इस फैसले से करीब 11 हजार नाविकों की सुरक्षा पर बड़ा सवाल खड़ा हो गया है, जो अभी भी फारस की खाड़ी में फंसे जहाजों पर मौजूद हैं। पिछले कुछ दिनों से संयुक्त राष्ट्र, ओमान और कई सदस्य देशों की मदद से फारस की खाड़ी में फंसे जहाजों को सुरक्षित बाहर निकालने का अभियान चला रहा था.