IIT इंदौर की एक रिसर्च में कहा गया है कि फूड वेस्ट के साथ एक गैर रोगजनक बैक्टीरिया को मिलाकर इसे कंक्रीट में मिश्रित करने से निर्माण की ताकत दोगुनी हो सकती है और कार्बन उत्सर्जन में भी कटौती की जा सकती है. रिसर्च दल में शामिल प्रोफेसर संदीप चौधरी ने एक न्यूज एजेंसी को बताया, हमने खराब फलों के गूदे और इनके छिलकों जैसे खाद्य अपशिष्ट में एक गैर रोगजनक बैक्टीरिया मिलाया और इसे कंक्रीट में मिश्रित किया.