लावण्या फाउंडेशन की “कला की कार्यशाला” में बच्चों और महिलाओं ने कला-संगीत का प्रदर्शन किया, प्रतिभागियों को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया।
रायपुर। लावण्या फाउंडेशन द्वारा 9 जून 2026 को वृंदावन हॉल, सिविल लाइन रायपुर में आयोजित “कला की कार्यशाला” कार्यक्रम उत्साह और गरिमामय वातावरण में संपन्न हुआ। कार्यक्रम में बच्चों एवं महिलाओं ने कला, संगीत, वाद्य यंत्र और नृत्य के माध्यम से अपनी रचनात्मक प्रतिभाओं का प्रभावशाली प्रदर्शन किया। प्रस्तुतियों ने दर्शकों का मन मोह लिया और प्रतिभागियों को भरपूर सराहना मिली।
कार्यक्रम के दौरान विभिन्न सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने सभी का ध्यान आकर्षित किया। इस अवसर पर लावण्या फाउंडेशन द्वारा संचालित रॉयल इवेंट्स एंड म्यूज़िक अकैडमी में वर्षभर प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे बच्चों और महिलाओं को उनके उत्कृष्ट प्रदर्शन एवं सक्रिय सहभागिता के लिए प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया। साथ ही समर क्लास का विधिवत समापन भी किया गया।
प्रदेश के पहले टीवी डांस रियलिटी शो “छत्तीसगढ़ी ठुमका” में अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कर रहे एलएफडी डांस क्रू के बच्चों ने महिला सशक्तिकरण और छत्तीसगढ़ी संस्कृति पर आधारित शानदार नृत्य प्रस्तुतियां दीं। इन प्रस्तुतियों ने कार्यक्रम में मौजूद लोगों को रोमांचित कर दिया। उल्लेखनीय है कि इनमें अधिकांश बच्चे ऐसे हैं जिन्हें संस्था ने गोद लेकर कई वर्षों से शिक्षा एवं सांस्कृतिक प्रशिक्षण प्रदान किया है।
लावण्या फाउंडेशन के संस्थापक एवं अध्यक्ष संदीप शर्मा ने कहा कि कला समाज को जोड़ने और सकारात्मक परिवर्तन लाने का सशक्त माध्यम है। उन्होंने कहा कि बच्चों और महिलाओं को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने के लिए निरंतर मंच उपलब्ध कराना समय की आवश्यकता है। उन्होंने कार्यक्रम की सफलता के लिए सभी प्रतिभागियों, अभिभावकों एवं अतिथियों का आभार व्यक्त किया।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में रायपुर उत्तर विधायक पुरंदर मिश्रा, बाल संरक्षण आयोग की अध्यक्ष डॉ. वर्णिका शर्मा तथा पद्मश्री मदन चौहान उपस्थित रहे। अतिथियों ने फाउंडेशन द्वारा कला और शिक्षा के क्षेत्र में किए जा रहे प्रयासों की सराहना करते हुए ऐसे आयोजनों की निरंतरता पर बल दिया।
कार्यक्रम में शहर के गणमान्य नागरिकों, कला प्रेमियों, अभिभावकों और सामाजिक कार्यकर्ताओं की उल्लेखनीय उपस्थिति रही। कार्यक्रम का सफल संचालन ऋतु श्रीवास्तव ने किया।






