वर्ष 2025 में भी गति जारी है, विशेष रूप से बेंगलुरु, दिल्ली-एनसीआर और पुणे में गतिविधियां मजबूत हैं। जीसीसी मुख्य मांग स्रोत थे, जहां बहुराष्ट्रीय कंपनियां सबसे कम लागत वाले वर्कफोर्स के बजाए बजाय भारत को अपनी मुख्य गतिविधियों के लिए इस्तेमाल कर रही थीं। रिपोर्ट में अगले कुछ वर्षों में इन सुविधाओं के लिए 1.3 गुना वृद्धि का अनुमान लगाया गया है।