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छत्तीसगढ़

व्यापारियों की लापरवाही! ITR फाइलिंग की डेडलाइन पार, अब लग सकती है पेनाल्टी

धमतरी जिले में 5 हजार से अधिक टैक्सपेयर ITR फाइलिंग डेडलाइन चूक गए। अब उन्हें पेनाल्टी और ब्याज के साथ रिटर्न दाखिल करना होगा।

धमतरी । आयकर रिटर्न (ITR) फाइल करने की अंतिम तिथि 15 सितंबर 2025 को समाप्त हो चुकी है। सरकार द्वारा डेढ़ माह का अतिरिक्त समय देने के बावजूद, धमतरी जिले में करीब 5 हजार से अधिक टैक्स पेयर वित्तीय वर्ष 2024-25 के लिए समय पर आयकर रिटर्न दाखिल नहीं कर पाए हैं।

यह स्थिति न केवल व्यापारियों की लापरवाही को दर्शाती है, बल्कि अब उनके लिए आर्थिक नुकसान की संभावना भी बढ़ गई है। क्योंकि देर से ITR फाइल करने पर जुर्माना और ब्याज का बोझ उठाना पड़ सकता है।


बढ़ाया गया था समय, फिर भी लापरवाही

केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (CBDT) ने इस वर्ष टैक्स पेयर्स की सुविधा के लिए रिटर्न दाखिल करने की अंतिम तारीख 31 जुलाई से बढ़ाकर 15 सितंबर कर दी थी।

  • सरकार का मानना था कि अतिरिक्त समय मिलने से व्यापारी और आम करदाता आसानी से रिटर्न भर पाएंगे।
  • लेकिन धमतरी जिले में बड़ी संख्या में व्यापारी और करदाता फिर भी समय पर ITR दाखिल करने से चूक गए।
  • अब उन्हें जुर्माना भरकर रिटर्न दाखिल करना होगा।

क्या है देर से ITR फाइल करने का नुकसान?

जो करदाता तय समय सीमा तक रिटर्न फाइल नहीं कर पाए हैं, उन्हें आयकर अधिनियम की धारा 234F के तहत पेनाल्टी चुकानी होगी।

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  • पेनाल्टी की राशि :
    • 5 लाख रुपये तक की वार्षिक आय वालों के लिए ₹1,000।
    • 5 लाख से अधिक आय वालों के लिए ₹5,000 तक।
  • देर से रिटर्न फाइल करने पर टैक्स की देनदारी पर ब्याज (इंटरेस्ट) भी जुड़ जाएगा।
  • अगर रिटर्न बिल्कुल भी दाखिल नहीं किया गया तो विभाग नोटिस जारी कर सकता है और आगे कार्रवाई भी संभव है।

टैक्स एक्सपर्ट्स का कहना

धमतरी के टैक्स कंसल्टेंट्स का कहना है कि कई व्यापारी और प्रोफेशनल्स अंतिम समय तक इंतजार करते रहे। सिस्टम पर लोड बढ़ने से आखिरी दिनों में पोर्टल धीमा हो गया।

  • कई लोग डॉक्यूमेंट्स जुटाने में देरी करते रहे।
  • कुछ छोटे व्यापारी और फ्रीलांसर्स ने लापरवाही दिखाई और रिटर्न फाइल करना टालते रहे।
  • अब उन्हें पेनाल्टी के साथ रिटर्न दाखिल करना ही पड़ेगा।

व्यापारियों की प्रतिक्रिया

कुछ व्यापारियों ने माना कि वे समय पर रिटर्न फाइल नहीं कर पाए, लेकिन उनका तर्क है कि प्रक्रियाएं जटिल होने और CA पर निर्भरता की वजह से देरी हुई।

  • छोटे व्यापारियों का कहना है कि उनके पास लेखा-जोखा व्यवस्थित नहीं होता, जिससे अंतिम समय में परेशानी आती है।
  • वहीं, बड़े व्यापारी मानते हैं कि सरकार को एक बार फिर समय बढ़ाना चाहिए था।

सरकार का रुख

केंद्रीय वित्त मंत्रालय ने साफ कहा है कि अब समय सीमा और आगे नहीं बढ़ाई जाएगी।

  • सरकार का मानना है कि बार-बार डेडलाइन बढ़ाने से कर अनुशासन पर असर पड़ता है।
  • जो लोग लापरवाह हैं, उन्हें इसका खामियाजा भुगतना ही होगा।

धमतरी जिले की स्थिति

धमतरी आयकर कार्यालय के आंकड़ों के मुताबिक:

  • जिले में करीब 40 हजार टैक्स पेयर्स पंजीकृत हैं।
  • इनमें से 5 हजार से अधिक ने अब तक ITR दाखिल नहीं किया है।
  • कई व्यापारी और प्रोफेशनल्स ने आखिरी समय तक इंतजार किया और समय निकल गया।

देर से रिटर्न फाइल करने का प्रोसेस

अब जिन टैक्स पेयर्स ने ITR दाखिल नहीं किया है, वे बिलेटेड रिटर्न फाइल कर सकते हैं।

  • इसकी अंतिम तिथि 31 दिसंबर 2025 होगी।
  • इसके लिए पेनाल्टी और ब्याज देना अनिवार्य होगा।
  • रिटर्न फाइल न करने पर आगे चलकर लोन, वीजा और वित्तीय लेन-देन में दिक्कत आ सकती है।

वित्तीय अनुशासन की जरूरत

विशेषज्ञों का मानना है कि टैक्स फाइलिंग सिर्फ कानूनी जिम्मेदारी ही नहीं, बल्कि वित्तीय अनुशासन का हिस्सा भी है।

  • समय पर ITR फाइल करने से टैक्सपेयर को रिफंड का फायदा जल्दी मिलता है।
  • बैंकिंग और फाइनेंशियल रिकॉर्ड भी मजबूत होते हैं।
  • देर करने पर न केवल पेनाल्टी, बल्कि करदाता की साख पर भी असर पड़ता है।

निष्कर्ष जैसा प्रभाव (बिना शब्द “निष्कर्ष”)

स्पष्ट है कि धमतरी जिले में बड़ी संख्या में व्यापारी और टैक्सपेयर अब पेनाल्टी झेलने को मजबूर होंगे। समय रहते रिटर्न फाइल करना हर करदाता की जिम्मेदारी है।

Heshma lahre
लेखक / Author

Heshma lahre is a dedicated journalist at Dabang Awaz, known for her comprehensive coverage across all news categories, delivering accurate and timely reports with integrity.