यह खरीदारी आरबीआई द्वारा पिछले सप्ताह की गई मौद्रिक नीति की घोषणा का हिस्सा है, जिसके तहत सरकारी बॉन्ड की खरीद के माध्यम से बाजार में 1 लाख करोड़ रुपए और विदेशी मुद्रा अदला-बदली सुविधा के माध्यम से करीब 5 अरब डॉलर के बराबर की राशि बैंकिंग सिस्टम में डाली जाएगी।