गुरुकुल परंपरा एवं नैतिक शिक्षा के समन्वय पर बल — श्री रूपनारायण सिन्हा
14 February 2026
दबंग आवाज़ • DABANGAWAZ.COM
श्री रूपनारायण सिन्हा ने गुरुकुल परंपरा और नैतिक शिक्षा के समन्वय पर जोर देते हुए विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास और मूल्य आधारित शिक्षा की आवश्यकता बताई। रायपुर।
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शिक्षा के क्षेत्र में भारतीय परंपराओं और आधुनिक मूल्यों के समन्वय की आवश्यकता पर जोर देते हुए श्री रूपनारायण सिन्हा ने कहा कि गुरुकुल परंपरा और नैतिक शिक्षा का समावेश विद्यार्थियों के समग्र विकास के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है।
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उन्होंने कहा कि शिक्षा केवल ज्ञान तक सीमित नहीं होनी चाहिए, बल्कि उसमें संस्कार, अनुशासन और जीवन मूल्यों का समावेश भी जरूरी है।
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भारतीय शिक्षा परंपरा की प्रासंगिकता श्री सिन्हा ने बताया कि प्राचीन गुरुकुल परंपरा में विद्यार्थियों को शिक्षा के साथ-साथ नैतिकता, आत्मअनुशासन और सामाजिक जिम्मेदारियों का पाठ पढ़ाया जाता था।