रायपुर। हेपेटाइटिस जैसी गंभीर बीमारी से लोगों को जागरूक करने और बचाव के उद्देश्य से सिम्स (छत्तीसगढ़ इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेस) द्वारा विशेष वैक्सीनेशन और जागरूकता अभियान चलाया गया। इस अभियान के माध्यम से लोगों को हेपेटाइटिस के कारण, लक्षण, बचाव और टीकाकरण के महत्व की जानकारी दी गई।
जानकारी के अनुसार, अभियान के दौरान स्वास्थ्य विशेषज्ञों और डॉक्टरों ने नागरिकों को बताया कि हेपेटाइटिस एक गंभीर संक्रमणजनित बीमारी है, जो मुख्य रूप से लिवर को प्रभावित करती है। समय पर उपचार और टीकाकरण नहीं होने पर यह बीमारी गंभीर रूप ले सकती है। इसलिए जागरूकता और रोकथाम बेहद जरूरी है।
सिम्स परिसर में आयोजित कार्यक्रम में बड़ी संख्या में स्वास्थ्यकर्मी, छात्र और आम नागरिक शामिल हुए। इस दौरान लोगों को हेपेटाइटिस बी सहित अन्य प्रकार के संक्रमण से बचाव के उपाय बताए गए। डॉक्टरों ने कहा कि साफ-सफाई, सुरक्षित रक्त चढ़ाना, सुरक्षित इंजेक्शन का उपयोग और समय पर टीकाकरण इस बीमारी से बचाव के प्रमुख उपाय हैं।
अभियान के तहत पात्र लोगों को वैक्सीनेशन भी किया गया। स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने बताया कि हेपेटाइटिस बी का टीका बीमारी से बचाव में प्रभावी माना जाता है। उन्होंने लोगों से नियमित स्वास्थ्य जांच कराने और किसी भी प्रकार के लक्षण दिखाई देने पर तुरंत चिकित्सकीय सलाह लेने की अपील की।
कार्यक्रम में विशेषज्ञों ने कहा कि कई बार शुरुआती चरण में हेपेटाइटिस के लक्षण स्पष्ट नहीं दिखाई देते, जिससे बीमारी गंभीर हो सकती है। इसलिए लोगों को स्वास्थ्य के प्रति जागरूक रहना चाहिए और नियमित जांच करवानी चाहिए।
सिम्स प्रबंधन ने बताया कि इस अभियान का उद्देश्य लोगों में जागरूकता बढ़ाना और बीमारी की रोकथाम सुनिश्चित करना है। मेडिकल छात्रों और स्वास्थ्यकर्मियों ने भी जागरूकता रैली और संवाद कार्यक्रम के माध्यम से लोगों को जानकारी दी।
अभियान में शामिल लोगों ने इस पहल की सराहना की। उनका कहना है कि इस तरह के कार्यक्रमों से लोगों को गंभीर बीमारियों के प्रति जागरूक होने का अवसर मिलता है और समय पर बचाव संभव हो पाता है।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने यह भी कहा कि हेपेटाइटिस जैसी बीमारियों से बचने के लिए स्वस्थ जीवनशैली अपनाना आवश्यक है। लोगों को स्वच्छता और सुरक्षित स्वास्थ्य प्रक्रियाओं का पालन करना चाहिए।
सिम्स द्वारा चलाया गया यह वैक्सीनेशन और जागरूकता अभियान जनस्वास्थ्य की दिशा में महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है। इससे लोगों में बीमारी के प्रति जागरूकता बढ़ने और टीकाकरण को प्रोत्साहन मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।










