कार्यक्रम में राज्य के विभिन्न विद्यालयों और महाविद्यालयों से आई छात्राओं ने ‘विकसित छत्तीसगढ़’ के विज़न डॉक्यूमेंट और प्रदर्शनी का अवलोकन किया, जिसमें वर्ष 2047 तक राज्य को आत्मनिर्भर, तकनीकी रूप से सशक्त और पर्यावरणीय दृष्टि से संतुलित बनाने की रूपरेखा प्रस्तुत की गई थी।