LIVE गुरुवार, 14 मई 2026
Advertisement Vastu Guruji
देश

गढ़चिरौली जिले के सुदूर गांव में आजादी के बाद अब पहली बार सरकारी बस सेवा शुरू हुई, जुटे लोग

 गढ़चिरौली 

कभी नक्सलियों का गढ़ रहे महाराष्ट्र के गढ़चिरौली जिले के एक सुदूर गांव में आजादी के बाद अब पहली बार सरकारी बस सेवा शुरू हुई है। पुलिस ने यह जानकारी दी। बुधवार को जब पहली बस मरकनार गांव पहुंची तो स्थानीय लोगों ने राष्ट्रध्वज लहराकर उसका स्वागत किया। पुलिस ने बयान जारी कर बताया कि इस सेवा से मरकनार और आसपास के गांवों के छात्रों समेत लगभग 1,200 निवासियों को लाभ होगा। पुलिस की ओर से दावा किया गया है कि गढ़चिरौली पुलिस के प्रयासों के बाद आजादी के बाद पहली बार सुदूर मरकनार गांव से अहेरी तक बस सेवा शुरू की गई है।

आदिवासी आबादी और नक्सल प्रभावित क्षेत्रों के लिए जाना जाने वाला गढ़चिरौली जिला खराब कनेक्टिविटी की समस्या से जूझ रहा था। मरकनार गांव गढ़चिरौली जिले के भामरागढ़ उपखंड में अबूझमाड़ की तलहटी में स्थित है, जो नक्सलियों का गढ़ था। बुधवार को ग्रामीणों ने पहली बार अपने इलाके में बस सेवा देखी। गढ़चिरौली के पुलिस अधीक्षक नीलोत्पल की पहल पर शुरू की गई राज्य परिवहन सेवा का स्वागत करने के लिए ग्रामीण तिरंगा लेकर एकत्रित हुए। इस सेवा से मरकनार, मुरुंभुशी, फुलनार, कोपरशी, पोयारकोठी और गुंडुरवाही जैसे गांवों के 1,200 से ज्यादा निवासियों, खासकर मरीजों, छात्रों और अन्य यात्रियों को लाभ होगा।

गढ़चिरौली पुलिस ने दूरदराज के इलाकों में परिवहन को आसान बनाने के लिए कई बुनियादी ढांचा परियोजनाएं शुरू की हैं। कहा गया है कि एक जनवरी 2025 को गट्टा-गरदेवड़ा-वांगेतुरी मार्ग पर और 27 अप्रैल को कटेझर से गढ़चिरौली के लिए बस सेवा शुरू की गई। पिछले पांच वर्षों में, गढ़चिरौली पुलिस के संरक्षण में जिले में 420.95 किलोमीटर लंबी 20 सड़कें और 60 पुल बनाए गए हैं। बता दें कि होम मिनिस्टर अमित शाह ने 31 मार्च, 2026 तक नक्सलवाद को पूरी तरह से खत्म करने का टारगेट रखा है।

विज्ञापन
Advertisement

Rana Sikander
लेखक: Rana Sikander

Versatile journalist with experience in conducting in-depth interviews, analyzing complex data, and producing compelling narratives.