कहते हैं कि श्रावण के सोमवार पर शुभ संयोगों में शिव जी का पूजन व शिवलिंग का जलाभिषेक करने से भोलेनाथ प्रसन्न होते हैं और साधक को मनवांछित फल की प्राप्ति होती है।श्रावण के दूसरे सोमवार को अचलेश्वर, गुप्तेश्वर व कोटेश्वर पर शिवभक्तों द्वारा कठोर नियम-कायदों से लाये गये गंगाजल से देवाधिदेव महादेव के शिवलिंग स्वरूप का अभिषेक करेंगे।