मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने ईंधन संरक्षण, ऊर्जा बचत और संसाधनों के संयमित उपयोग पर जोर देते हुए नागरिकों से जिम्मेदारी निभाने की अपील की।
रायपुर। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री Vishnu Deo Sai श्री विष्णुदेव साय ने प्रदेशवासियों से ईंधन संरक्षण तथा प्राकृतिक संसाधनों के संयमित उपयोग का आह्वान करते हुए कहा है कि ऊर्जा बचत केवल आर्थिक आवश्यकता नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के सुरक्षित भविष्य के लिए सामूहिक जिम्मेदारी भी है। उन्होंने कहा कि सीमित संसाधनों के विवेकपूर्ण उपयोग से पर्यावरण संरक्षण को मजबूती मिलेगी और सतत विकास के लक्ष्य को प्राप्त करने में मदद मिलेगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पेट्रोल, डीजल, गैस और अन्य ऊर्जा संसाधनों का अनावश्यक उपयोग न केवल आर्थिक बोझ बढ़ाता है, बल्कि पर्यावरण पर भी प्रतिकूल प्रभाव डालता है। ऐसे में प्रत्येक नागरिक को ईंधन बचत के प्रति जागरूक होना चाहिए। उन्होंने लोगों से अपील की कि छोटी दूरी के लिए पैदल चलने, साइकिल के उपयोग तथा सार्वजनिक परिवहन को प्राथमिकता देने जैसी आदतें अपनाई जाएं।
श्री साय ने कहा कि संसाधनों का संयमित उपयोग केवल सरकारी प्रयासों से संभव नहीं है, बल्कि समाज की सक्रिय भागीदारी भी आवश्यक है। पानी, बिजली और ईंधन जैसे संसाधनों का संरक्षण हर व्यक्ति की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि यदि हर नागरिक छोटी-छोटी सावधानियां बरते, तो बड़े स्तर पर ऊर्जा संरक्षण सुनिश्चित किया जा सकता है।
मुख्यमंत्री ने औद्योगिक संस्थानों, सरकारी कार्यालयों तथा निजी प्रतिष्ठानों से भी ऊर्जा दक्ष तकनीकों को अपनाने की अपील की। उन्होंने कहा कि सौर ऊर्जा और वैकल्पिक ऊर्जा स्रोतों को बढ़ावा देकर पारंपरिक ईंधन पर निर्भरता कम की जा सकती है। इससे न केवल पर्यावरण संतुलन बना रहेगा, बल्कि आर्थिक बचत भी संभव होगी।
उन्होंने युवाओं से विशेष रूप से आगे आने का आह्वान करते हुए कहा कि नई पीढ़ी को ऊर्जा संरक्षण और पर्यावरण सुरक्षा के प्रति जागरूक बनाना समय की सबसे बड़ी जरूरत है। स्कूलों, कॉलेजों और सामाजिक संगठनों के माध्यम से जनजागरूकता अभियान चलाकर लोगों को संसाधनों के महत्व के प्रति संवेदनशील बनाया जा सकता है।
मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने कहा कि प्रकृति ने हमें जो संसाधन दिए हैं, उनका विवेकपूर्ण उपयोग ही समाज और देश के उज्ज्वल भविष्य की कुंजी है। उन्होंने प्रदेशवासियों से अपील करते हुए कहा कि ईंधन बचत और संसाधनों के संरक्षण को जनआंदोलन का रूप दें, ताकि आने वाली पीढ़ियों को स्वच्छ और सुरक्षित पर्यावरण मिल सके।









