LIVE बुधवार, 13 मई 2026
Advertisement Vastu Guruji
मध्य प्रदेश

राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के अनुसरण में पाठ्यक्रम एवं पुस्तक लेखन, निरंतर चलने वाली प्रक्रिया : उच्च शिक्षा मंत्री परमार

भोपाल 
मध्यप्रदेश, राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 को लागू करने वाला देश भर में अग्रणी राज्य है। प्रदेश में, राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के परिप्रेक्ष्य में हो रहा द्रुत गति से क्रियान्वयन, देश भर में चर्चा का विषय है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के संदर्भ में भारतीय ज्ञान परम्परा को लेकर हो रहे तेज गति से क्रियान्वयन से, मप्र उदाहरण के रूप में स्थापित हो रहा है। देश के अन्य राज्यों के लिए, हमारी कार्यशैली अभिप्रेरक बनें, इस आशय के साथ हमें सावधानीपूर्वक कार्य करने की आवश्यकता है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के अनुसरण में, तीव्र गति के साथ क्रियान्वयन करते हुए आगामी लक्ष्यों के निर्धारण में, मप्र हिन्दी ग्रन्थ अकादमी का योगदान अनुकरणीय है। यह बात उच्च शिक्षा, तकनीकी शिक्षा एवं आयुष मंत्री श्री इन्दर सिंह परमार ने शनिवार को भोपाल स्थित होटल पलाश में, मप्र हिन्दी ग्रन्थ अकादमी के 55वें स्थापना दिवस समारोह में सहभागिता कर कही। श्री परमार ने अकादमी परिवार को स्थापना दिवस की शुभकामनाएं भी प्रेषित की।

उच्च शिक्षा मंत्री श्री परमार ने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के अनुसरण में पाठ्यक्रम एवं पुस्तक लेखन की प्रक्रिया, निरंतर चलने वाली प्रक्रिया है। इस लक्ष्य की ओर बढ़ने में, मप्र हिन्दी ग्रन्थ अकादमी लगातार क्रियाशील है। विद्यार्थियों के लिए गुणवत्तापूर्ण एवं मितव्ययी पाठ्य सामग्री उपलब्ध कराने के लिए, बाजार में भी हिन्दी ग्रन्थ अकादमी की पुस्तकें उपलब्ध कराने की आवश्यकता है; इससे शिक्षा के व्यापारीकरण पर लगाम लग सकेगी। श्री परमार ने अकादमी के लेखकों को लेखन में सावधानी बरतते हुए, व्यापक लक्ष्य की प्राप्ति की ओर बढ़ने की बात कही।

मंत्री श्री परमार ने मप्र हिन्दी ग्रन्थ अकादमी के ब्रॉशर – "विकास गाथा" एवं संस्थान की द्विमासिक पत्रिका "रचना" के नवीन अंक का विमोचन किया। उन्होंने अकादमी के संयुक्त संचालक डॉ उत्तम सिंह चौहान द्वारा रचित पुस्तक "समाज विज्ञान का दार्शनिक आधार (आधुनिक एवं भारतीय परंपरागत परिप्रेक्ष्य) एवं लेखिका श्रीमती वंदना त्रिपाठी के काव्य संग्रह "दिल से निकले कविता हो गए" का भी विमोचन किया।

अकादमी के संचालक श्री अशोक कड़ेल ने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 लागू करने में, हमारा प्रदेश अग्रणी राज्य है। श्री कड़ेल ने हिन्दी ग्रन्थ अकादमी की यात्रा और उच्च शिक्षा में योगदान पर सारगर्भित प्रकाश डाला। श्री कड़ेल ने अकादमी के अधिकारी एवं कर्मचारियों को स्थापना दिवस की शुभकामनाएं भी दी।

विज्ञापन
Advertisement

समारोह में मप्र निजी विश्वविद्यालय विनियामक आयोग के चेयरमैन डॉ भरत शरण सिंह, अटल बिहारी हिंदी विश्वविद्यालय भोपाल के कुलगुरु प्रो खेमसिंह डहेरिया एवं अकादमी के पूर्व संचालक श्री देवेंद्र दीपक सहित विभिन्न विश्वविद्यालयों के कुलगुरु, विभिन्न उच्च शिक्षण संस्थानों के निदेशक, प्राध्यापक, लेखक, शिक्षाविद् एवं उच्च शिक्षा विभाग के अधिकारियों सहित अकादमी के अधिकारी – कर्मचारी उपस्थित थे। कार्यक्रम का संचालन अकादमी के सहायक संचालक श्री राम विश्वास कुशवाह ने किया एवं संयुक्त संचालक डॉ उत्तम सिंह चौहान ने आभार व्यक्त किया।

 

Rana Sikander
लेखक: Rana Sikander

Versatile journalist with experience in conducting in-depth interviews, analyzing complex data, and producing compelling narratives.