मों से समाज में सकारात्मक सोच को बढ़ावा मिलता है।

कार्यक्रम में उपस्थित कलाकारों और आयोजकों ने बताया कि फिल्म का उद्देश्य समाज के उन पहलुओं को सामने लाना है, जो राष्ट्रनिर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। फिल्म की कहानी में सामाजिक सेवा, कर्तव्यनिष्ठा और नैतिक मूल्यों को प्रमुखता दी गई है। दर्शकों ने भी फिल्म के संदेश की सराहना करते हुए इसे प्रेरणादायक बताया।

श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने कहा कि युवाओं को फिल्मों से केवल मनोरंजन ही नहीं, बल्कि जीवन के मूल्यों को समझने का अवसर भी मिलता है। उन्होंने शिक्षा और संस्कृति से जुड़े आयोजनों में इस तरह की प्रेरक फिल्मों को शामिल करने की आवश्यकता पर भी जोर दिया। उनके अनुसार, सिनेमा के माध्यम से समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाया जा सकता है।

कार्यक्रम में फिल्म से जुड़े कलाकारों का सम्मान भी किया गया। उन्होंने बताया कि फिल्म निर्माण में स्थानीय प्रतिभाओं को अवसर दिया गया है, जिससे क्षेत्रीय कला और संस्कृति को बढ़ावा मिला है। कई युवाओं ने कहा कि ऐसी फिल्में उन्हें समाज के प्रति जिम्मेदार बनने की प्रेरणा देती हैं।

विशेषज्ञों का मानना है कि सामाजिक विषयों पर आधारित फिल्में लोगों में जागरूकता बढ़ाने और सकारात्मक सोच विकसित करने में मदद करती हैं। जब सिनेमा में राष्ट्रसेवा और समाजहित जैसे विषयों को दर्शाया जाता है, तो दर्शकों पर उसका गहरा प्रभाव पड़ता है।

श्रीमती राजवाड़े ने कहा कि राज्य में सांस्कृतिक और रचनात्मक गतिविधियों को प्रोत्साहित करने के लिए सरकार लगातार प्रयास कर रही है। उन्होंने कलाकारों से आग्रह किया कि वे समाज और देश के लिए प्रेरणादायक कहानियां प्रस्तुत करते रहें। कार्यक्रम के दौरान दर्शकों ने फिल्म के विभिन्न दृश्यों की सराहना करते हुए कलाकारों को बधाई दी।

रायपुर में आयोजित इस कार्यक्रम ने यह संदेश दिया कि सिनेमा समाज में सकारात्मक बदलाव लाने का सशक्त माध्यम हो सकता है। ‘शतक’ फिल्म को राष्ट्रसेवा के जीवंत दस्तावेज के रूप में सराहना मिलना सांस्कृतिक और सामाजिक दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।



Heshma lahre
लेखक: Heshma lahre

Heshma lahre is a dedicated journalist at Dabang Awaz, known for her comprehensive coverage across all news categories, delivering accurate and timely reports with integrity.