LIVE बुधवार, 13 मई 2026
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मध्य प्रदेश

कृषि उद्योग समागम में हो रहा आधुनिक तकनीकों और नवाचारों का भव्य प्रदर्शन

कृषि उद्योग समागम में हो रहा आधुनिक तकनीकों और नवाचारों का भव्य प्रदर्शन

किसानों को उन्नत कृषि, जैविक खेती, बागवानी और यंत्रीकरण से जोड़ने की हो रही सराहना

कृषि वैज्ञानिकों ने दिया किसानों को मार्गदर्शन, किया किसानों की जिज्ञासाओं का समाधान

प्रदर्शनी के स्टॉलों पर उमड़ा किसान सैलाब

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भोपाल

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में प्रदेश में किसानों को आत्मनिर्भर और तकनीक-सक्षम बनाने की दिशा में किये जा रहे अभिनव प्रयासों की श्रृखला में तीन दिवसीय ‘कृषि उद्योग समागम’ किसानों के लिए जानकारियों का महकुंभ सिद्ध हो रहा है। समागम के दूसरे दिन मंगलवार को कृषि से संबंधित नवीनतम यंत्रों, तकनीकों, बीजों और योजनाओं का व्यापक प्रदर्शन किया गया। साथ ही कृषि विश्वविद्यालय जबलपुर के वैज्ञानिकों ने जैविक खेती, कीट प्रबंधन, उन्नत बीज और मशीनों के उपयोग पर किसानों को विस्तृत जानकारी दी। विशेषज्ञों ने पशुपालन, मृदा परीक्षण, जैव उर्वरक जैसे विषयों पर भी किसानों का मार्गदर्शन किया।

नरसिंहपुर की कलेक्टर श्रीमती शीतला पटले ने बताया कि मेले में 90 से अधिक विभागीय स्टॉल लगाए गए हैं, जिनमें ड्रोन तकनीक, एआई युक्त कृषि उपकरण, पॉवर स्प्रेयर, नैनो फर्टिलाइजर, जैविक उत्पाद और आधुनिक यंत्र किसानों को आकर्षित कर रहे हैं।

प्रगतिशील तकनीक और यंत्रों का व्यापक प्रदर्शन

‘कृषि उद्योग समागम’ में एमपी स्टेट एग्रो इंडस्ट्रीज डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन ने मवेशियों के लिए केटर डिंकिंग वाटर टेंकर, मोबाइल जीआई वाटर प्यूरिफायर, और मैकेनाइज्ड ग्रेन सेग्रेगेशन सिस्टम जैसे उन्नत यंत्र प्रदर्शनी में रखे गए हैं। तीर्थ एग्रीकल्चर प्राइवेट लिमिटेड, गुजरात की राउंड बेलर, स्मार्ट प्लांटर, सुपर सीडर, थ्रेशर आदि मशीनें किसानों के आकर्षण का केन्द्र बनी हुई हैं। कृषि गति, पुणे के स्टॉल पर प्रदर्शित इलेक्ट्रिक बैल भी किसानों का कौतूहल बढ़ा रहा है। इससे बुआई, निदाई और कीटनाशक छिड़काव किया जा सकता है।

बीजों की प्रदर्शनी और जानकारी

किसानों को प्रमाणित, उन्नत बीजों की जानकारी देने के लिये कुशवाहा बीज भंडार, नरसिंहपुर सहित कई स्टॉल लगाए गए। इन स्टॉल्स पर हजारों किसानों ने जानकारी ली और बीजों की खरीद भी की। गाडरवारा के किसान श्री विजय पाल ने प्रदर्शनी में आम की विभिन्न प्रजातियों (राजापुरी, लंगड़ा, दशहरी, गोल्डन केसर आदि) रखे हैं। श्री विजय पाल ने किसानों को बताया कि एक एकड़ आम की खेती से दो वर्षों में 1.5 लाख रुपये तक की आमदनी होती है।

राज्य भर के किसानों की भागीदारी और सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ

कार्यक्रम में नरसिंहपुर, डिंडोरी, सिवनी, छिंदवाड़ा, जबलपुर, सागर जिलों से आए हजारों किसानों ने भाग लिया। भजन मंडली ने लोकगीत प्रस्तुत किए। प्रदर्शनी में आयोजित क्विज में सही उत्तर देने वाले किसानों को पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया।

 

Rana Sikander
लेखक: Rana Sikander

Versatile journalist with experience in conducting in-depth interviews, analyzing complex data, and producing compelling narratives.