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जुलाई से और तेज होगा ऑटो पेमेंट, आ रहा NACH 3.0

नई दिल्ली

नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) की तरफ से बड़ी जानकारी सामने आई है। एनपीसीआई अपने NACH सिस्‍टम को अपडेट करने जा रहा है। एनएसीएच का पूरा नाम होता है नेशनल ऑटोमेटेड क्लियरिंग हाउस। इसके अपडेटेज वर्जन को NACH 3.0 कहा जाएगा। दावा है कि इस अपडेट के बाद जुलाई महीने से ऑटो पेमेंट और फास्‍ट हो जाएगा यानी आप जो पैसा नेटफ्लिक्‍स सब्‍सक्रि‍प्‍शन के लिए देते हैं या फ‍िर बिजली-पानी के बिल ऑटो पेमेंट शेड्यूल करते हैं और फटाफट हो जाएंगे। ईटी की रिपोर्ट के अनुसार, लोगों के अकाउंट में सैलरी भी झट से ट्रांसफर हो सकेगी और ईएमआई चुकाना भी डिजिटली फास्‍ट हो जाएगा। दावा है कि NACH 3.0 को इस तरह डिजाइन किया गया है कि यह हाईटेक सिक्‍योरिटी नियमों का फॉलो करता है। कैसे काम करती है NACH 3.0 तकनीक, आइए जानते हैं।

क्‍या है NACH 3.0 सिस्‍टम
जैसाकि हमने बताया, NACH का पूरा नाम नेशनल ऑटोमेटेड क्लियरिंग हाउस है। यह भारतीय बैकों के बीच ट्रांजैक्‍शन का मजबूत ऑटोमेटेड सिस्‍टम है। इसी सिस्‍टम के जरिए आपके अकाउंट में सैलरी, सब्‍सिडी, पेंशन आदि का पैसा ऑनलाइन ट्रांसफर होता है। साथ ही आप अपना लोन बाकी ऑटो पेमेंट कर पाते हैं। इसी सिस्‍टम के जरिए आपकी एसआईपी का पैसा भी अकाउंट से कटता है।

NACH 3.0 सिस्‍टम में कौन से तकनीकी बदलाव हो रहे
इस तरह के सिस्‍टमों में जीपीयू यानी ग्राफ‍िकल यूजर इंटरफेस का बड़ा रोल होता है। NACH के जीपीयू को अपग्रेड किया गया है। इससे यह यूजर्स को ज्‍यादा फास्‍ट और सिक्‍योर एक्‍सपीरियंस देगा। कहा जा रहा है कि तकनीकी बदलाव के बाद ज्‍यादा संख्‍या में पेमेंट हो पाएंगे और फास्‍ट ट्रांसफर होंगे। ईटी की रिपोर्ट कहती है कि लोगों को सेल्‍फ सर्विस यूजर मैनेजमेंट की सुविधा मिलेगी और बिना बैंक की मदद से वह कई डिजिटल कामों को पूरा कर पाएंगे।

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यूजर्स का डेटा रहेगा और सेफ
NACH 3.0 के आने से यूजर्स का डेटा पहले से भी ज्‍यादा सुरक्ष‍ित रहेगा। रिपोर्ट के अनुसार, NACH 3.0 में डेटा सुरक्षा के साथ ट्रांजैक्‍शंस को बेहतर करने के लिए एडवांस सिक्‍योरिटी स्‍टैंडर्ड लाए गए हैं। इनकी मदद से किसी भी गैरजरूरी एक्‍सेस को इजाजत नहीं दी जाएगी यानी कोई सिस्‍टम के साथ गड़बड़ी नहीं कर पाएगा। यूजर का अकाउंट सेफ रखने के लिए उसे मल्‍टी-फैक्‍टर ऑथेन्टिकेशन की सुविधा मिलेगी। कोई भी फाइल प्‍लेन टेक्‍स्‍ट में डाउनलोड नहीं होगी। हर फाइल में एक एन्‍क्रिप्‍शन होगा, ताकि आपके लेनदेन की जानकारी किसी और की निगाह में ना आने पाए।

Rana Sikander
लेखक: Rana Sikander

Versatile journalist with experience in conducting in-depth interviews, analyzing complex data, and producing compelling narratives.