LIVE बुधवार, 17 जून 2026
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देश में बिजली की कमी नहीं, समस्या राज्यों के स्तर पर: ऊर्जा मंत्री मनोहर लाल

केंद्रीय ऊर्जा मंत्री मनोहर लाल ने सोमवार को जींद के गांव बीबीपुर में सुनील जागलान के आवास पर पत्रकारों से बातचीत करते हुए स्पष्ट किया कि देश में बिजली की कोई कमी नहीं है और केंद्र सरकार हर बढ़ती मांग को पूरा करने में पूरी तरह सक्षम है। उन्होंने साफ तौर पर कहा कि यदि कहीं बिजली की समस्या आती है, तो वह राज्य स्तर पर हो सकती है, क्योंकि बिजली की खरीद और वितरण की जिम्मेदारी सीधे तौर पर राज्य सरकारों की होती है। गर्मी के मौसम में बिजली की बढ़ती मांग और आपूर्ति को लेकर उठ रहे सवालों के बीच उनका यह बयान काफी महत्वपूर्ण है।

देश में पर्याप्त बिजली, राज्यों की जिम्मेदारी

केंद्रीय ऊर्जा मंत्री मनोहर लाल ने अपनी बातचीत में जोर देकर कहा कि राष्ट्रीय स्तर पर बिजली की उपलब्धता में कोई कमी नहीं है। उन्होंने बताया कि इस वर्ष भीषण गर्मी के दौरान देश में बिजली की अधिकतम मांग 271 गीगावॉट तक पहुंच गई थी, जिसे केंद्र सरकार ने सफलतापूर्वक पूरा किया। मंत्री ने यह भी आश्वस्त किया कि आने वाले समय में यदि बिजली की मांग 283 गीगावॉट तक भी पहुंचती है, तो देश के पास उसे पूरा करने की पर्याप्त क्षमता मौजूद है। उन्होंने दोहराया कि बिजली की आपूर्ति और मांग को संतुलित रखने की केंद्र की क्षमता मजबूत है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि किसी क्षेत्र विशेष में बिजली कटौती या आपूर्ति संबंधी दिक्कतें आती हैं, तो उसका मुख्य कारण राज्य सरकारों द्वारा बिजली की खरीद और उसके कुशल वितरण में आने वाली चुनौतियां हो सकती हैं। यह केंद्र और राज्य के बीच बिजली क्षेत्र में जिम्मेदारियों के बंटवारे को रेखांकित करता है।

गर्मी और मानसून का असर: मांग में उतार-चढ़ाव

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मनोहर लाल ने देश के विभिन्न हिस्सों में मौसम के बदलते पैटर्न और उसके बिजली की मांग पर पड़ने वाले असर का भी जिक्र किया। उन्होंने बताया कि इस समय उत्तर भारत में अभी भी गर्मी का असर अधिक है, जिसके चलते इस क्षेत्र में बिजली की मांग अपेक्षाकृत उच्च बनी हुई है। हालांकि, उन्होंने संतोष व्यक्त किया कि दक्षिण भारत में मानसून का आगमन हो चुका है। मानसून के आने से तापमान में गिरावट दर्ज की गई है, जिससे स्वाभाविक रूप से बिजली की मांग में कमी आने की संभावना है। मंत्री ने कहा कि यह स्थिति आने वाले दिनों में बिजली आपूर्ति को लेकर किसी भी तरह की संभावित समस्या को कम करने में सहायक होगी। मौसम परिवर्तन के इस पहलू को ध्यान में रखते हुए, बिजली ग्रिड पर दबाव कम होने और आपूर्ति व्यवस्था के और सुचारु होने की उम्मीद है।

ईंधन बचत और आर्थिक सुदृढ़ता पर जोर

केंद्रीय मंत्री ने प्रधानमंत्री द्वारा देश में ईंधन बचाने और विदेशी मुद्रा भंडार को सुरक्षित रखने के लिए की गई अपील के महत्व पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री का यह आह्वान देश की आर्थिक स्थिति को मजबूत बनाए रखने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इसी कारण सरकार और आम जनता दोनों को तेल और सोने की अनावश्यक खपत कम करने पर जोर दिया जा रहा है। मनोहर लाल ने कहा कि देश के बहुमूल्य संसाधनों का विवेकपूर्ण उपयोग न केवल ऊर्जा सुरक्षा सुनिश्चित करेगा, बल्कि विदेशी मुद्रा भंडार पर पड़ने वाले दबाव को भी कम करेगा। यह पहल दीर्घकालिक आर्थिक स्थिरता और आत्मनिर्भरता के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए आवश्यक है। यह दर्शाता है कि ऊर्जा मंत्रालय केवल बिजली आपूर्ति तक ही सीमित नहीं है, बल्कि व्यापक आर्थिक नीतियों में भी योगदान दे रहा है।

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सामाजिक प्रयासों की सराहना

अपनी बातचीत के दौरान, मनोहर लाल ने सुनील जागलान की सामाजिक पहलों की भी खुलकर सराहना की। उन्होंने विशेष रूप से जागलान द्वारा बेटियों को लेकर चलाए जा रहे अभियानों का जिक्र किया और बताया कि इन अभियानों को प्रधानमंत्री स्वयं अपने मासिक रेडियो कार्यक्रम “मन की बात” में प्रशंसा दे चुके हैं। मंत्री ने कहा कि ऐसे सामाजिक कार्यकर्ता जो सरकारी योजनाओं के पूरक के रूप में समाज में सकारात्मक बदलाव लाने का प्रयास करते हैं, वे राष्ट्र निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने जागलान के प्रयासों को समाज के लिए प्रेरणादायक बताया और कहा कि यह दिखाता है कि व्यक्तिगत स्तर पर किए गए छोटे-छोटे प्रयास भी बड़े सामाजिक परिवर्तन का आधार बन सकते हैं।

Dipti Das
लेखक / Author

दीप्ति दास दबंग आवाज़ की संवाददाता हैं, जो विभिन्न विषयों पर सटीक और संतुलित रिपोर्टिंग के लिए जानी जाती हैं।