कोटा परिक्षेत्र में रात्रि गश्त के दौरान वन विभाग ने अवैध रूप से काटे गए सागौन के लट्ठे जब्त कर तस्करी पर कार्रवाई की।
रायपुर। वन विभाग की टीम ने कोटा परिक्षेत्र में रात्रिकालीन गश्त के दौरान सागौन (टीक) के अवैध रूप से काटे गए लट्ठों को जब्त किया है। यह कार्रवाई वन अपराधों पर नियंत्रण और अवैध कटाई की रोकथाम के तहत की गई।
जानकारी के अनुसार, वन अमले को गुप्त सूचना मिली थी कि क्षेत्र में अवैध रूप से सागौन की कटाई कर लकड़ी की तस्करी की जा रही है। सूचना के आधार पर वन विभाग की टीम ने रात्रि गश्त बढ़ाई और संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखी। गश्त के दौरान जंगल क्षेत्र में सागौन के लट्ठे पाए गए, जिन्हें मौके पर ही जब्त कर लिया गया।
अधिकारियों ने बताया कि जब्त की गई लकड़ी की अनुमानित कीमत लाखों रुपए आंकी जा रही है। प्रारंभिक जांच में यह संकेत मिले हैं कि लकड़ी को परिवहन के लिए तैयार किया जा रहा था। संबंधित प्रकरण में अज्ञात आरोपियों के खिलाफ वन अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर जांच प्रारंभ कर दी गई है।
वन विभाग के अधिकारियों ने कहा कि सागौन की अवैध कटाई पर्यावरण और वन संपदा के लिए गंभीर खतरा है। इस प्रकार की गतिविधियों से जैव विविधता प्रभावित होती है और पारिस्थितिक संतुलन पर विपरीत असर पड़ता है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि अवैध कटाई और तस्करी के विरुद्ध सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
कोटा परिक्षेत्र में हाल के दिनों में गश्त और निगरानी को और सुदृढ़ किया गया है। ड्रोन और अन्य तकनीकी साधनों के उपयोग पर भी विचार किया जा रहा है, ताकि वन अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण रखा जा सके।
स्थानीय नागरिकों से भी अपील की गई है कि यदि किसी प्रकार की अवैध गतिविधि की जानकारी हो तो तुरंत वन विभाग को सूचित करें। विभाग ने भरोसा दिलाया कि सूचना देने वालों की पहचान गोपनीय रखी जाएगी।
विशेषज्ञों का मानना है कि वन संपदा का संरक्षण दीर्घकालिक पर्यावरणीय संतुलन के लिए आवश्यक है। अवैध कटाई पर रोक लगाने से प्राकृतिक संसाधनों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सकती है।
वन विभाग की इस कार्रवाई को अवैध लकड़ी तस्करी के खिलाफ महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। अधिकारियों ने कहा कि भविष्य में भी ऐसे अभियानों को निरंतर जारी रखा जाएगा।




