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मध्य प्रदेश

3 किलोवॉट रूफटॉप सोलर लगाने पर 78 हजार रूपये की मिलेगी सब्सिडी : एमडी बैंस

 एमडी अमनवीर सिंह बैंस ने कहा है कि ग्रीन एनर्जी के क्षेत्र में प्रदेश निरंतर बेहतरीन कार्य कर रहा 

भोपाल में हुई मीडिया वर्कशाप

भोपाल

मध्यप्रदेश ऊर्जा विकास निगम लिमिटेड (एमपीयूवीएनएल) के एमडी अमनवीर सिंह बैंस ने कहा है कि ग्रीन एनर्जी के क्षेत्र में प्रदेश निरंतर बेहतरीन कार्य कर रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के निर्देशन में “प्रधानमत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली” योजना का लाभ अधिक से अधिक लोगों को दिलाने के लिये शासन प्रतिबद्धतापूर्वक कार्य कर रहा है। उन्होंने बताया कि 3 किलोवाट का सोलर सिस्टम लगाने पर शासन द्वारा 78 हजार रूपये की सब्सिडी का लाभ उपभोक्ताओं को दिया जा रहा है। एमडी बैंस ने जनता से अपील की है कि पीएम सूर्य घर पोर्टल पर अधिक से अधिक आवेदन करें। प्रदेश में लगभग 850 वेंडर इस कार्य में संलग्न किये गये हैं, आवेदक स्वयं उसमें से आप वेंडर का चयन कर सकते हैं। इस प्रकार प्रदेश के क्लीन एनर्जी (स्वच्छ ऊर्जा) के क्षेत्र में सहभागिता सुनिश्चित कर प्रदेश को अव्वल बनाने में अपना योगदान दें।

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एमडी बैंस ने बताया कि मध्यप्रदेश ऊर्जा विकास निगम लिमिटेड और नॉलेज पार्टनर काउंसिल ऑन एनर्जी, एनवायरनमेंट एंड वॉटर ने साथ मिलकर मंगलवार को पीएम सूर्य घर: मुफ्त बिजली योजना के तहत मध्यप्रदेश में रूफटॉप सोलर को बढ़ावा देने के लिये कार्यशाला का आयोजन किया। इसमें मीडिया को राष्ट्रीय और राज्य स्तरों पर रूफटॉप सोलर को बढ़ावा देने वाले प्रावधानों, इसमें मौजूद संभावनाओं और मध्यप्रदेश को सौर ऊर्जा संपन्न बनाने के प्रयासों की जानकारी दी गई।

एमडी बैंस ने कार्यशाला में सौर ऊर्जा को लेकर सरकार के विजन, प्रदेश की सौर ऊर्जा नीति, पीएम सूर्य घर पोर्टल पर आवेदन की प्रक्रिया और प्रदेश में सौर ऊर्जा को बढ़ावा देने में MPUVNL की भूमिका पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि "पीएम सूर्य घर योजना के तहत आवासीय घरों की छतों पर सोलर लगाने का प्रावधान किया गया है। इसमें पहले दो किलोवॉट के लिए प्रति किलोवाट 30 हजार रुपये और तीसरे किलोवॉट के लिए 18 हजार रुपये सब्सिडी केन्द्र सरकार द्वारा दी जा रही है। इस तरह से तीन किलोवाट के रूफटॉप सोलर के लिए कुल 78 हजार रुपये की सब्सिडी उपलब्ध हैं।" पीएम सूर्य घर योजना के तहत रूफटॉप सोलर के लाभों को रेखांकित करते हुए उन्होंने कहा, "इस योजना के बहुत सारे लाभ हैं। इस प्रोजेक्ट से ग्रिड पर उपभोक्ता की निर्भरता कम होती है। इससे दिन के समय उपभोक्ता के इस्तेमाल के लिए सस्ती बिजली उपलब्ध होती है। छतों पर सोलर सिस्टम को लगाने में उपभोक्ताओं की जितनी राशि व्यय होती है, वह पांच से छह वर्ष में रिकवर हो जाएगी। उसके बाद सोलर सिस्टम से बाकी समय में बिजली की बचत के माध्यम से लाभ होगा। इन तीन लाभों के अलावा एक नागरिक होने के नाते उपभोक्ता एक स्वच्छ पर्यावरण, एक क्लीन सस्टेनेबल इको सिस्टम के लिए योगदान कर पाएंगे।

एमडी बैंस ने बताया कि मध्यप्रदेश अक्षय ऊर्जा नीति 2025 के तहत 2030 तक प्रदेश की कुल बिजली खपत में अक्षय ऊर्जा स्रोतों की हिस्सेदारी को 50 प्रतिशत तक पहुंचाने का लक्ष्य है। इसमें राज्य सरकार के हरित ऊर्जा अनुपालन वाले विभागों, मॉडल अक्षय ऊर्जा शहरों और हरित क्षेत्रों के लिए चरणबद्ध विकास का लक्ष्य रखा गया है, जो 2024 में 20 प्रतिशत, 2027 में 50 प्रतिशत और 2030 में 100 प्रतिशत है। इसके अलावा, 2030 तक अक्षय ऊर्जा क्षेत्र में 50,000 से अधिक नौकरियां पैदा करने का भी लक्ष्य है।

एमडी बैंस ने बताया कि मध्यप्रदेश में सौर ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिए CEEW सक्रियता से काम कर रहा है। प्रदेश के विभागों के सहयोग से, लक्षित आउटरीच पहलों की एक सीरीज के माध्यम से पीएम सूर्य घर: मुफ्त बिजली योजना और पीएम-कुसुम जैसी प्रमुख योजनाओं के कार्यान्वयन में भी सहयोग कर रहा है। इसमें MPUVNL और नॉलेज पार्टनर CEEW मिलकर मध्यप्रदेश के संभागीय कार्यालयों में पीएम सूर्य घर : मुफ्त बिजली योजना और पीएम-कुसुम योजनाओं पर जागरूकता कार्यशालाएं आयोजित कर रहे हैं। इनका उद्देश्य जिला स्तरीय अधिकारियों और प्रमुख हितधारकों को वर्तमान योजनाओं के बारे में प्रशिक्षित करना और जागरूकता बढ़ाना है। इन कार्यशालाओं में बिजली के अंतिम उपयोग वाले क्षेत्रों में सौर ऊर्जा को अपनाने के विभिन्न अवसरों को रेखांकित किया जाता है। अब तक पांच संभागों में इन कार्यशालाओं का आयोजन किया जा चुका है। जुलाई व अगस्त महीने में भी कुछ अतिरिक्त सत्र आयोजित किये जायेंगे।

एमडी बैंस ने बताया कि MPUVNL के साथ मिलकर CEEW ने स्थानीय समुदायों तक इन योजनाओं के लाभों, प्रक्रियाओं और अवसरों की जानकारी पहुंचाने के लिए एक सोलर जागरूकता वैन अभियान भी शुरू किया है। यह अभियान पिछले 110 दिनों से सफलतापूर्वक चल रहा है, जिसमें प्रदेश के कई क्षेत्रों को शामिल किया गया है और विभिन्न हितधारकों को जोड़ा गया है।

 

Rana Sikander
लेखक: Rana Sikander

Versatile journalist with experience in conducting in-depth interviews, analyzing complex data, and producing compelling narratives.