उपरोक्त संदर्भ में पिछले साल केवल एक राज्य महाराष्ट्र के तत्कालीन मुख्यमंत्री श्री एकनाथ शिन्दे ने चुनाव से पहले परम धर्म संसद १००८ के परमाध्यक्ष, ज्योतिर्मठ के पूज्यपाद शंकराचार्य स्वामीश्री अविमुक्तेश्वरानन्द सरस्वती महाराज की उपस्थिति में गौमाता को महाराष्ट्र की राज्यमाता घोषित कर राज्य में उसके भरण-पोषण की समुचित व्यवस्था किए जाने की घोषणा की गई है।