कबीरधाम में आदि कर्मयोगी अभियान के तहत राज्य नोडल अधिकारी एम. राज मुरूगन ने ग्रामीणों से सीधा संवाद कर योजनाओं की समीक्षा और समस्याओं का समाधान सुनिश्चित किया।
रायपुर। राज्य सरकार द्वारा संचालित आदि कर्मयोगी अभियान के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में योजनाओं की जमीनी हकीकत जानने और सीधे संवाद स्थापित करने की प्रक्रिया लगातार जारी है। इसी कड़ी में राज्य नोडल अधिकारी श्री एम. राज मुरूगन ने कबीरधाम जिले का दौरा कर ग्रामीणों से सीधा संवाद किया।
इस दौरान उन्होंने ग्रामीणों की समस्याओं, आवश्यकताओं और सुझावों को गंभीरता से सुना तथा योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन के लिए अधिकारियों को निर्देश भी दिए।
ग्रामीणों से सीधे जुड़ाव पर जोर
संवाद के दौरान श्री मुरूगन ने कहा कि आदि कर्मयोगी अभियान का मुख्य उद्देश्य है कि सरकारी योजनाओं और विकास कार्यक्रमों का लाभ सीधे अंतिम छोर पर बैठे लोगों तक पहुँचे।
उन्होंने बताया कि इस अभियान के माध्यम से न केवल योजनाओं की जानकारी दी जा रही है बल्कि ग्रामीणों की वास्तविक समस्याओं को समझकर उनका त्वरित समाधान भी किया जा रहा है।
ग्रामीणों की भागीदारी
कबीरधाम के विभिन्न गाँवों से आए ग्रामीणों ने इस संवाद कार्यक्रम में उत्साहपूर्वक हिस्सा लिया।
- किसानों ने कृषि संबंधी सुविधाओं और ऋण योजनाओं पर अपने विचार रखे।
- महिलाओं ने स्वरोजगार और स्व-सहायता समूहों की गतिविधियों पर सुझाव दिए।
- युवाओं ने रोजगार और कौशल विकास योजनाओं पर प्रश्न पूछे।
ग्रामीणों ने बताया कि इस प्रकार के कार्यक्रमों से उन्हें अपनी समस्याएँ सीधे सरकार तक पहुँचाने का अवसर मिलता है।
अधिकारी का फीडबैक और निर्देश
श्री मुरूगन ने अधिकारियों से कहा कि योजनाओं का जमीनी क्रियान्वयन पारदर्शी और तेज़ गति से किया जाए। उन्होंने ग्रामीणों को भरोसा दिलाया कि उनकी शिकायतों का समाधान प्राथमिकता पर होगा।
उन्होंने विशेष रूप से शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि और आजीविका मिशन से जुड़ी योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की।
आत्मनिर्भरता पर बल
संवाद के दौरान राज्य नोडल अधिकारी ने ग्रामीणों को आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि
- सरकार की योजनाएँ तभी सफल होंगी जब लोग स्वयं सक्रिय भूमिका निभाएँगे।
- महिला स्व-सहायता समूहों को विशेष सहयोग दिया जाएगा ताकि वे स्थानीय स्तर पर रोजगार और उत्पादन की दिशा में अग्रसर हों।
- युवाओं को कौशल विकास कार्यक्रमों से जोड़कर स्थानीय स्तर पर रोजगार सृजित किए जाएंगे।
पारदर्शिता और तकनीकी उपयोग
श्री मुरूगन ने जोर दिया कि योजनाओं के क्रियान्वयन में डिजिटल माध्यम और तकनीकी उपकरणों का अधिक उपयोग किया जाए। इससे न केवल पारदर्शिता आएगी बल्कि योजनाओं का लाभ तेजी से ग्रामीणों तक पहुँचेगा।
ग्रामीणों की सराहना
ग्रामीणों ने इस पहल की सराहना की। उन्होंने कहा कि सीधे संवाद से उन्हें योजनाओं की सही जानकारी मिलती है और शिकायतों का त्वरित निपटारा संभव होता है।
अभियान का महत्व
आदि कर्मयोगी अभियान का उद्देश्य है –
- शासन और जनता के बीच सीधा संवाद स्थापित करना।
- योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर निगरानी रखना।
- विकास की गति को अंतिम छोर तक पहुँचाना।
यह अभियान ग्रामीण क्षेत्रों को मुख्यधारा से जोड़ने और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक मजबूत कदम साबित हो रहा है।
निष्कर्ष
कबीरधाम में आयोजित यह सीधा संवाद कार्यक्रम दर्शाता है कि राज्य सरकार और प्रशासन ग्रामीणों की समस्याओं को लेकर संवेदनशील है। श्री एम. राज मुरूगन जैसे अधिकारी जब गाँव-गाँव जाकर लोगों से सीधा संवाद करते हैं तो न केवल योजनाओं की खामियाँ सामने आती हैं, बल्कि उनका वास्तविक समाधान भी संभव होता है।
यह पहल ग्रामीण विकास, पारदर्शिता और आत्मनिर्भरता की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।




