LIVE गुरुवार, 14 मई 2026
Advertisement Vastu Guruji
अंतराष्ट्रीय

डोनाल्ड ट्रम्प ने एक बार फिर अपनी विवादित और चौंकाने वाली शैली में अंतर्राष्ट्रीय राजनीति में सनसनी फैला दी

वाशिंगटन 
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने एक बार फिर अपनी विवादित और चौंकाने वाली शैली में अंतर्राष्ट्रीय राजनीति में सनसनी फैला दी है। उन्होंने कनाडा को एक औपचारिक प्रस्ताव दिया है कि यदि वह  अमेरिका का 51वां राज्य बनता है  तो उसे अमेरिका की नई हाई-टेक एयर डिफेंस प्रणाली ‘गोल्डन डोम’ बिल्कुल मुफ्त में दी जाएगी।यह बयान ट्रम्प ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'Truth Social'  पर साझा किया, जहां उन्होंने दावा किया कि कनाडा पहले से ही इस रक्षा प्रणाली में शामिल होने का इच्छुक है। लेकिन ट्रम्प ने इस पर एक शर्त जोड़ दी  कि कनाडा को अमेरिका में शामिल होना होगा, तभी यह डिफेंस कवच मुफ्त में मिलेगा।

वर्ना चुकाने होंगे 61 अरब डॉलर 
अगर कनाडा स्वतंत्र राष्ट्र बना रहता है और अमेरिका का हिस्सा नहीं बनता, तो ट्रम्प के अनुसार उसे इस 'गोल्डन डोम' डिफेंस सिस्टम के लिए लगभग 61 अरब डॉलर (करीब 5 लाख करोड़ रुपये)  का भुगतान करना होगा।ट्रम्प का कहना है कि अमेरिका अब "दूसरे देशों की सुरक्षा मुफ्त में नहीं करेगा", और जो राष्ट्र अमेरिका से सुरक्षा चाहते हैं, उन्हें "मूल्य चुकाना होगा या भागीदार बनना होगा।"

क्या है 'गोल्डन डोम'?
‘ गोल्डन डोम ’ अमेरिका द्वारा प्रस्तावित एक अत्याधुनिक एयर डिफेंस सिस्टम   है, जिसे ट्रम्प प्रशासन द्वारा पुनः राष्ट्रपति बनने की स्थिति में 2026 से विकसित किया जाएगा। इसकी कुछ खास बातें इस प्रकार हैं:
 
     यह सिस्टम अंतरिक्ष से दागी गई मिसाइलों को हवा में ही मार गिराने में सक्षम  होगा।
      इसमें  हाइपरसोनिक, बैलिस्टिक और क्रूज मिसाइलों से रक्षा करने की क्षमता होगी।
      इस तकनीक को अमेरिका के सैन्य अनुसंधान संस्थानों और निजी रक्षा कंपनियों के सहयोग से विकसित किया जा रहा है।
      परियोजना का प्रारंभिक बजट 25 अरब डॉलर है और इसे  2029 तक पूरी तरह से ऑपरेशनल करने की योजना है।
     यह प्रणाली अमेरिका की मौजूदा मिसाइल रक्षा व्यवस्था, जैसे कि THAAD और Patriot से कहीं अधिक उन्नत मानी जा रही है।

ट्रम्प का दावा है कि यह अमेरिका को "मिसाइल हमलों से पूरी तरह सुरक्षित" बना देगा और इसके उपयोग से अमेरिकी सहयोगी देशों को भी अभूतपूर्व सुरक्षा मिलेगी बशर्ते वे अमेरिका की शर्तें मानें।

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कनाडा की प्रतिक्रिया 
इस विवादित प्रस्ताव पर कनाडा सरकार की ओर से अब तक कोई औपचारिक बयान जारी नहीं किया गया है। हालांकि, कनाडा के प्रधानमंत्री  मार्क कार्नी ने पत्रकारों से बातचीत में कहा: "हम अमेरिका के साथ उन्नत रक्षा सहयोग पर विचार कर रहे हैं, लेकिन कनाडा एक  स्वतंत्र और संप्रभु राष्ट्र  है। कोई भी साझेदारी हमारे  राष्ट्रीय हितों और स्वतंत्रता के अनुरूप ही होगी।"उन्होंने स्पष्ट किया कि कनाडा अपनी विदेश और रक्षा नीतियों में  खुदमुख्तारी बरकरार रखेगा और किसी भी प्रस्ताव पर गंभीर सोच-विचार  के बाद ही निर्णय लिया जाएगा।
 
ट्रम्प का प्रस्ताव राजनीतिक दबाव  की रणनीति
यह प्रस्ताव ऐसे समय पर आया है जब  अमेरिका और कनाडा के बीच NORAD के तहत रक्षा सहयोग पहले से मौजूद है। अमेरिका नाटो (NATO) सहयोगी देशों से अधिक वित्तीय योगदान  की अपेक्षा करता रहा है। ट्रम्प अपने पिछले कार्यकाल में भी नाटो देशों से अधिक भुगतान की मांग कर चुके हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि ट्रम्प का यह प्रस्ताव राजनीतिक दबाव  की रणनीति है, ताकि कनाडा जैसे पड़ोसी राष्ट्रों को अमेरिका की रक्षा प्रणाली के लिए अधिक फंडिंग या रणनीतिक संरेखण  की ओर प्रेरित किया जा सके।

अमेरिका-कनाडा संबंधों होंगे और तनावपूर्ण 
डोनाल्ड ट्रम्प का यह "51वां राज्य" वाला प्रस्ताव केवल एक सैन्य सहयोग की पेशकश नहीं है, बल्कि यह कनाडा की  राजनीतिक स्वतंत्रता  और  राष्ट्रीय अस्मिता  के लिए सीधी चुनौती भी माना जा रहा है।यह बयान न केवल अमेरिका-कनाडा संबंधों को तनावपूर्ण बना सकता है, बल्कि वैश्विक राजनीति में यह प्रश्न भी उठाता है कि क्या सुपरपावर राष्ट्र अपनी सैन्य शक्ति के बल पर कूटनीतिक दबाव बनाने की नई रणनीति अपना रहे हैं?

Rana Sikander
लेखक: Rana Sikander

Versatile journalist with experience in conducting in-depth interviews, analyzing complex data, and producing compelling narratives.