LIVE बुधवार, 13 मई 2026
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मध्य प्रदेश

37% महिलाओं की शिकायत: पति के पास घर-बच्चों के लिए समय नहीं, टेलिमानस पर 55% कॉलें इंदौर से

इंदौर
 नौकरी, पारिवारिक चिंता, आर्थिक स्थिति, रिश्ते अच्छे नहीं होना आदि के कारण तनाव बढ़ता जा रहा है। सरकार द्वारा मनोरोग के लिए संचालित टेलिमानस हेल्पाइन नंबर पर हर वर्ष 60 हजार से अधिक फोन आ रहे हैं। इन फोन करने वालों में महिलाओं की संख्या 37 प्रतिशत है। महिलाएं समस्या बता रही हैं कि पति के पास घर और बच्चों के लिए समय नही हैं। जिसके कारण रिश्ते खराब हो रहे हैं।

ये हैं महिलाओं की समस्या के प्रमुख कारण

हम एकल परिवार में रहते हैं। ऐसे में किसी से बात भी नहीं कर पाते हैं। बच्चे भी पापा से बात करने के लिए तरस जाते हैं। इस तरह की समस्या को लेकर बड़ी संख्या में कॉल आ रहे हैं। जिनकी विशेषज्ञों द्वारा काउंसलिंग की जा रही है। यह समस्या सिर्फ एक घर की नहीं है। कई परिवार इस समस्या के कारण जुझ रहे हैं।

इंदौर और ग्वालियर दो जिलों में टेलिमानस संचालित हो रही

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मध्य प्रदेश में इंदौर और ग्वालियर दो जिलों में टेलिमानस संचालित हो रही है। सबसे अधिक 55 फीसदी फोन इंदौर जिले से आ रहे हैं। इसमें विभिन्न मनोरोग से जुड़ी समस्याओं को लेकर फोन आते हैं।

विशेषज्ञों के मुताबिक आज के दौर में हर व्यक्ति अपने हिसाब से जिंदगी जीना चाहता है। जिसके कारण समस्या काफी बढ़ गई है। वह अपने परिवार को ठीक से समय नहीं देता है। जिसके चलते रिश्तों में समस्या आ रही है।

इसके अलावा महिलाओं में घर के काम का तनाव, पति, बच्चे, सास-ससुर आदि से सबंधित भी समस्याएं रहती है। कई बार सास-ससुर से संबंध अच्छे नहीं होने के कारण भी समस्या बढ़ती है। टेलिमानस हेल्पलाइन पर आने वाले फोन में 60 प्रतिशत पुरुष व 37 प्रतिशत महिलाएं शामिल है।

इन समस्याओं को लेकर भी आ रहे फोन

नींद नहीं आना, उदासी, दिनभर तनाव महसूस होना, गतिविधियों में रुचि कम होना, थकान होना, घबराहट, झटके आना, पढ़ाई संबंधित तनाव, विचित्र व्यवहार, निराशा, बार-बार हस्तक्षेप से परेशान, किसी स्थिति में डर महसूस होना, बिना कारण के शरीर में दर्द होना, रिश्तों से जुड़ी समस्या, एकाग्रता की कमी, ऐसी चीजें देखना जो नहीं हैं, शराब, धूम्रपान का अधिक सेवन, अत्यधिक प्रसन्नता या चिड़चिड़ापन आदि।

यह है टेलिमानस

टेलिमानस (टेली मेंटल हेल्थ असिस्टेंस एंड नेटवर्किंग अक्रास स्टेट्स) भारत सरकार की राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य हेल्पलाइन है। यह 24×7 टोल-फ्री सेवा है, जहां फोन पर मानसिक तनाव, अवसाद, घबराहट, नींद की समस्या, पारिवारिक तनाव और आत्महत्या जैसे विचारों पर विशेषज्ञों से परामर्श लिया जा सकता है।

इसकी शुरुआत 10 अक्टूबर 2022 को विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस पर स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा की गई थी।

इसलिए शुरू की सुविधा

    कोविड काल के बाद देश में मानसिक तनाव, अवसाद और चिंता के मामले तेजी से बढ़े।

    ग्रामीण और छोटे शहरों में मनोचिकित्सकों की कमी।

    लोग मानसिक बीमारी को लेकर झिझक और सामाजिक डर के कारण मदद नहीं लेते।

    तुरंत, सुलभ और गोपनीय सहायता देने की जरूरत।

ऐसे करें उपयोग

    टोल-फ्री नंबर डायल करें: 14416 या 1-800-891-4416
    कॉल रिसीव होते ही भाषा चुनने का विकल्प
    प्रशिक्षित काउंसलर से बातः जरूरत पर वरिष्ठ विशेषज्ञ से जोड़ा जाता है।
    सेवा पूरी तरह गोपनीय और निश्शुल्क

 

Rana Sikander
लेखक: Rana Sikander

Versatile journalist with experience in conducting in-depth interviews, analyzing complex data, and producing compelling narratives.